कमलनाथ की कार्यप्रणाली से विधायक नाराज;सत्‍तारूढ विधायक धरने पर बैठेे

मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल कमलनाथ सरकार के खिलाफ विधानसभा के मुख्यगेट के पास धरने पर बैठ गए। उन्होंने पार्टी पर घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। सुबह 11 बजे वह समर्थकों के साथ विधानसभा पहुंचे। यहां गोयल समर्थकों के साथ विधानसभा की बैरिकेडिंग गेट से ऊपर चढ़े और फांदकर गांधीजी की प्रतिमा तक पहुंचे। 

वही भोपाल से प्राप्‍त समाचार के अनुसार वरिष्‍ठ कांग्रेसजन भी अपनी उपेक्षा से पीडित है, मुख्‍यमंत्री के पास वरिष्‍ठ कांग्रेस जनो, पार्टी के पदाधिकारियो के अलावा विधायको तक के लिए समय नही है, जिससे राज्‍य में कांग्रेस के प्रति नकारात्‍मक माहौल बनता जा रहा है- हिमालयायूके न्‍यूज पोर्टल ब्‍यूरो रिपोर्ट-

कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल समर्थकों के साथ सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे, विधानसभा की बैरिकेडिंग फांदकर मुख्य द्वार पर पहुंचे

विधायक सुनीता पटेल और अब मुन्नालाल गोयल मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को वचन याद दिला रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार से कार्यप्रणाली से उसके ही विधायक भी खुश नहीं है।

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गोयल ने कहा कि है कि यह धरना चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादों की याद दिलाने के लिए है। मैंने मुख्यमंत्री कमलनथ को पत्र लिखकर वादों को पूरा करने के लिए कहा लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसीलिए मैं धरने पर बैठा हूं। उन्होंने कहा कि न मैं मुख्यमंत्री से नाराज हूं और न ही अन्य किसी मंत्री से। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस ने वचन पत्र में किए गए वादों को पूरा किया जाए इस मामले पर गोपाल भार्गव ने मुन्नालाल गोयल के धरने पर तंज किया है। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर धरने पर बैठने की घोषणा की थीलिखा था-भूमिहीन परिवारों के आशियानों पर ठंड में बुल्डोजर चलते नहीं देख सकता

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में गूंगी बहरी सरकार विपक्ष और जनता तो दूर अब अपने ही विधायकों की नहीं सुन रही है। विधायक सुनीता पटेल और अब मुन्नालाल गोयल मुख्यमंत्री कमलनाथ को वचन याद दिला रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार से कार्यप्रणाली से उसके ही विधायक भी खुश नहीं है।

गोयल ने कहा किकांग्रेस सरकार अपने वचनपत्र में शामिल वादेपूरा नहीं कर रही है। इसलिए मैं धरनादेने के लिए मजबूर हुआ हूं।उन्होंने कहा कि न मैं मुख्यमंत्री से नाराज हूंऔर न ही अन्य किसी मंत्री से। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस ने वचन पत्र में किए गए वादों को पूरा किया जाए। गोयल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर धरने पर बैठने की घोषणा की थी। उन्होंने लिखा था कि सत्तादल का विधायक बनने के बाद अपने क्षेत्र के भूमिहीन परिवारों के आशियानों पर ठंड में बुल्डोजर चलते देख रहा हूं।प्रशासन के अधिकारियों से कांग्रेस कार्यकर्ता का अपमान होते देख रहा हूं। अब इसे नहीं देख सकता हूं। गोयल ने कहा किवे इस मांग पर भी अडिग हैं कि विधायकों की समस्याओं के निराकरण के लिए 15 दिन में एक बार प्रत्येक संभाग के विधायकों को बुलाकार विकास कार्यों की समीक्षा की जाना चाहिए।
गाेयल ने कहा कि कल पत्र लिखने के बाद उनसे अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है। लेकिन उम्मीद है कि आगामी 8-10 दिन में कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा। विधायक गोयल ग्वालियर में पिछले 20 वर्षों से निवास कर रहे 1200 गरीब भूमिहीन परिवारों को पट्टा नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ये गरीब जहां रहते हैं, वहां पर प्रशासन ठंड में बुलडोजर चला रहा है। गोयल ने पत्र में लिखा था कि”मुख्यमंत्री के रूप में आप पर काम के बोझ को मैं महसूस करता हूं। आपको विधायकों से मिलने का समय नहीं है,लेकिन जिस जनता ने मुझे विधायक चुना है, उसके हितों का ख्याल रखना मेरा फर्ज है। पिछले छह माह में मुख्यमंत्री से लेकर संबंधित मंत्रियों को कई बार पत्र दे चुका हूं। लेकिन समस्याएं जस की तस हैं।” उन्होंने आगे कहा था कि आपको जगाने के लिए 17-01-2020 के विधानसभा सत्र की कार्यवाही का बहिर्गमन किया है।

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