आरएसएस के सर्वे में फेल हुई हरियाणा सरकार

बीजेपी और आरएसएस ने हरियाणा की सभी विधान सभा सीटों और लोक सभा सीटों के लिए एक सर्वे करा रही है और अभी तक मिले नतीजे संगठन के लिए संतोषजनक नहीं रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार अभी तक हरियाणा मे दो सर्वे हो चुके हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) से भी इस बाबत रिपोर्ट ली जा रही है। हरियाणा की कुल 90 विधान सभा सीटों में से फिलहाल 47 पर बीजेपी का कब्जा है। वहीं राज्य की 10 लोक सभा सीटों में से सात पर बीजेपी काबिज है। हरियाणा में नवंबर 2014 में विधान सभा चुनाव हुए थे। राज्य में पहली बार बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायी थी। मनोहर लाल खट्टर को राज्य का सीएम बनाया गया। लेकन सत्ता खट्टर को रास नहीं आयी।

खट्‌टर सरकार ने रेप का आरोपी होने के बावजूद डेरामुखी को स्वच्छता मिशन का ब्रांड एम्बेसडर बनाया।

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ रेप मामले में सीबीआई कोर्ट में आए फैसले के बाद पंचकूला समेत हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में हिंसा भड़की ; इस बात की आशंका कोर्ट से लेकर शासन, प्रशासन और यहां तक आम आदमी तक को थी, फिर भी हरियाणा सरकार ने इस आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए.  डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को रेप केस में दोषी ठहराया गया। 15 साल पुराने केस में सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। इसके 10 मिनट बाद पंजाब-हरियाणा में डेरा अनुयायी हिंसक हो गए। 2 साल में खट्‌टर सरकार की ये तीसरी बड़ी नाकामी है। इससे पहले जाट आंदोलन और रामपाल की गिरफ्तारी में भी सरकार का लचर रवैया नजर आया था।

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मोदी लहर के बाद भी हारी ABVP

देशभर में मोदी लहर के बाद भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए छात्रसंघ चुनावों (दिल्ली विश्वविद्यालय) के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। चुनावों में ABVP को करारी हार का सामना पड़ा है। जबकि कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने चार साल बाद वापसी करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। अध्यक्ष पद पर NSUI के रॉकी तुशीद ने जीत दर्ज की है। उन्हें 16299 वोट मिले हैं जबकि ABVP उम्मीदवार को 14709 वोट मिले हैं। दूसरी तरफ उपाध्यक्ष पद भी NSUI ने जीत हासिल की है। वहीं ABVP को सचिव और सह सचिव पद से संतोष करना पड़ा है। हालांकि सह सचिव पद पर वोटों की गिनती दोबारा की जा रही है। NSUI की इस जीत पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। छात्रसंघ चुनाव में लोगों ने ABVP को हार का भाजपा का नीतियों को ठहराया है। ट्विटर पर यूजर्स ने छात्र संघ चुनाव में ABVP की हार पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

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हरियाणा की बीजेपी सरकार के खिलाफ आम लोगों का क्या मूड है इसका पता बीजेपी और आरएसएस को शायद लग चुका है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी और आरएसएस ने हरियाणा की सभी विधान सभा सीटों और लोक सभा सीटों के लिए एक सर्वे करा रही है और अभी तक मिले नतीजे संगठन के लिए संतोषजनक नहीं रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार अभी तक हरियाणा मे दो सर्वे हो चुके हैं। अखबार ने दावा किया है कि इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) से भी इस बाबत रिपोर्ट ली जा रही है। हरियाणा की कुल 90 विधान सभा सीटों में से फिलहाल 47 पर बीजेपी का कब्जा है। वहीं राज्य की 10 लोक सभा सीटों में से सात पर बीजेपी काबिज है।
हरियाणा में साल 2014 में विधान सभा चुनाव हुए थे। राज्य में पहली बार बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायी थी। मनोहर लाल खट्टर को राज्य का सीएम बनाया गया। लेकन सत्ता खट्टर को रास नहीं आयी। उनके पहले तीन साल में हरियाणा तीन बार बड़े विवाद का शिकार हुआ। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा और बलात्कार, संत रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान हिंसा और हत्या और गुरमीत राम रहीम को बलात्कार का दोषी पाए जाने के बाद हुई हिंसा, लूटपाट और हत्या को लेकर खट्टर सरकार विपक्ष की आलोचना के निशाने पर रही है। लेकिन सीएम खट्टर ने हर बार इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जनता का मिजाज भांपते हुए बीजेपी आधे सांसदों को टिकट काटकर नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है। विधान सभा चुनाव में भी पार्टी यही तरीका आजमा सकती है। खबर है कि बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी अगला आम चुनाव समय से पहले पूरा करने पर भी विचार कर रहे हैं। मौजूदा लोक सभा का कार्यकाल मई 2019 में पूरा हो रहा है। संविधान विशेषज्ञों के अनुसार लोक सभा चुनाव कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले तक कराए जा सकते हैं। खबर है कि पीएम मोदी ने इस बारे में संविधान विशेषज्ञों की राय ली है। पीएम मोदी कई मौकों पर देश में लोक सभा और विधान सभा चुनाव एक साथ कराने की वकालत कर चुके हैं। साल 2018 में कई राज्यों में विधान सभा होने वाले हैं। अगर मोदी सरकार समय से पहले चुनाव करवाती है तो इन राज्यों के चुनाव आगामी आम चुनाव के साथ हो सकते हैं।

@ इससे पूर्व 

चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी की बेटी का पीछा करने और छेड़छाड़ के आरोपों में हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला के कारण भी भाजपा की सांख पर असर पडा  है। इस घटना के खिलाफ बीजेपी के अंदर से ही नेताओं ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। बीजेपी सांसद द्वारा बराला को पद से इस्तीफा देने की बात कहने के बाद अब बीजेपी के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने बीजेपी नेता के बेटे के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयार कर ली है। इस बात की जानकारी सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर दी। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने आरोपियों को ‘नशे में धुत गुंडे’ बताते हुए कहा है कि वह आईएएस अफसर की बेटी के साथ छेड़छाड़ के इस मामले में पीआईएल दाखिल करेंगे।
इससे पहले कुरुक्षेत्र में बीजेपी के सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि बराला को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। सैनी ने बराला की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर हमारे परिवार को कोई गलत करता है तो नैतिकता के आधार पर हमें इस्तीफा दे देना चाहिए। इस कदम से पार्टी की छवि में सुधार आएगा। हरियाणा सरकार में मंत्री रहे सैनी ने कहा कि पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब लोगों ने इस इस्तीफा दिया है। सैनी के मुताबिक हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे विनोद शर्मा ने बेटे का नाम जेसिका लाल मर्डर केस में आने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि व्यक्तिगत रूप से उनकी गलती नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘यह किसी आम आदमी नहीं बल्कि हमारी पार्टी के अध्यक्ष पर आरोप लगाया गया है। परिवार की जैसी बेल होती है, उस पर वैसे ही फल लगते हैं।

इस तरह हरियाणा में भाजपा की सांख पर असर पडा है- 

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