शनिदेव चार अगस्त को दोबारा कन्या से तुला राशि में प्रवेश करेंगे, सो तुला राशि वालों सावधान! अब साढ़ेसाती का मध्य चरण प्रारंभ होने जा रहा है। समय पहले की अपेक्षा कुछ अनुकूल जरूर हो सकता है, लेकिन उतार-चढ़ाव कम नहीं होंगे। शास्त्र कहते हैं कि शनिदेव से कभी भी भय नहीं करना चाहिए, वह तो दंडाधिकारी हैं। जैसा मनुष्य कर्म करता है, उसी के अनुसार फल देते हैं। आप ‘ॐ शं शनैश्चराय नम:’ का यथाशक्ति जप कर अशुभ फलों को भी रोक सकते हैं।
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