न्‍यायालय के निर्णय से भाजपा को सदबुद्वि आयेगी- क्‍यों कहा- CM सलाहकार ने

CM Photo 01, dt.20 July, 2016सत्‍ता के गलियारों से प्रमुख समाचार- 20 जुलाई 2016- न्‍यायालय के निर्णय से भाजपा को सदबुद्वि आयेगी- क्‍यों कहा- मुख्‍यमंत्री के सलाहकार ने 

भारी वर्षा के कारण राज्य में 6 मुख्य सड़के बंद ; मुख्यमंत्री  #मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड की चीनी मिलों के लिए केन्द्र सरकार से 200 करोड़ का साॅफ्ट लोन उपलब्ध करवाने का अनुरोध #मुख्यमंत्री के प्रवक्ता/मीडिया सलाहकार सुरेन्द्र कुमार ने बागी विधायको के मामले में मा.उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा को भी सद्बुद्धि आयेगी तथा राज्य के विकास को अवरूद्ध करने का जो प्रयास उनके द्वारा किया जा रहा है, इससे सबक लेंगे। #केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में 13 नये राष्ट्रीय राजमार्गों के लिये सहमति# राज्य सरकार का लक्ष्य सभी वन गुजरो का पुनर्वास#शासन द्वारा जनहित में स्‍थानांतरण#  दुर्गम व पर्वतीय क्षेत्रों में अघिक रियायतें प्रदान की जाएंगी। इसके लिए राज्य के जिलों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत  # मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग नितिन गड़करी को पत्र लिखकर UK में स्थित 13 मोटर मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के तौर पर विकसित किए जाने का अनुरोध  # पूर्व सैनिक एवं अर्द्ध सैनिक संगठन, से.नि.ले.कर्नल गंगा सिंह रावत के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट #  भारतीय मसीही युवा संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट # Presents by www.himalayauk.org (UK Leading Digital Newsportal) 
देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)

बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजापुर अतिथि गृह में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि राज्य सरकार की मांग पर केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में 13 नये राष्ट्रीय राजमार्गों के लिये सहमति दी है। साथ ही इसके लिये मानकों में भी शिथिलता बरतने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में नमामि गंगा के कार्यक्रम के अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी से आपसी विचार विमर्श में श्री गड़करी द्वारा व्यक्त की गई सहमति का संदर्भ देते हुए कहा कि राज्य में कुछ सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्गो के रूप में विकसित करने से उŸाराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी बढ़ेगी और राज्य के विकास में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि उन्होने श्री गड़करी से राज्य के अन्य 13 मोटर मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के तौर पर विकसित किए जाने का अनुरोध किया है। इनमें कौड़ियाला-व्यासघाट-सतपुली-पाबौ-नागचुखाल-मैहरचैरी(170किमी), मारचुला-भिक्यासैंण -टीपोला-गगास-बीन्टाल-सोमेश्वर-गिरिचीना-बागेश्वर(140किमी), क्यूटी-शामा- ग्वालदम-काशीनगर -मैहलचैरी(140किमी), मुनस्यारी-मिलन-ओल्डढुंग-बैमरासा-परीताल-उटाधूरा-टोपीढुंगा-चुढांग-सुमाना-मलारी(80किमी),
धरांसु- लम्बगांव- राजाखेत-घनसाली-बूढ़ाकेदार(220किमी),पीठसैंण-देघाट-मेहरोली-बाजखेत-करपटिया- किंगरी- भरीखाल-मारचुला (90किमी), सुवाखोली से थत्यूड़ तक लिंक रोड़(45किमी), त्यूली-मौरी-पुरोला-नौगांव(83किमी), गरजिया-बेतालघाट-खैरना(65किमी), मरचुला-डौटियाल- सरायीखेत-उपराईखाल(80किमी),मासी-जाली-रानीखेत(63किमी), ऊखीमठ -चैपता-मण्डल- गोपेश्वर-चमोली(84 किमी) व दुगड्डा-मेदावन-हल्दुखाल-चिंडखाल-शंकरपुर(80 किमी) मोटर मार्ग शामिल है। उन्होने बताया कि इंटर डिस्ट्रिक्ट कनेक्टिविटी के द्वारा सभी जिलों को आपस में जोड़ने के लिये सड़कों की नेटवर्किंग की जायेगी जिसका केन्द्रीय बिन्दु गैरसैंण होगा।
उन्होने कहा कि 15 अगस्त 2015 को उन्होने एक वर्ष में 500 नये मार्गों को निर्माण का लक्ष्य रखा था। 30 2016 तक उनमें से लक्ष्य से अधिक 605 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 14 अगस्त 2016 तक इन मार्गों की संख्या 709 हो जायेगी। जो आॅल टाईम रिकाॅर्ड होगा।
उन्होने बताया कि राज्य में 150 पुलों कि आवश्यकता थी जिनमें से 80 पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। जबकि 25 पर 14 अगस्त 2016 तक कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होने बताया कि 715 सड़को पर डामरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है और 14 अगस्त तक 80 और सड़कों का डामरीकरण का कार्य शुरू हो जायेगा। इस प्रकार 795 मार्गोे का डामरीकरण हो जायेगा। डक्क्। व त्म्ै को आंतरिक सड़क निर्माण का कार्य सौंपा गया है। आरईएस के अन्तर्गत 90 मार्ग स्वीकृत किये गये थे जिसमंे से 60 पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने बताया कि मेरा गाॅव मेरी सड़क योजना के तहत वर्ष 2014-15 में 192 का लक्ष्य रखा गया जिसमें से 131 पूरी कर ली गयी हैं व 61 सड़कों पर कार्य चल रहा है। वर्ष 2015-16 के लिये 159 स्वीकृत की गयी थी जिसमें से 107 पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। वर्तमान में कुल 168 पर सड़को कार्य चल रहा है।
उन्होने बताया कि भारी वर्षा के कारण राज्य में 6 मुख्य सड़के बंद है जिन की मरम्मत का कार्य जारी है। आशा है अगले एक दिनों में सड़कें खोल दी जायेगी। सड़को की मरम्मत के लिये 400 जेसीबी, पोर्टलैण्ड कार्य कर रही हैं जबकि 250 को स्टेण्डबाई पर रखा गया है। जो दो घंटे के अन्दर उपलब्ध होगी। मीडिया द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में बताया कि गैरसैंण में अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हरिद्वार में तमिल संत तिरूवल्लुवर की मूर्ति एक सप्ताह के अन्दर स्थापित कर दी जायेगी इसके लिये हरिद्वार के जिलाधिकारी को भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एम. पी. कैलखुरी, सहायक निदेशक: 7055007010

देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी वन गुजरो का पुनर्वास करने का है। सभी वन गुजरों को जमीन उपलब्ध कराने एवं उनके उचित ढंग से पुनर्वास के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये यदि वन गूजर जंगलों की उचित ढंग से देख रेख करने में मददगार बनेंगे तो उन्हें आगे भी चुगान के परमिट दिये जायेंगे। वन गूजरों के लडको को मल्टी टास्ट फोर्स गठित कर सेवायोजित करने तथा जम्मू कश्मीर की भांति उन्हें एस.सी/एस.टी वर्ग में शामिल किये जाने पर विचार किये जाने का भी उन्होंने आश्वासन दिया। वन गूजरों की भैंस को बाघ द्वारा मारे जाने पर आपदा राहत की भांति प्रति भेंस 30 हजार का मुआवजा देने का भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये है। वन गूजरो को लापिंग परमिट में शीघ्रता की जाय।
बुद्धवार को देर सांय वन गूजरों की समस्याओं के संबंध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि संरक्षित क्षेत्र व संरक्षित क्षेत्र के बाहर के वन गूजरों की जो समस्याएं है, अधिकारी उनका निराकरण समयबद्धता के साथ करें। इस संबंध में जो प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाना है, उसे शीघ्र भेजा जाए। इसके लिये अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि संरक्षित क्षेत्र के अंदर के वन गुजरों का सत्यापन जिम्मेदार अधिकारी डेड माह में करते हुए ढ़ाई महिने में इनका पुनर्वास की कार्यवाही पूरी हो जाए। संरक्षित क्षेत्र के बाहर के वन गूजरों के लिये चुगान परमिट व राशन कार्ड आदि को आधार बनाकर 2006 की गणना के आधार पर कट आॅफ डेट रखी जाए। उन्होंने वन गूजरों के क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाईट लगाये जाने तथा जहा स्कूल की व्यवस्था नही है, वहां स्कूल की व्यवस्था के प्रस्ताव तैयार किये जाने को कहा।
बैठक में वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, सचिव डी.एस.गब्र्याल, प्रमुख वन संरक्षक आर.के.महाजन सहित देहरादून, हरिद्वार, लैंसडाउन, श्यामपुर, रोशनाबाद, बिन्दुखत्ता, गैंडीखत्ता, आदि क्षेत्रों के वन गूजर के प्रतिनिधि रोशन दीन, गुलाम मुस्तफा, शमसेर अली, वसीर अहमद, नूर आलम आदि उपस्थित थे।

देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)

