1 सित0 16- देहरादून प्रमुख समाचार

CM Photo 03 dt.01 September, 20162013 की आपदा में वायु सेना के बिलों के भुगतान आदि के लिये रू0 130 करोड़ की धनराशि स्वीकृत # दून मेडिकल कालेज के साथ ही दून चिकित्सालय की व्यवस्थाओं मे सुधार लाने के निर्देश #प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत अध्यापकों को तदर्थ रूप से नियुक्त #आन्दोलनकारियों के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता #विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर अभियान की 6 टीमों को सचिवालय परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना #पेट्रोल के दाम बढ़कर भाजपा ने आम आदमी की कमर तोड़ीः मथुरादत्त जोशी # देशव्यापी आम हड़ताल को तोड़ने के षड़यंत्र को विफल करो! Presents byn www.himalayauk.org (UK Leading Digital Newsportal)  CS JOSHI- EDITOR

देहरादून 01 सितम्बर, 2016 (सू.ब्यूरो)
गुरूवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुयी। बैठक में राज्य के 13 जिलों की जिला आपदा प्रबन्धन योजना स्वीकृत करने के साथ ही इस वित्तीय वर्ष में आपदा से हुई क्षतियों एवं अन्य मदो में राहत एवं पुर्नस्थापन कार्य एवं वर्ष 2013 की आपदा में वायु सेना के बिलों के भुगतान आदि के लिये रू0 130 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र रूद्रप्रयाग के तत्वाधान में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर किये गये मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को भी राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
केदारनाथ धाम क्षेत्र के पुरोहितों एवं भवन स्वामियों के 407 परिवारों के पुनर्वास हेतु मुआवजा धनराशि रू0 18.89 करोडका भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि वर्ष 2013 की आपदा से संबंधित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारण हो इसके लिये सभी जिलाधिकारी अपनी आख्या प्रस्तुत करें, ताकि उनका निस्तारण शीघ्र हो सकें। उन्होंने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ढ़ांचे के संबंध में अन्य राज्यों का भी अध्ययन करने, इस संबंध में जनता के सुझावों को भी सम्मिलित किया जाए। उन्होंने आपदा में हुए नुकसान का आंकलन सभी तथ्यों व डक्यूमेंट के साथ करने को कहा। उन्होंने आपदाग्रस्त नए क्षेत्रों के साथ ही नदी किनरों के क्षेत्रों का भूमि कटाव आदि की सूचना भी उसमें शामिल की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान स्थापित पीआईयू के द्वारा जो कार्य कराये गये है, उसका भुगतान मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से किया जाए। उन्होंने आपदा के दौरान अच्छा कार्य करने वालो को प्रोत्साहित किए जाने पर भी बल दिया। उन्होंने बदलता केदारनाथ जैसे विषय पर प्रचारात्मक फिल्म तैयार करने तथा उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र में स्थापित वायरलेस रेडियों फ्रिक्वेंसी कैमरा यूनिट को गंगोत्री, यमुनोत्री व बद्रीनाथ क्षेत्रों में भी स्थापित करने को कहा। इसका नोडल विभाग भी एसडीआरएफ को बनाया जाए। उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र में किये गये स्थापना कार्यों के रखरखाव के लिये एक प्रोफेशनल बाॅडी बनाये जाने पर भी बल दिया। उन्होंने सीतापुर, सोनप्रयाग, गौरीकुण्ड आदि क्षेत्रों में फ्लड प्रोटेक्शन कार्य आरम्भ करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेशभर में भारी वर्षा की विभिन्न घटनाओं के कारण 74 व्यक्तियों की मृत्यू हुयी और 48 लोग घायल हुए। साथ ही 766 छोटे बड़े पशुओं की मृत्यू हुयी। भारी वर्षा के कारण 117 आवासीय भवन भी पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बताया गया कि वर्तमान में 10 स्थानों पर राहत शिविर संचालित किये जा रहे हैं जिनमें 673 व्यक्तियों को रखा गया है। आपदा में हुई क्षतियों के संबंध में 665 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह, मंत्रीप्रसाद नैथानी, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, पुलिस महानिदेशक एम.ए.गणपति, सचिव अमित नेगी, डी.एस.गब्र्याल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग डाॅ.राघव लंगर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
#########

दून मेडिकल कालेज के साथ ही दून चिकित्सालय की व्यवस्थाओं मे सुधार लाने के निर्देश
देहरादून 01 सितम्बर, 2016 (सू.ब्यूरो)
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दून मेडिकल कालेज के साथ ही दून चिकित्सालय की व्यवस्थाओं मे सुधार लाने के निर्देश दिये है। उन्होने निर्देश दिये कि दून चिकित्सालय में इलाज के लिये आने वाले लोगो को सभी आवश्यक सुविधाये उपलब्ध हो इसकी जिम्मेदारी सीएमएस की सौंपी जाय इसके लिये सीएमएस को 3 लाख रू0 तक की वित्तीय स्वीकृति तथा मेडिकल कालेज की प्रशासनिक व्यवस्थाओ के लिये प्रधानाचार्य को 7 लाख के वित्तीय अधिकार प्रदान किये जाए। दून मेडिकल कालेज व दून चिकित्सालय की आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के लिये उन्होंने 5 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की।
गुरूवार को सचिवालय में दून मेडिकल कालेज की व्यवस्थाआंे के सम्बंध में आयोजित बैठक मे मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि दून चिकित्सालय की व्यवस्थाये सुधारी जाय। सीएमएस व प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करे कि यहां आने वाले बीमार व्यक्तियों को कोई परेशानी न हो, दून चिकित्सालय का अपना नाम है लोग यहा पर इलाज के लिये आते है अतः यहा व्यवस्थाये सही होनी चाहिए। उन्होने कहा कि दून चिकित्सालय को व्यवस्थाओं मे सुधार हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होने दून मेडिकल कालेज को 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही प्रधानाचार्य को 7 लाख तथा सीएमएस को 3 लाख तक वित्तीय अधिकार प्रदान करने को कहा ताकि व्यवस्थाओं की सुधार हो। उन्होने कहा कि दून चिकित्सा को प्राप्त होने वाली यूजर चार्जेज की पचास प्रतिशत धनराशि भी प्रधानाचार्य के निवर्तन पर रखी जायेगी, ताकि अस्पताल की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिये धनराशि की कमी न हो। उन्होने अस्पताल में पैथालाजी के काउण्टर बढ़ाने कोरेनेशन अस्पताल मे महिला चिकित्सा वार्ड स्थापित करने के साथ ही दून अस्पताल मे डेंगू के लिये 30 बेड की व्यव्स्था व आई.सी.यू. में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने को कहा। मेडिकल कालेज की व्यव्स्थाओं के लिये उन्होने प्रधानाचार्य की अध्यक्षता मे तीन सदस्यीय समिति गठन के भी निर्देश दिये। सीएमएस व वित्त नियंत्रक इसमे सदस्य रखे जायेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव डा0 भूपेन्द्र कौर ओलख, डी0सैंथिल पांडियन, अपर सचिव पंकज पाण्डेय, प्रधानाचार्य डा0 प्रदीप भारती गुप्ता, निदेशक डा0 आशुतोष सदाना, सीएमएस डा0के0के0टम्टा आदि उपस्थित थे।
#########प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत अध्यापकों को तदर्थ रूप से नियुक्त###
देहरादून 01 सितम्बर, 2016 (सू.ब्यूरो)
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ करने को कहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा का बेहतर वातावरण बनाने के लिये विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति में शीघ्रता आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान में प्रभारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत अध्यापकों को तदर्थ रूप से नियुक्त करने के साथ ही इन्हें प्रधानाचार्य के वेतन सहित सभी प्रशासनिक अधिकार प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने निर्देश दिये कि इस संबंध में नियमावली के तहत अन्य जो भी रियायत प्रधानाचार्यों की नियुक्ति आदि के लिये दी जा सकती हो वह दी जाए। इसके लिये उन्होंने मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव को कार्यवाही हेतु निर्देश दिए हैं।
गुरूवार को सचिवालय में राजकीय प्रधानाचार्य एशोशियेशन उत्तराखण्ड की समस्याओं के संबंध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि प्रधानाचार्यों के बिना विद्यालयों में शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसके लिये प्रभारी के रूप से नियुक्त प्रधानाचार्यों को तदर्थ रूप से नियुक्त करने तथा उन्हें प्रधानाचार्यों का वेतन सहित अन्य सभी अधिकार प्रदान करने के संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने विद्यालयों में सफाई सहायक की नियुक्ति तथा प्रधानाचार्यों को कार्यालय व्यय आदि के लिये धनराशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई का वातावरण बनाने में प्रधानाचार्यों सहित सभी अध्यापकगण सहयोग करें। उनकी समस्याओं के समाधान के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री श्री रावत से वार्ता के बाद राजकीय प्रधानाचार्य एशोशियेशन के प्रतिनिधि अपनी समस्याओं के समाधान से संतुष्ट नजर आये तथा इसके लिये उन्होंने मुख्यमंत्री श्री रावत का आभार जताया है।
बैठक मंे कैबिनेट मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी, हरीश चन्द्र दुर्गापाल, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव डाॅ.रणवीर सिंह, सचिव डी.एस.गब्र्याल, विनोद शर्मा, प्रधानाचार्य एशोशियेशन के प्रान्तीय अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, महामंत्री रविन्द्र प्रसाद द्विवेदी, उपाध्यक्ष श्रीमती हेमवन्ती नौटियाल, सोबत सिंह नेगी सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
#########आन्दोलनकारियों के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता###
देहरादून 01 सितम्बर, 2016 (सू.ब्यूरो)

