जाने माने फ़िल्मकार अमोल पालेकर को इस बात पर आपत्ति है कि सिर्फ़ बॉलीवुड फ़िल्मों को क्यों भारतीय सिनेमा मान लिया जाता है. अमोल के मुताबिक सिर्फ़ बॉलीवुड ही भारतीय सिनेमा नहीं है. प्रादेशिक फ़िल्में भी भारतीय सिनेमा को समृद्ध करती हैं. उनका कहना है, “हम सिर्फ़ मसाला फ़िल्मों की बात ही क्यों करते हैं. [...]
Aug 7 2010 | Posted in
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मेष 21 मार्च से 20 अप्रैल भाग्यशाली अंक 11 भाग्यशाली रंग पीच। वित्त, बैंकिंग, प्रबंधन व चिकित्सीय सेवा के क्षेत्रों में मान सम्मान में इजाफा होगा। मनोनुकूल आर्थिक तरक्की की ओर बढेंगे। पूँजी निवेश व विदेश संदर्भों में कोई खुशी का समाचार प्राप्त होगा। आपकी कार्यशैली सराहनीय रहेगी। सप्ताह के मध्य भाग में बंधु व [...]
Aug 7 2010 | Posted in
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मेष 21 मार्च से 20 अप्रैल भाग्यशाली अंक 8 भाग्यशाली रंग पीच। स्वास्थ्य मामले उन्नत रहेंगे। सकारात्मक सोच व नई उमंग के साथ कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियों के पल दस्तक देंगे। सप्ताह के द्वितीय भाग में संतान पक्ष के शैक्षिक पहलुओं को उच्च उठाने में कशमकश करनी पड़ सकती है। माता [...]
Aug 2 2010 | Posted in
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उज्जयिनी में राजा चंद्रसेन का राज था। वह भगवान शिव का परम भक्त था। शिवगणों में मुख्य मणिभद्र नामक गण उसका मित्र था। एक बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय ‘चिंतामणि’ प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल तो जगमगा ही उठा, साथ ही दूरस्थ देशों में [...]
Aug 2 2010 | Posted in
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दत्त अवतार का मुख्य गुण क्षमा है। वेदों का यज्ञक्रिया सहित पुनर्रूजीवन, चातुर्वर्ण्य की पुनर्रचना तथा अधर्म का नाश यही इनका अवतार कार्य माना जाता है। दत्य सन्यास पद्धति का प्रचार किया। धर्म रक्षार्थ इन्होंने कीर्तिवीर्य के द्वारा पृथ्वी को मलेछों से रहित किया। दत्तात्रैय ने शिष्य परम्परा का भी निर्वाह किया। इनके अलर्क, अल्हार, [...]
Jul 7 2010 | Posted in
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हिमालय में तैंतीस हजार वर्ग किलोमीटर में ग्लेशियर फैले हैं जो पूरे हिमालय क्षेत्र के 17 प्रतिशत रहे हैं। गोमुख, मिलम, पिंडारी, खतलिंग व नामिक जैसे उत्तराखंड के हजारों ग्लेशियर पानी की मीनारों का काम करते हैं। हजारों साल पहले गौमुख ग्लेशियर गंगोत्री से मिलता था, लेकिन आज गंगोत्री व गोमुख के बीच की दूरी [...]
Jul 7 2010 | Posted in
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केदारनाथ में ब्रह्मकमल तो बद्रीनाथ में गंधमाधन तुलसी का अंधाधुँध विदोहन इसके अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। इसी तरह हेमकुण्ट साहिब यात्रा में भी ब्रह्मकमल को नोचने का रिवाज-सा बन गया है। ब्रह्मकमल जो कि ऊँचाई वाले अक्षांशीय क्षेत्रों का एक दुर्लभ पुष्प है, जिसे राज्य सरकार ने अपने राज्य चिह्न का भी [...]
Jun 8 2010 | Posted in
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देश-विदेश से उत्तराखण्ड आ रहे पर्यटन सूबे के पर्यटन विभाग को नाकारा व अक्षम मान रहे हैं। सूबे में आ रहे करोडों श्रद्धालुओ को राज्य के अनेक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल की ओर मोडने में पर्यटन विभाग नाकाम साबित हुआ है। वहीं आम जनता का यह मानना है कि संबंधित मत्री को इन छोटे कामों के [...]
Jun 8 2010 | Posted in
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अम्बाला से निर्मल रानी गत् दो दशकों से तकनीकी शिक्षा विशेषकर आयुर्विज्ञान अथवा चिकित्सा शिक्षा के क्षत्र में जैसा आर्थिक उछाल देखा जा रहा था उसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। आमतौर पर यह बात प्रचलित हो चुकी थी कि मेडिकल शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को मेडिकल कॉलेज की प्रतिष्ठा तथा [...]
May 20 2010 | Posted in
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इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है… फ़िरदौस ख़ान अल इश्क़ो नारून, युहर्री को मा सवीयिल महबूब… यानी इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है… इश्क़ वो आग है, जिससे दोज़ख भी पनाह मांगती है… कहते हैं, इश्क़ की एक चिंगारी से ही [...]
May 7 2010 | Posted in
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