संयुक्त सचिव, कार्मिक अतर सिंह ने बताया कि शासन द्वारा जनहित में डिप्टी कलेक्टर, उधमसिंह नगर तथा अपर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, नैनीताल अब्ज प्रसाद को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए डिप्टी कलेक्टर, अल्मोड़ा के पद पर तैनात किया गया है।

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देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य में आईटी की इकाइयों को आकर्षित करने के लिए क्लस्टर एप्रोच अपनाने के निर्देश दिए हैं। आईटी से अछूते रह गए पर्वतीय क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएं। आईटी, संचार व इलेक्ट्रोनिक्स कम्पनियों को प्रेरित किया जाए कि वे ग्रामीण युवाओं को ट्रेनिंग देकर अपने प्रोडक्ट उनसे बनवाएं। राज्य में घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप आईटी में स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया जाए। बुधवार को बीजापुर हाउस में प्रस्तावित इंफोरमेशन, कम्यूनिकेशन टेक्नोलोजी एंड इलेक्ट्रोनिक्स (आईसीटी एंड ई) पालिसी के प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत ने उक्त निर्देश दिए।
सचिव आईटी दीपक कुमार ने प्रस्तावित ‘आई.सी.टी.एंड.ई’ पाॅलिसी का प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि वर्ष 2016-2025 की अवधि के लिए इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया है। समावेशी विकास के साथ उŸाराखण्ड के आर्थिक विकास के लिए एक साधन के रूप में आई.सी.टी. और ई. का उपयोग करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य डिजिटल और नेटवर्क से जुड़ा समाज, रोजगार सृजन, विकास इंजन के रूप में इलेक्ट्रोनिक्स, उŸाराखण्ड को आई.टी., कम्यूनिकेशन व इलेक्ट्रोनिक्स में पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
आई.सी.टी.एंड.ई हेतु सूचना प्रौद्योगिकी विभाग नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। विभिन्न ई-गर्वनेंस प्रोजेक्टों के लिए एक प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। सचिव दीपक कुमार ने बताया कि राज्य में अपनी इकाईयां स्थापित करने के लिए आने वाली कम्पनियों को कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। इनमें केपिटल सब्सिडी, केप्टीव इक्वीपमेंट सब्सिडी, स्टाम्प डूयूटी में रियायत, अन्य कर रियायतें, ऋणों पर ब्याज सब्सिडी, एफ्लुऐंट ट्रीटमेंट प्लांट्स सब्सिडी, पेटेंट फाईलिंग सब्सिडी आदि प्रमुख है। दुर्गम व पर्वतीय क्षेत्रों में अघिक रियायतें प्रदान की जाएंगी। इसके लिए राज्य के जिलों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। ‘ए’ श्रेणी में पिथौरागढ़, उŸारकाशी, चमोली, चम्पावत, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर को लिया गया है। ‘बी’ श्रेणी में पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, देहरादून के पर्वतीय विकासखण्ड (विकासनगर, डोईवाला, सहसपुर व राजपुर को छोड़ते हुए), नैनीताल के सभी पर्वतीय विकासखण्ड(हल्द्वानी व रामनगर को छोड़ते हुए) शामिल किए गए हैं। ‘सी’ श्रेणी में देहरादून जिले के रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला विकासखण्डों के 650 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, नैनीताल जिले में रामनगर व हल्द्वानी विकासखण्ड शामिल हैं। ‘डी’ श्रेणी में हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून व नैनीताल जिले के वे क्षेत्र जो अन्य श्रेणियों में नहीं लिए गए हैं, शामिल किए गए हैं।
श्री कुमार ने जानकारी दी कि पालिसी में किए जा रहे प्राविधानों के अनुसार राज्य के प्रत्येक विभाग को आईटी संबंधी गतिविधियों के लिए 2 प्रतिशत बजट का प्राविधान रखना होगा। पर्वतीय क्षत्रों में आई.सी.टी.एंड.ई. के लिए सिडकुल विभिन्न क्लस्टर चिन्हित करेगा। राज्य में तीन इलेक्ट्रोनिक मेनुफेक्चरिंग क्लस्टर(ईएमसी) स्थापित की जाएंगी।