राज्य सरकार शहीदों के आश्रितों एवं राज्य आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है। राज्य आन्दोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश के चहँमुखी विकास के लिये हम सबको एकजुट होकर कार्य करना होगा। खटीमा तथा मसूरी गोलीकांड की बरसी पर राज्य निर्माण के लिए शहीद हुए अमर शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य निर्माण में अपनी शहादत देने वाले आन्दोलनकारियों के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है।
############मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हंस फाउण्डेशन एवं आकाश अस्पताल के सहयोग से प्रदेश के सभी विकासखण्डों में विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर अभियान की 6 टीमों को सचिवालय परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना
देहरादून 01 सितम्बर, 2016 (सू.ब्यूरो)

राज्य सरकार द्वारा दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिये गुरूवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हंस फाउण्डेशन एवं आकाश अस्पताल के सहयोग से प्रदेश के सभी विकासखण्डों में विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर अभियान की 6 टीमों को सचिवालय परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में चिकित्सा सेवा के स्तर को सुधारने के लिये प्रतिबद्ध है, इसके तहत, विशेषज्ञों चिकित्सकों की टीमों द्वारा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में कैम्प लगाकर 25 प्रकार की निशुल्क स्वास्थ्य जांच सहित ईलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत 3-3 टीमें गढ़वाल एवं कुमांऊ मण्डल के लिये रवाना की गयी हैं।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सभी का स्वास्थ्य परीक्षण, जिसमें 25 प्रकार की स्वास्थ्य जांचे शामिल हैं, मुफ्त किया जाएगा एवं बी.पी.एल. परिवारों का रू0 1.75 लाख तक का ईलाज मुफ्त किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को मेडिकल काॅलेज में रेफर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को पहुँचाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने इस योजना में सहयोग के लिये हंस फाउण्डेशन व आकाश अस्पताल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में सुधार हेतु अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी इसके लिये आगे आना होगा। उन्होंने निजी क्षेत्र से भी इसमें सहयोग की उम्मीद की है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी सहित स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी, आदि उपस्थित थे।

############
पेट्रोल के दाम बढ़कर भाजपा ने आम आदमी की कमर तोड़ीः मथुरादत्त जोशी
देहरादून 1 सितम्बर,
प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल एंव डीजल के दाम बढ़ाकर एकबार फिर साबित कर दिया है कि यह सरकार आम जनता की न होकर कुछ सरमायेदारों की सरकार है। उन्होंने कहा कि पहले से ही मंहगाई की मार झेल रही गरीब जनता पर केन्द्र सरकार द्वारा लगातार मंहगाई का बोझ डालकर उसके पेट पर लात मारने का काम किया जा रहा है।
मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रधानमंत्री मोदी तथा उनकी पार्टी के राष्ट्रीय नेता अब इन वादों को चुनावी जुमला कह कर देश की गरीब जनता का मजाक उड़ा रहे हैं तथा केन्द्र सरकार प्रत्येक माह पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाकर मंहगाई का बोझ़ बढ़ाती जा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र में सत्तारूढ़ होने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार कुछ बड़े घरानों को पल्लवित-पोषित कर रही है। भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को आम जनता के दुःख दर्द से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी और स्वयं नरेन्द्र मोदी ने चुनाव के समय देश की जनता से पेट्रोलियम पदार्थो के दाम कम करने के साथ-साथ मंहगाई पर नियंत्रण करते हुये आम आदमी को राहत देने का वायदा किया था। परन्तु आज मंहगाई घटने के बजाय दिन-दूनी रात चैगुनी वृद्धि कर रही है।
श्री जोशी ने कहा कि जहां एक ओर अन्र्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 75 प्रतिशत की कमी हुई है वहीं दूसरी ओर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा तेल कम्पनियों को फायदा पहुंचाते हुये पेट्रोल डीजल की दरों मे लगातार वृद्धि कर आम आदमी की जेब पर डाक डाला जा रहा है। केन्द्र सरकार के इस आम जन के हितों पर कुठाराघात करने वाले निर्णय से सबसे अधिक समाज के अंतिम छोर पर बैठे हुए व्यक्ति के हितों पर चोट पहुंची है। आम जरूरत की चीजों के दाम में विगत दो वर्षों में दो से चार गुना वृद्धि होने से पहले से ही मंहगाई की मार से पीड़ित जनता के ऊपर यह एक और बोझ आम आदमी के जीने की राह और कठिन बनायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से लेकर आज तक झूठ बोलने के सिवा कुछ नहीं किया। मोदी सरकार ने अपने दो वर्श के कार्यकाल में मंहगाई, भ्रश्टाचार के सिवा कुछ नहीं दिया है। देष की जनता भाजपा के असली चेहरे को पहचान चुकी है तथा आने वाले समय में उसे सबक सिखायेगी।
श्री जोषी ने कहा कि मोदी सरकार धनाड्य व्यापारी घरानों के आगे घुटने टेकने का काम कर रही है। चुनाव के दौरान अच्छे दिनों का सपना आम आदमी के लिए सपना ही बन कर रह गया है। केन्द्र की मोदी सरकार अपने दो वर्श के कार्यकाल में लगभग 20 बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा चुकी है।
मुुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोषी ने भाजपा के राश्ट्रीय नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहां एक ओर भाजपा की केन्द्र सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाये हैं वहीं दूसरी ओर केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान को उत्तराखण्ड राज्य का चुनाव प्रभारी बनाकर जनता के साथ मजाक करने का काम किया है जिसका करारा जवाब उत्तराखण्ड की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को अवष्य देगी।

#############
देशव्यापी आम हड़ताल को तोड़ने के षड़यंत्र को विफल करो!
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष श्री किषोर उपाध्याय ने केन्द्र सरकार पर मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार सरमायेदारों के इषारे पर काम करते हुए श्रमिक हितों पर लगातार कुठाराघात कर रही है। केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीति के कारण देष का श्रमिक दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष श्री उपाध्याय ने इण्टक सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा श्रमिक हितों की आवाज उठाने के लिए दिनंाक 2 सितम्बर, को होने वाले आन्दोलन का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी श्रमिकों के साथ खड़ी है तथा उनके आन्दोलन को अपना समर्थन करती है।

