लोकसभा 2019; प्रसिद्व ज्योतिषाचार्य की बडी भविष्‍यवाणी-

बीजेपी की हार के पीछे पार्टी का नया दफ्तर जिम्मेदार, ज्योतिषाचार्य ने किया बड़ा दावा  # कांग्रेस और अन्य पार्टियों का गठबंधन पीएम मोदी से प्रधानमंत्री की कुर्सी भी छीन सकता है.# राज्‍यो में भी बीजेपी ने नये कार्यालयो में वार रूम बनाया, पराजय मिलती चली गयी 

आचार्य शैलेश तिवारी, वैदिक तांत्रिक गुरु

पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि बीजेपी दफ्तर में वास्तुदोष है, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। आचार्य शैलेष का दावा है कि बीजेपी 2019 में भी चुनाव हार सकती है।

बीजेपी ने मोदीसरकार आने के बाद देश भर के न सिर्फ जिला मुख्यालयों में नव निर्माण कराया। बल्कि केंद्रीय मुख्यालय को भी 11-अशोक रोड से 6-दीनदयाल मार्ग परशिफ्ट किया।  बीजेपी नए आलीशान दफ्तर में तो आ गई लेकिन जीत का मुंह देखने केलिए तरस रही है।

बीजेपी का ये नया दफ्तर आधुनिक, सुविधाओं से लैस है, करोड़ों का ये दफ्तर देखने में किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है। 18 फरवरी 2018 को इस नए दफ्तर का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया था।

अमित शाह ने विश्व के सबसे आधुनिक राजनीतिक पार्टी का दफ्तर करार दिया। वहीं नरेंद्र मोदी ने दफ्तर का उद्घाटन करते हुए कहा था कि नए युग में राजनीति करनी है तो आधुनिक राजनीति के लिए नए युग के संसाधनों की जरूरत है। इसीलिएपार्टी ने दफ्तर को रिकॉर्ड समय में इसे कंपलीट किया है।

 वहीं पांचराज्यों के चुनाव में बीजेपी की हार के बाद ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि बीजेपीदफ्तर में वास्तुदोष है, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हो रहा है। आचार्यशैलेश का दावा है कि बीजेपी 2019 में भी चुनाव हार सकती है।

मुताबिक पार्टी के अध्यक्ष का कमरा जमीन से जुड़ा होना चाहिए। अमितशाह का दफ्तर छठवें फ्लोर पर है। पार्टी का कार्यालय समतल जमीन से ऊपर नहीं होना चाहिए। जबकि बीजेपी का दफ्तर कुछ फीट ऊपर है। जमीन से करीब दफ्तर का होना जनमानस से जुड़ाव का घोतक है।

11 अशोक रोड में बीजेपी ने 2 सीटों से सरकार तक का सफर किया है। लेकिन नए दफ्तर में बीजेपी ने कर्नाटक, एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में नाकाम रही।

नए भवन में पार्टी कार्यालय शिफ्ट होने के बाद पार्टी ने संस्थापकस्व. अटल बिहारी वाजपेई को खो दिया। साथ ही संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार को भीखोया। जबकि मनोहर पर्रिकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने 18 फरवरी को अपना मुख्यालय 11 अशोका रोड दिल्ली से 6 – A, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, दिल्ली पर स्थानांतरित कर दिया था, जिसके बाद से बीजेपी की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई है. यहाँ तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोदी लहर भी कांग्रेस के महागठबंधन के पहाड़ के सामने बौनी दिखाई दे रही है. शायद नया मुख्यालय भाजपा को रास नहीं आ रहा है या फिर बीजेपी ने कार्यालय में प्रवेश करने से पहले वास्तु दोष का निवारण नहीं करवाया है, क्योंकि ये परिवर्तन करने के बाद से ही भाजपा पर विपक्ष के हमले भी तेज़ हो गए हैं.
इससे पहले जहाँ कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल बैकफुट पर थे, बीजेपी के नए मुख्यालय में कदम रखते ही जैसे उन्हें बीजेपी पर वार करने के लिए एक के बाद एक मौके मिलने लगे. 
विपक्ष को कई मुद्दे मिले, जब विपक्ष ने बीजेपी पर जमकर कीचड़ उछाला. फिर चाहे वो उन्नाव में भाजपा एमएलए कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा किए गए दुष्कर्म का मामला हो, या मुजफ्फरपुर और देवरिया शेल्टर होम की घिनौनी हक़ीक़त, इन सभी मामलों में विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा, साथ ही बीजेपी के दिग्गज नेता अटलजी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया. 

कर्नाटक में सर्वाधिक सीटें जीतने के बाद भी बीजेपी वहां सत्ता नहीं बना पाई, इसके अलावा कश्मीर भी भाजपा के हाथ से निकल गया. इतने झटके खाने के बाद भी अगर बीजेपी ने अपने मुख्यालय में वास्तु दोष का निवारण और हवन पूजन नहीं करवाया तो आगामी आम चुनावों में भी बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है, एक सर्वेक्षण ने इसके संकेत भी दे दिए हैं, भारतीय लोगों की मनोदशा पर किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 चुनावों में भाजपा 80 से 90 सीटें गँवा सकती है, कांग्रेस और अन्य पार्टियों का गठबंधन पीएम मोदी से प्रधानमंत्री की कुर्सी भी छीन सकता है.

बीजेपी की राज्‍यो में पराजय के कारण-

छत्तीसगढ़ रायपुर – में  वर्ष 2013 के चुनाव में सफलता के बाद कुशाभाऊ ठाकरे परिसरमें नया दफ्तर बनाया गया था।  अभी तक पार्टीको पुराने दफ्तर से ही लगातार सफलता मिल रही थी। वर्ष 2013 के चुनाव के बाद नया दफ्तर कुशाभाऊ ठाकरे परिसरमें बनाया गया।  पार्टी को ऐसा लग गया था कि रजबंधा मैदानस्थित दफ्तर लकी है। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर डूमरतराई में बीजेपी का ये नयादफ्तर करीब 7 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यहांवाइफाई, मिनी थिएटर, हाईटेक मीटिंगरुम समेत ठहरने के लिए लग्जीरियस कमरे हैं। इस दफ्तर की शुरुआत पार्टी ने 25 सितंबर 2014 में नवरात्रिमें मां दुर्गा की स्थापना करके की थी। चूंकि यहां वास्तुदोष के चलतेबीजेपी के काम सध नहीं रहे थे।

२०१४ में वास्तुशास्त्र के वह सारे टोटके आजमाये गये थे, जिससे सूबे में पार्टी की नैया पार लग सकी,.   लखनऊ में यूपी बीजेपी के दफ्तर में भी बदलाव वास्तुशास्त्र को ध्यान में रखकर किया गया था, विधानसभा भवन के सामने वाले मुख्यगेट की कोणीय दशाएं ऐसी हैं जो यूपी में बीजेपी के प्रभाव को बढऩे से रोक रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए बगल वाला गेट खोला गया है, जिससे बाहर निकलते वक्त दिशा पूर्व की ओर रहती है जो वास्तुशास्त्र के लिहाज से शुभ है. जबकि विधानसभा के सामने वाले गेट से दक्षिण दिशा बैठती है.’एक वास्तुविद जो उस टीम का अंग थे जिसने दो महीने पहले बीजेपी कार्यालय का दौरा कर वास्तुशास्त्र के लिहाज से बदलाव करने के सुझाव दिए थे. 

 मध्‍य प्रदेश में भी कांग्रेस ने वास्‍तु दोष हटायाऔर 15 साल बाद सत्‍ता मे विराजमान हुई, मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 से लगातार तीन विधानसभा चुनाव बुरीतरह से हारने के बाद इस बार मध्‍य प्रदेश कांग्रेस ने अपने प्रदेश मुख्यालय से ‘वास्तु दोष’ हटा दिया है. वास्‍तु दोष हटते ही पार्टीको यह अहसास हो गया था कि यह कदम मध्यप्रदेश कांग्रेस के लिए अच्छा भाग्य लाएगा और15 सालबाद पार्टी एक बार फिर मध्यप्रदेश में सत्ता में आएगी. कांग्रेस ने‘वास्तु शास्त्र’ विषेशज्ञों से परामर्श लेने के बाद भोपाल के शिवाजी नगर इलाके में स्थितअपने चार मंजिला कार्यालय परिसर ‘इंदिरा भवन’ में भूतल पर स्थित तीन शौचालय को हटा दिया है.ये शौचालय पार्टी प्रवक्ताओं के कमरे के पास थे. मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्यप्रवक्ता के. के. मिश्रा ने बताया था कि, ‘हमने वास्तुशास्त्र विशेषज्ञों से परामर्श लिया और उनकी सलाह पर तीन शौचालयों को हटा दिया, जिनमें से एक मेरे कमरे से जुड़ा हुआ था.’

उन्होंने कहा, ‘अब प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से ‘वास्तु दोष’ को हटा दियागया है.’ एक अन्य कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हमने वास्तु दोष को हटा दिया है.अब इस साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को हम अवश्य जीतेंगे और सत्ता मेंआएंगे.’ उल्लेखनीय है कि इंदिरा भवन का उद्घाटन मार्च 2006 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षसोनिया गांधी ने किया था. इसके बाद मध्यप्रदेश में वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 में दो बार विधानसभा चुनाव हुए.लेकिन इनमें कांग्रेस को भाजपा से बुरी तरह हार का सामना करना 

हीं, जब यह भवन बन रहा था, तो उस समय भी प्रदेश में वर्ष 2003 में विधानसभा चुनाव हुए. इसमें भी कांग्रेस को भाजपाने बुरी तरह से हराया था और उससे सत्ता छीन ली थी. तब से लेकर अब तक प्रदेश मेंभाजपा सत्ता में है. आगामी विधानसभा चुनावों के चलते यह इंदिरा भवन कार्यालयकांग्रेस के लिए कई गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है. दिल्ली के पार्टी नेता चुनावके लिए रणनीति तैयार करने को लेकर कार्यालय आते-जाते रहते हैं.

##############################
Presented by- हिमालयायूके- हिमालय गौरव उत्तराखण्ड www.himalayauk.org
Leading Digital Newsportal & DAILY NEWSPAPER)

उत्तराखण्ड का पहला वेब मीडिया-2005 से
CHANDRA SHEKHAR JOSHI- EDITOR
Publish at Dehradun & Haridwar, Available in FB, Twitter, whatsup Groups & All Social Media ;
Mail; himalayauk@gmail.com (Mail us)
Mob. 9412932030; ;
H.O. NANDA DEVI ENCLAVE, BANJARAWALA, DEHRADUN (UTTRAKHAND)

हिमालयायूके एक गैर-लाभकारी मीडिया हैं. हमारी पत्रकारिता को दबावसे मुक्त रखने के लिए आर्थिक सहयोग करें.
Yr. Contribution:
HIMALAYA GAURAV UTTRAKHAND
A/C NO. 30023706551 STATE BANK OF INDIA; IFS Code; SBIN0003137


 50 ग्राम फिटकरी का टुकड़ा घर के प्रत्येक कमरे में तथा कार्यालय के किसी कोने में अवश्य रखना चाहिए। इससे वास्तुदोषों से रक्षा होती है- HIMALAYA GAURAV UTTRAKHAND 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *