उत्तराखंड की दस चीनी मिलों में से छह सरकारी एवं सहकारी क्षेत्र के पास और चार निजी क्षेत्र की हैं। सरकारी निर्णय के अनुसार अब सिर्फ बाजपुर चीनी मिल ही सरकार रखेगी। गदरपुर चीनी मिल को बंद करने और इस मिल के कर्मियों को अन्यत्र समायोजित करने का निर्णय लिया है। सवाल यह उठ रहा है कि इस मिल में कार्य करने वाले छह सौ नियमित और सीजनल कर्मचारी कहां समायोजित होंगे, जबकि चार अन्य सरकारी एवं सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों डोईवाला, नादेही, सितारगंज और किच्छा को भी पीपीपी मोड में देने का निर्णय लिया गया है।
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