केशूभाई पटेल ने आखिरकार विदाई ले ही ली

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गुजरात भाजपा के बागी नेता केशूभाई पटेल ने आखिरकार औपचारिक रूप से पार्टी से 50 साल पुराना नाता तोड़ ही लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की राजनीति में तीसरा मोर्चा खड़ा करने का एलान कर दिया। केशूभाई ने कहा वह अब जनता के लिए काम करेगे। उन्हे कोई सत्ता की दरकार नहीं है। उनके साथ पूर्व केंद्रीय नेता काशीराम राणा ने भी पार्टी छोड़ दी।

गाधीनगर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के सरकारी आवास पर शनिवार सुबह से ही भारी भीड़ थी। यहीं केशूभाई तथा काशीराम ने भाजपा के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर फैक्स भेजकर पार्टी छोड़ने की सूचना दी।

उन्होंने कहा कि अपने छह दशक के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया। केशूभाई ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार संवेदनहीन हो गई है। पार्टी छोड़ते हुए उन्हें खुद पीड़ा हो रही है लेकिन अब गुजरात में भाजपा नहीं रही है। एक व्यक्ति ने सरकार तथा सत्ता पर कब्जा कर लिया है।

केशूभाई रविवार को अपनी नई पार्टी का एलान करेगे। राजनीति में आने की घोषणा के साथ ही अन्ना टीम के केशूभाई पटेल के साथ गुजरात में हाथ मिलाकर एक राजनीतिक प्रयोग करने की अटकलें लगने लगी हैं। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री काशीराम राणा ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पटेल ने शनिवार शाम अपने आवास पर बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे पांच दशकों तक भाजपा के लिए काम करने के बाद भारी मन से पार्टी छोड़ रहे हैं। पटेल ने कहा, ‘मैं और काशीराम राणा ने कोई पद या सत्ता की अपेक्षा किए बिना जीवन भर भाजपा के लिए काम किया। हमने सोचा था कि हम पार्टी कार्यकर्ताओं की अगली पीढ़ी के लिए आधार तैयार कर रहे हैं लेकिन मौजूदा सरकार आम जनता की अपेक्षा पर खरी नहीं उतर पाई है’। माना जा रहा है कि भाजपा से इस्तीफा देने के बाद केशूभाई पटेल रविवार को नई पार्टी का ऐलान करेंगे। गुजरात के सौराष्ट्र और निकटवर्ती इलाकों में पटेल का अच्छा खासा प्रभाव है। वरिष्ठ भाजपा नेता केशूभाई पटेल ने रविवार को मोदी पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने लोगों से मोदी से दूर रहने और राज्य में बदलाव लाने की अपील की है। यही नहीं, केशूभाई ने भाजपा से बाहर किए गए संजय जोशी की भी प्रशंसा की है।  केशूभाई ने कहा, ‘कोई मेरा मुंह बंद नहीं कर सकता। पार्टी अनुशासन के नाम पर कोई भी मुझे विचार व्यक्त करने से नहीं रोक सकता।’ पंचमहल जिले के कानकोडाकोई गांव में आदिवासी, अधिकार जागरण रैली को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा, लोगों को लंपट शंख (झूठे वादे करने वाले के लिए गुजराती में इस्तेमाल होने वाला शब्द) से बचकर रहना चाहिए। मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने राज्य की 82 लाख जनजातीय आबादी से गुजरात में अगले विधानसभा चुनाव में बदलाव लाने की अपील की।

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