भोले जी महाराज द्वारा सीएम को एक करोड़ चैासठ लाख पच्चास

आपदा राहत कोष उत्तराखण्ड हेतु  #मुख्य सचिव के पुत्र हेतु आयुर्वेद विष्वविद्यालय में किया पद सृजित ….. जनसंघर्ष मोर्चा #शभर में मिजिल्स रूबेला से बचाव के लिए लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान #5 महीने तो हनीमून पीरियड – उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू दे

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले जी महाराज एवं माता मंगला ने भेंट की। इस अवसर पर भोले जी महाराज एवं माता मंगला ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र को उत्तराखण्ड में आपदा राहत कोष हेतु सहायता राशि के रूप में कुल रू 1,64,50,000 (रू0 एक करोड़ चैसठ लाख पच्चास हजार) की धनराशि के चैक प्रदान किए।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हंस फाउंडेशन के इस सराहनीय कार्य के लिए भोले जी महाराज एवं मंगला माता को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस फाउंडेशन सदा ही राज्य के हित एवं विकास को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहा है। उन्होने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड में आय के स्रोत सीमित है, जरूरत है राज्य के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी निभाने की। आपदा एवं पलायन जैसी समस्याओं से तभी निपटा जा सकता है जब स्वंय सहायता समूह एवं अन्य संस्था राज्य के विकास में अपनी अह्म भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार 24 अगस्त को प्रातः 7ः00 बजे जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। नई दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र अपराह्न 1.30 बजे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा नेपाल के प्रधानमंत्री के भारत आगमन पर आयोजित दोपहर भोज में सम्मिलित होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सायं 7.30 बजे नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित रात्रि भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र रात्रि विश्राम उत्तराखंड सदन नई दिल्ली में करेंगे।
शुक्रवार 25 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र नई दिल्ली से प्रस्थान कर अपराहन करीब 12ः10 बजे जौलीग्राण्ट एयरपोर्ट पंहुचने के पश्चात् अपराहन 12ः30 बजे नगर पालिका परिसर डोईवाला में आयोजित मेजर शहीद दुर्गामल्ल जी की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

देशभर में मिजिल्स रूबेला से बचाव के लिए लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान

हरिद्वार। भारत सरकार की ओर से देशभर में मिजिल्स रूबेला से बचाव के लिए लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान को आगामी 30 अक्टूबर से जिले के सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार प्रसार कर जन साधारण को प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कार्याशाला का आयोजन पिरान कलियर स्थित हज हाउस में किया गया।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने कलियर पहुंच कार्याशाला में उपस्थित हज कमेटी के चेयरमेन सज्जाद शाह नशीं मंसूर, कलियर मदरसों के मौलानाओं तथा स्थानीय नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी बीमारी से खुद को या अपने परिवार व बच्चों का इलाज और रक्षात्मक उपाय करने के लिए हमंे स्वयं पहल करनी होंगी। सरकार किसी भी इलाज के लिए अभियान चलाये और हम उस अभियान को जन आंदोलन के रूप् न अपना कर सरकारी योजना ही समझते हैं तो कोई भी अभियान और योजना सफल नहीं हो सकता । उन्होंने कार्याशाला में मौलाना, इस्लामिक धर्म गुरूओं से अपील करते हुए कहा कि आपके माध्यम से यह अभियान एक जन आंदोलन बन सकता है। इसमें स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आपका भी अहम किरदार है। क्योंकि सभी धर्म निरोगी और स्वस्थ्य शरीर को जीवन का सबसे बड़ा सुख बताते हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आगामी 30 अक्टूबर से जनपद के अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले टीकाकरण कैम्प में जाने के लिए बच्चों और महिलाओं को टीकाकरण के लिए जागरूक करने की बात कही।

