27 नवंबर 2025 मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी विष्णु सप्तमी & गुरुवार के उपाय 

27 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:44 − 12:26 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 13:23 − 14:41 मिनट तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त: 05:16 ए एम से 06:09 ए एम & गुरु नानक जयंती  2025 में 27 नवंबर): by Chandra Shekhar Joshi Mob. 9412932030

27 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:44 − 12:26 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 13:23 − 14:41 मिनट तक रहेगा। 

27 नवंबर 2025, गुरुवार का दिन है. आज मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है. आज भद्रा और पंचक दोनों का साया रहेगा. इन दोनों को ही अशुभ मुहूर्त माना जाता है & सूर्योदय का समय : 06: 53 ए एम सूर्यास्त का समय : 05: 24 पी एम चंद्रोदय का समय: 12:15 पी एम चंद्रास्त का समय : 11:32 पी एम

सप्तमी – 12:29 ए एम, नवम्बर 28 तक, अष्टमी है, आज गुरुवार है। अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। आज राहुकाल 01:27 अपराह्न से 02:45 अपराह्न तक रहेगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज शतभिषा का योग 

आम तौर पर एक दिन को 1 घंटे 30 मिनट के 8 भागों में बांटा जाता है। पहला भाग उस दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अंतिम भाग उस दिन लगभग सूर्यास्त पर समाप्त होता है। इसी तरह, वर्तमान दिन के सूर्यास्त से शुरू होकर अगले दिन सूर्योदय तक 8 भाग होते हैं। समय अवधि के 7 प्रकार/ग्रेड हैं जिनमें से चार शुभ (अमृत, शुभ, लाभ, चंचल) हैं और तीन अशुभ (रोग/काल/उदवेघ) हैं। भारतीय ज्योतिषी बताते हैं कि शुभ अवधि में किए गए कार्यों का आमतौर पर परिणाम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और अशुभ अवधि में किए गए कार्यों का परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालाँकि, परिणाम कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है। 

27 नवंबर 2025 को वृश्चिक राशि में बुध के उदय से वाशी योग का निर्माण हो रहा है। यह शुभ संयोग कई राशियों के लिए भाग्यशाली साबित होगा। इससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी और करियर व व्यापार में सफलता मिलेगी। 

 27 नवंबर दिन है गुरुवार है और कल तिथि है मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी है जिसे मित्र सप्तमी और विष्णु सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में कल का दिन गुरु बृहस्पति को समर्पित होगा और कल के दिन चंद्रमा का संचार दिन रात कुंभ राशि में होगा। और चंद्रमा के इस गोचर से कल अनफा योग बनेगा। गुरु चंद्रमा की राशि कर्क में विराजमान होकर हंस राजयोग बनाएंगे। इसके साथ ही कल गुरुवार के दिन चंद्रमा पर मंगल की भी दृष्टि होगी जिससे कल धन योग भी बनने जा रहा है। इन सबके साथ कल धनिष्ठा नक्षत्र के संयोग में ध्रुव योग भी बन रहा है। ऐसे में भगवान विष्णु की कृपा से वृषभ, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों को राजयोग का सुख और लाभ दिलाने वाला

 भगवान विष्णु को तुलसी की मंजरी अर्पित करें और ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। & किसी मंदिर में धार्मिक पुस्तकों का दान करना चाहिए। भोजन वस्त्र का दान देकर आशीर्वाद लेना चाहिए।  नारायण कवच का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और साथ ही विष्णु स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

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