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड की चीनी मिलों के लिए केन्द्र सरकार से 200 करोड़ का साॅफ्ट लोन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री श्री रावत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि राज्य में 8 चीनी मिलें हैं जिनमें से 5 मिलें सार्वजनिक व सहकारी क्षेत्र की एवं 3 निजी क्षेत्र की हैं। राज्य में चीनी मिलों ने पिराई सीजन 2015-16 में कुल 28.37 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पिराई की और 2.73 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन किया गया। इस सीजन में गन्ना किसानों का कुल देय भुगतान रू0 790.57 करोड़ था। राज्य सरकार द्वारा चीनी मिलों को साफ्ट लोन व विभिन्न प्रकार की रियायतें उपलब्ध करवाईं गईं। चीनी मिलों द्वारा रू0 573.71करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है परंतु अभी भी रू0 216.86 करोड़ का भुगतान किया जाना बाकी है।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने पत्र में बताया है कि लगभग 1 लाख 75 हजार से अधिक गन्ना किसान उŸाराखण्ड की चीनी मिलों से जुड़े हुए हैं। पिछले पिराई सीजन में केन्द्र सरकार द्वारा जनवरी 2015 में लोन पैकेज घोषित किया गया था। राज्य सरकार द्वारा भी गन्ना किसानों व चीनी मिलों को गन्ना खरीद टैक्स, एन्ट्री टैक्स, गन्ना सोसाईटी कमीशन व मण्डी समिति टैक्स आदि में छूट दी गईं। परन्तु ये उपाय भी चीनी मिलों को उबारने व गन्ना किसानों के पूर्ण भुगतान के लिए पर्याप्त नहीं रहे।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इस वित्तीय संकट के चलते गन्ना मिलें अपने मरम्मत  व रख-रखाव कार्य करने में सक्षम नहीं रहेंगी, जिसका विपरीत प्रभाव अगले पिराई सीजन 2016-17 पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड की गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए रू0 200 करोड़ का साॅफ्ट लोन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग नितिन गड़करी को पत्र लिखकर उŸाराखण्ड में स्थित 13 मोटर मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के तौर पर विकसित किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने हरिद्वार में नमामि गंगा के कार्यक्रम के अवसर पर आपसी विचार विमर्श में श्री गड़करी द्वारा व्यक्त की गई सहमति का संदर्भ देते हुए कहा कि राज्य में कुछ सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्गो के रूप में विकसित करने से उŸाराखण्ड के विभिन्न भ्क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी बढ़ेगी और राज्य के विकास में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने अपने पत्र में कुल 13 मोटर मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के तौर पर विकसित किए जाने का अनुरोध किया है। इनमें कौड़ियाला-व्यासघाट-सतपुली-पाबौ-नागचुखाल-मैहरचैरी(170किमी), मारचुला-भिक्यासैंण -टीपोला-गगास-बीन्टाल-सोमेश्वर-गिरिचीना-बागेश्वर(140किमी), क्यूटी-शामा-ग्वालदम-काशीनगर-मैहलचैरी(140किमी), मुनस्यारी-मिलन-ओल्डढुंग-बैमरासा-परीताल-उटाधूरा-टोपीढुंगा-चुढांग-सुमाना-मलारी(80किमी), धरांसु-लम्बगांव- राजाखेत-घनसाली-बूढ़ाकेदार(220किमी), पीठसैंण-देघाट-मेहरोली-बाजखेत-करपटिया-किंगरी-भरीखाल-मारचुला (90किमी), सुवाखोली से थत्यूड़ तक लिंक रोड़(45किमी), त्यूली-मौरी-पुरोला-नौगांव(83किमी), गरजिया-बेतालघाट -खैरना(65किमी), मरचुला-डौटियाल-सरायीखेत-उपराईखाल(80किमी), मासी-जाली-रानीखेत(63किमी), ऊखीमठ -चैपता-मण्डल- गोपेश्वर-चमोली(84 किमी) व दुगड्डा-मेदावन-हल्दुखाल-चिंडखाल-शंकरपुर(80 किमी) मोटर मार्ग शामिल है।
देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)
बुधवार को बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत से केन्द्रीय अध्यक्ष उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक एवं अर्द्ध सैनिक संगठन, से.नि.ले.कर्नल गंगा सिंह रावत के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की।
प्रतिनिधिमण्डल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष कप्तान(अ.प्रा) मदन सिंह गुंसाई, उपाध्यक्ष ह.(से.नि.) बुद्धि प्रसाद शर्मा, आर.के(से.नि) डी.एस.चैहान, पूर्व.सै. महिपाल सिंह, बलवीर सिंह, पूर्व कप्तान आलम ंिसंह कण्डारी, आ.सी.बलूनी आदि शामिल थे।
देहरादून 20 जुलाई, 2016 (सू.ब्यूरो)
बुधवार को बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत से अध्यक्ष, भारतीय मसीही युवा संघ, देहरादून हेमन्त गुरूंग के नेतृत्व में भारतीय मसीही युवा संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की।
प्रतिनिधिमण्डल में संरक्षक वी.एस.भण्डारी, रोबीन अमोस, उपाध्यक्ष रोशन लेपचा, महासचिव केरोल  एलीक रोजरस्, मशहूर गायक बाॅबी केश आदि शामिल थे।

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