जिलाधिकारी की अपील पर कार्याशाला में उपस्थित मंसूर मियां, शाह मंसूर एजाज साबरी, मौलाना नसीम अख्तर, राव शेर मुहम्मद, मौलाना अरशद, कारी शमीम ने इस अभियान में अपने पूर्ण सहयोग तथा देश भर में कलियर और हरिद्वार को मिजिल्स रूबेला टीकारण अभियान में मिसाल पेश करने वाले जिलों में शुमार करने का एलान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी रविंद्र थपलियाल ने स्थानीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मिजिल्स रूबेला एक जानलेवा बीमारी है जो गर्भावस्था के आरम्भ से संक्रमित मां से उसके बच्चे को अनुवांशिक रूप् से हो जाती है, जिससे बच्चे को ग्लूकोमा, बहरापन, मानसिक मंदता सहित दिल सम्बंधि बीमारियां हो सकती है। रूबैला से संक्रमित महिलाओं में गर्भपात या मृत शिशु के होने की सम्भावनायें बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण के साथ-साथ मिशन इंद्रधनुष तथा मिजिल्स रूबैला टीकाकरण अभियान में सभी अपने 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों के बच्चों का टीकाकरण अवश्य करायें।

मुख्य सचिव के पुत्र हेतु आयुर्वेद विष्वविद्यालय में किया पद सृजित …..नेगी
५ अक्टूबर को पद सृजित कर उपनल को भेजा पत्र।
६ अक्टूबर को उपनल ने कर दिया प्रायोजित।
वर्तमान में हो रही स्थायीकरण की तैयारी।
प्रदेश के हजारों युवा १०-१५ वर्षों से स्थायीकरण को लेकर लड रहे
देहरादून- जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जी०एम०वी०एन० ने पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि मुख्य सचिव श्री एस० रामास्वामी ने अपने पद का दुरूपयोग कर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विष्वविद्यालय में अपने पुत्र की नौकरी के लिए मानकों को ताक पर रखकर नियम विरूद्व तरीके से एक दिन में फीजियोथैरेपिस्ट का पद सृजित कराकर ०५.१०.१७ को प्रायोजित करने हेतु अथवा सेवायोजन हेतु उपनल को पत्र प्रेषित किया। उपनल ने भी बिना देनी करे व दबाव में आकर एक ही दिन में इन दिनांक ०६.१०.२०१६ को मुख्य सचिव के पुत्र डॉ० आर० हर्षवर्धन को प्रायोजत कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि डॉ० हर्षवर्धन का कोई पूर्व में पंजीकरण उपनल में नहीं था। और न ही डॉ० हर्षवर्धन पूर्व सैनिक आश्रित है। इन सब तथ्यों के होते हुए भी दबाव में आकर नौकरी दे दी गयी। तथा १४.१०.२०१५ को इन्होंने विश्वविद्यालय में अपनी सेवायें दे दी।
नेगी ने कहा कि बडे दुर्भाग्य की बात है कि प्रदेश में लाखों शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहे हैं तथा इनमें से अधिकांश सैनिक आश्रित पृष्ठभूमि के हैं, लेकिन इनको यह कहकर टरका दिया जाता है कि अभी रिक्तियाँ नहीं हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि प्रदेष में हजारों युवा भिन्न-भिन्न विभागों में अस्थायी तौर पर १०-१५ वर्षों से अपने नियमितीकरण /स्थायीकरण की बाट जोह रहे हैं, लेकिन इसके विपरीत मुख्य सचिव के पुत्र को १-२ वर्षों में ही स्थायीकरण करने के लिए सरकार जोर लगा रही है।
जनसंघर्ष मोर्चा सरकार के फैसले के खिलाफ मा० न्यायालय जायेगा तथा सडकों पर लडाई लडेगा।

#####5 महीने तो हनीमून पीरियड – उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू दे

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार के पांच महीने की कार्यकाल की समीक्षा कर रहा है. बुधवार को भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू देहरादून को इस समीक्षा बैठक में शामिल रहेंगे.
श्याम जाजू ने त्रिवेंद्र रावत सरकार के पांच महीने के शासनकाल पर कहा कि पांच महीने तो हनीमून पीरियड माना जाता है.
तो क्या सरकार छठे महीने से पूरे जोश से काम में जुट जाएगी? इस पर बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने कुछ नहीं कहा.
राज्य भर में सड़कों के गड्ढ़े भरने का मुख्यमंत्री के आदेश पर राजधानी देहरादून में ही ठीक से काम नहीं हो पाया है लेकिन श्याम जाज़ू को लगता है कि अभी इस पर सवाल उठाना ठीक नहीं. उन्होंने कहा कि शुरुआत के छह महीने तो पिछली सरकार के गड्ढों को भरने में लग जाते हैं और इसके बाद ही सरकार काम करना शुरू करती है.
बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने कहा कि समीक्षा करते हुए इन दोनों बातों को आधार बनाया जाएगा. इसके बाद यह कल्पना की जा सकतीहै कि इस समीक्षा में क्या निकलेगा.

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्य समारोह परेड मैदान में गैर हाजिर अफसरों को नोटिस भेजने के बाद राज्य सरकार अब बैकफुट पर आ गई है. तीन दिन की समय सीमा बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया है लेकिन सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक से जब इस बाबत सवाल पूछा गया तो मीडिया को ही इतनी जल्दी समीक्षा न करने की नसीहत दे दी. मन्त्री के ताजा बयान के बाद ये साफ हो रहा है कि उत्तराखंड में ब्यूरोक्रेसी पर कार्रवाई का दंभ भरने वाली सरकार अब बैकफुट पर आ गई है और शासन के बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से कदम ठिठकने लगे हैं.

15 अगस्त को राज्य सरकार की ओर से परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर साल की तरह मुख्य समारोह का आयोजन किया था. तय समय के मुताबिक मुख्य अतिथि त्रिवेन्द्र सिंह रावत ध्वाजारोहण समारोह में पहुंच गए. कई वीआईपी और शासन के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे  लेकिन बड़ी संख्या में शासन के अफसर नदारद थे.

मुख्यमन्त्री ने अफसरों की गैरमौजूदगी पर खासी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश मुख्य सचिव को दिए. मुख्य सचिव की ओर से शासन के प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव और प्रभारी सचिव समेत 54 अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था. मंगलवार को यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी ने जवाब नहीं दिया. बुधवार को राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मन्त्री मदन कौशिक से जब इस मामले में सवाल पूछा गया तो वह खुद ही अफसरों के बचाव में उतर आए और मीडिया को इतनी जल्दी समीक्षा न करने की सलाह दे दी.

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प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने सभी अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए योजनाएं बनाने और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस विभाग को समाज कल्याण विभाग से जोड़कर न देखा जे और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का विशेष शिविर अलग लगाया जाय. इस शिविर की सूचना जनप्रतिनिधियों को 15 दिन पहले ही दी जाय.

बैठक में कहा गया कि सरकार का लक्ष्य जनता के वास्तविक विकास में मददगार बनना है. इसके लिए बनाई गई योजनाओं की निगरानी मंत्री स्वयं करेंगे. आर्य ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास अकूत सम्पत्ति है, परन्तु इसका विवरण अभी तक व्यवस्थित ढंग से नहीं रखा गया है.

उन्होंने निर्देश दिया कि वक्फ बोर्ड सम्पत्ति का विवरण, अतिक्रमण एवं अदालतों में चल रहे मामलों की जानकारी 15 दिन के भीतर मंत्री के सामने रखी जाय. यह भी कहा गया कि न्यायालय में चलने वाले मामलों की मजबूत पैरवी की जाए.

बैठक में निर्देश दिया गया कि समाज कल्याण से सम्बन्धित कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए. कार्य प्रारम्भ होने के पूर्व, कार्य के दौरान और किए गए कामों की फ़ोटो रखी जाएं. विभाग में अल्पसंख्यक कल्याण के लिए ऋण शिक्षा योजना, मुख्यमंत्री हुनर योजना, अल्पसंख्यक रोजगार योजना में किसी एक एजेंसी के माध्यम से आवेदन न मांग कर खुली विज्ञप्ति के माध्यम से चयन पर बल दिया जाए. बैठक में कहा गया जिन ब्लॉकों को एमएसडीपी योजना के अन्तर्गत नहीं रखा गया है वहां अल्पसंख्यक कल्याण निधि से योजना बनाई जाए. बैठक में 15 सूत्रीय योजना की समीक्षा की गई. शिक्षा देने और रोजगार ऋण पर विशेष बल दिया गया. पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा गया कि मदरसों, कब्रिस्तान में वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाए. योजना को आधार से लिंक करके निदेशालय में आईटी सेल की स्थापना की जाए.

 

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