केन्द्रीय श्रम मंत्री श्री बण्डारु दत्तात्रेय ने 31 अगस्त को प्रातः 9.00 बजे ‘‘मजदूरों की निष्पक्ष आय और सामाजिक सुरक्षा के प्रति एन.डी.ए. सरकार की प्रतिबद्धता’’ के नाम से एक प्रेस बयान मीडिया और प्रेस को भेजा।
सीटू इस बयान को सोचा समझा ‘‘मिथ्या अभियान’’ मानता है, ताकि विभ्रम पैदा करके 2 सितम्बर 2016 की देशव्यापी आम हड़ताल को तोड़ा जा सके, जबकि सभी श्रेणी के मजदूर एवं कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं।
श्रम मंत्री ने केन्द्रीय क्षेत्र के मजदूरों के न्यूनतम् वेतन में 42% वृद्धि का दावा किया है। पूरे देश के मजदूरों के लिए वैधानिक न्यूनतम् वेतन रु० 18,000/- से कम नहीं घोषित करने की माँग करने वाले मजदूरों और ट्रेड़ यूनियनों के लिए इसका क्या अर्थ है? उसका अर्थ है कि ‘‘सी’’ केटेगरी के क्षेत्र में न्यूनतम् वेतन रु० 18,000/- और सानुपातिक वृद्धि करके ‘‘बी’’ केटेगरी के लिए रु० 22,320/- तथा ‘‘ए’’ केटेगारी के लिए रु० 26,560/- किया जाना चाहिए। सरकार ने ‘‘सी’’, ‘‘बी’’ और ‘‘ए’’ केटेगरी के लिए क्रमशः रु० 9,100/-, रु० 11,362/- और रु० 13,598/- का प्रस्ताव किया है जो ट्रेड़ यूनियनों की माँग का आधा भी नहीं है। ज्ञातव्य हो कि बी.एम.एस. सहित सभी केन्द्रीय ट्रेड़ यूनियनें संयुक्त रुप से अपनी माँग सरकार के समक्ष पेश की है, और पिछले 5 वर्ष से उठाती आ रही हैं, और अभी हाल ही में 29 अगस्त 2016 को आयोजित न्यूनतम् वेतन सलाहकार समिति की मीटिंग में भी यही माँग पूरे जोर-शोर से उठायी गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा भी स्वीकार्य फार्मूले पर आधारित माँग का मजाक कोई भी यूनियन कैसे बर्दाश्त कर सकती है? बी.एम.एस. दबाव में इस मजाक को भी एक ‘‘ऐतिहासिक उपलब्धि’’ मान सकती है, लेकिन अन्य यूनियनें नहीं।
और इस प्रस्ताव से कौन लाभन्वित हो रहा है। यह प्रस्ताव केन्द्रीय क्षेत्र के मजदूरों के लिए है, जो कि मंत्री के अपने ही बयान के अनुसार ही लगभग 70 लाख हैं। यदि इसे लागू भी कर भी दिया जाए तो यह देश के कुल गैर-कृषि मजदूरों के 1 प्रतिशत को भी लाभ नहीं पहुँचाऐगा। देश के शेष 99% मजदूरों के लिए यह पूरी तरह से अर्थहीन है। क्या मंत्री के पास उनको देने के लिए कोई जबाव है?
ट्रेड़ यूनियनें लम्बे अरसे से पूरे देश में न्यूनतम् वेतन को कानूनन् लागू करने की व्यवस्था की माँग करती आ रही हैं। बहुत ही मामूली से वृद्धि वह भी मजदूरों के एक छोटे हिस्से के लिए, को लेकर इतना शोर-शराबा करना, बहुमत श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता नहीं धोखा-धड़ी ही है।
माननीय मंत्री ने घोषणा की है कि अगले तीन साल तक भविष्य निधि और पेंशन फण्ड में मालिकान के अंशदान का भुगतान सरकार करेगी। भविष्य निधि और पेंशन फण्ड में भुगतान करने की मालिकान की जिम्मेदारी का बोझ सरकारी खजाने पर डालने की क्या आवश्यकता है? लेकिन यह एक सरकार है जिसने कारपोरेटस् को करांे का भुगतान न करके सरकारी खजाने को रु० 5 लाख करोड़; और बैंकों से लिए गए रु० 8.5 लाख करोड़ के कर्ज का भुगतान न करके चूना लगाने की इजाजत दे रखी है। सरकार अप्रेन्टिसों की ट्रेनिग के मूल्य का एक हिस्सा मालिकान को भुगातन करती है। और भविष्य निधि और पेंशन फण्ड में भुगतान करने की मालिकान की कानूनन् जिम्मेदारी भी अब अगले तीन साल तक के लिए सरकार ले रही है जिसका भुगतान वह अपनी जेब से नहीं सरकारी खजाने से करेगी। इसे नहीं तो किसे सरकारी खजाने की लूट कहा जाए? इन राष्ट्र विरोधी कदमों को ‘जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए कटिबद्धता’ कहना जनता की आँखों में धूल झौंकना ही तो है।
सीटू को पूरा भरोसा है कि इस प्रकार की धोखा-धड़ी मजदूरों को अपने संघर्ष के रास्ते हटाने में सफल नहीं हो सकती है। हड़ताल जारी रहेगी।

coverage by; www.himalayauk.org (UK Leading Digital Newsportal)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *