दिल्‍ली में गहन मंथन के बाद मंत्रियों को विभागो का बंटवारा

मुख्‍यमंत्री के पास 36 विभाग #गुरूवार को विधानसभा बजट सत्र के प्रथम दिन परम्पराओं के क्रम में राजभवन में श्री राज्यपाल डाॅ.कृष्ण कान्त पाल द्वारा मंत्रीमण्डल के सम्मान में रात्रि भोज आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उनकी केबिनेट के सहयोगी, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष श्री अजय भट्ट, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री हरबंश कपूर उपस्थित थे।  

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राज्‍यपाल द्वारा कैबिनेट को बुलाये गये रात्रि भोज में हरबंश कपूर के उपस्थित रहने से यह कयास लगाये जा रहे हैं कि देर सवेर उन्‍हें मंत्रिमण्‍डल में लिया जा सकता है-

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पास 40 विभाग रखे हैं। सीएम ने अपने पास गृह, गोपन, कार्मिक,सतर्कता, विधि एवं न्याय, सचिवालय प्रशासन, सामान्य प्रशासन, सुराज एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा, लोक शिकायत, राज्य संपत्ति, लोनिवि, ग्राम्य विकास, सूचना, ग्रामीण निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़क एवं ड्रैनेज, नागरिक उड्डयन, ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आपदा प्रबंधन, राजस्व एवं भूप्रबंधन, सैनिक कल्याण, अर्द्धसैनिक कल्याण, तकनीकि शिक्षा, नियोजन, बाह्य सहायतित परियोजनाएं, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, पर्वतीय ग्रामों चकबंदी, औद्यागिक विकास, लघु मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खाद्य प्रसस्कंरण, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी, जैव प्रौद्योगिकी विभाग रखें हैं।

देहरादून
त्रिवेंद्र कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों की सूची जारी 23 मार्च 2017 को  दिल्‍ली में गहन मंथन के बाद जारी, मुख्‍यमंत्री के पास 36 विभाग, सतपाल महाराज के पास 9 विभाग , प्रकाश पंत के पास 10 विभाग, यशपाल आर्या के पास 8 विभाग, मदन कौशिक के पास 6 विभाग,  अरविन्‍द पाण्‍डे के पास 6 विभाग, सुबोध उनियाल के पास 6 विभाग, रेखा आर्या के पास 5 विभाग , डा0 धन सिंह रावत के पास 4 विभाग का आवटन किया गया है,  

सीएम के पास गृह,कार्मिक,ऊर्जा,सूचना सहित 36 विभाग

प्रकाश पंत- आबकारी, संसदीय कार्य,पेयजल

सतपाल महाराज- सिंचाई,पर्यटन
मदन कौशिक- शहरी विकास,आवास
यशपाल आर्य- परिवहन समाज कल्याण
अरविंद पांडे- विद्यालयी शिक्षा,पंचायती राज
हरक सिंह रावत- वन एवं पर्यावरण
सुबोध उनियाल- कृषि,उद्यान
राज्यमंत्री रेखा आर्य- महिला कल्याण,पशुपालन
धन सिंह रावत- सहकारिता, उच्च शिक्षा

###सतपाल महाराज को 9 विभाग

सतपाल महाराज को 9 विभाग मिले हैं। सिंचाई बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, जलागम प्रबंधन, भारत नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, पर्यटन, तीर्थाटन एवं धार्मिक मेले और संस्क़ृति

प्रकाश पंत को मिले 10 विभाग
प्रकाश पंत को 10 विभाग मिले हैं। संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग

डॉ. हरक सिंह रावत को मिल 7 विभाग
डॉ. हरक सिंह रावत को 07 विभाग मिले हैं। वन एवं वन्यजीव, पर्यावरण एवं ठोस अवशिष्ट निवारण, श्रम सेवा योजना, प्रशिक्षण, आयुष एवं आयुष शिक्षा

मदन कौशिक को मिले 6 विभाग
मदन कौशिक को 6 विभाग मिले हैं। शहरी विकास, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, जनगणना, पुनर्गठन, निर्वाचन

यशपाल आर्य को मिले 8 विभाग
यशपाल आर्य को 8 विभाग मिले हैं। परिवहन, समाज कल्याण, अलपसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, ग्रामीण तालाब विकास, सीमांत क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबंधन, पिछड़ा क्षेत्र विकास

अरविंद पांडे को मिले 6 विभाग
अरविंद पांडे को 6 विभाग मिले हैं। विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज

सुबोध उनियान को मिले 6 विभाग
सुबोध उनियान को 6 विभाग मिले हैं। क़ृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग, रेशम विकास

रेखा आर्य को मिले 5 विभाग
रेखा आर्य को 5 विभाग मिले हैं। महिला कल्याण एवं बाल विकास, भेड़ एवं बकरी, पालन, पशुपालन, चारा एवं चारागाह विकास, मत्स्य विकास,

डॉ. धन सिंह रावत को मिले 4 विभाग
डॉ. धन सिंह रावत को 4 विभाग मिले हैं। सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास और प्रोटोकाल

अमर शहीद भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरू जी की शहादत दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दीप प्रज्जवलित कर आजादी के महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वीर सावरकर युवा संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में शहीद भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरू की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनकी शहादत ने उस दौर के युवाओं में इन्कलाब की भावना भर दी। वीर सावरकर ने सेल्युलर जेल में देश की आजादी के लिए कड़ी यातनाएं सहीं।
      मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि तथाकथित 300 साल की गुलामी का समय गंुलामी का नहीं बल्कि देश की आजादी के लिए संघर्ष का काल था। इन तीन सौ वर्षों में एक भी दिन ऐसा नहीं था जब देश के लोगों ने आजादी की आवाज बुलंद नहीं की हो। हमें इतिहास में 1857 का गदर पढ़ाया जाता रहा जबकि यह हमारा प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था।
      मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्यौछावर करने वाले युवाओं की शहादत को अपने दिलों में याद रखना है। आज जरूरत देश के लिए मरने की बजाय देश के लिए कुछ करने की है।
      वीर सावरकर युवा संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 2100 दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

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