:3 जनवरी 2026 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि पर आर्द्रा नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो शनिवार को अभिजीत मुहूर्त 12:04-12:46 मिनट तक रहेगा। राहुकाल 9:50-11:07 मिनट तक रहेगा। पक्ष-शुक्ल ऋतु-शिशिर & गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-अस्त & आज के व्रत, त्योहार और विशेष घटनाएं- स्नान-दान पूर्णिमा/ माघ स्नान प्रारंभ यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें। -ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:। मन्दिर में साबुत उड़द चढ़ाएं। शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor : Himalayauk News (Leading Newsportal & youtube Channel & Daily Newspaper) Mob. 9412932030 & Founder Maha Mai Bagula Mukhi Peeth Dehradun

सहारनपुर की शिवालिक पर्वत श्रृंखला में स्थित माँ शाकंभरी देवी का प्राकाट्य पौष शुक्ल पूर्णिमा को हुआ, माता के इस प्राकाट्य उत्सव को शाकंभरी पूर्णिमा तथा शाकंभरी जयन्ती के नाम से जाना जाता है। माता शाकंभरी को सहारनपुर एवं उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं माता शाकुंभरी भी कहा जाता है। शाकंभरी पूर्णिमा, पौष अष्टमी से आठ दिनों तक चलने वाले शाकंभरी नवरात्रि का समापन दिवस है। माँ शाकंभरी देवी को शाक सब्जियों और वनस्पतियों की देवी कहा जाता है।
3 जनवरी 2026, दिन शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. इस दिन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है. पौष–माघ की यह पूर्णिमा शाकंभरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, यह दिन मासिक पर्वों के लिहाज से खास माना जाता है. इस दिन स्नान का बहुत महत्व माना जाता है.
3 जनवरी 2026 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि पर आर्द्रा नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो शनिवार को अभिजीत मुहूर्त 12:04-12:46 मिनट तक रहेगा। राहुकाल 9:50-11:07 मिनट तक रहेगा।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से & 3 जनवरी को पौष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और शनिवार का दिन है। पूर्णिमा तिथि शनिवार दोपहर बाद 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। 3 जनवरी को सुबह 9 बजकर 5 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा, उसके बाद इंद्र योग लग जाएगा। साथ ही शनिवार को शाम 5 बजकर 28 मिनट तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा। इसके आलावा पौष महीने की पौषी पूर्णिमा है। सूर्योदय- सुबह 7:14 am सूर्यास्त- शाम 5:37 pm
3 जनवरी 2026, दिन शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. इस दिन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है. पौष–माघ की यह पूर्णिमा शाकंभरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, यह दिन मासिक पर्वों के लिहाज से खास माना जाता है. इस दिन स्नान का बहुत महत्व माना जाता है. पौष माघ की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों और कष्टों से मुक्ति मिलती है और पितृ पक्ष भी तर जाते हैं. शनिवार के दिन पौष माघ दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक ही रहेगी, उसके बाद प्रतिपदा लग जाएगी. शनिवार के दिन भद्रा का साया नहीं रहने वाला है, तो चलिए जानते हैं कि शनिवार, 3 जनवरी को शुभ और अशुभ मुहूर्त किस समय से लगने वाले हैं.
शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 34 मिनट से लेकर 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा. अमृत काल मुहूर्त सुबह 8 बजकर 33 मिनट से लेकर 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 9 मिनट से लेकर 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा.
अशुभ मुहूर्त की बात करें तो आज भद्रा का साया नहीं रहेगा, जबकि राहुकाल सुबह 9 बजकर 50 मिनट से लेकर 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 7 बजकर 14 मिनट से लेकर 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, जबकि यमगण्ड काल दोपहर 1 बजकर 43 मिनट से लेकर 3 बजकर 1 मिनट तक रहेगा. दुर्मुहूर्त सुबह 7 बजकर 14 मिनट से लेकर 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. आडल योग शाम 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 4 जनवरी की सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा.
शनिवार को सूर्योदय सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 37 मिनट पर होगा. बात अगर चन्द्रोदय की करें तो वह शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा और अगले दिन यानी 4 जनवरी तक रहेगा. शनिवार के दिन दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा, तो शनिवार के दिन पूर्व दिशा की यात्रा करने से बचें.
दुर्गा सप्तशती के मूर्ति रहस्य में माता शाकंभरी का रंग नीला बताया गया है। माता की आंखें नीले कमल के समान हैं और वह कमल के फूल पर विराजमान रहती हैं। माता की एक मुट्ठी में कमल का फूल है और दूसरी मुट्ठी में तीर बताए गए हैं। किंवदंती है कि भीषण सूखे और अकाल के दौरान, देवी दुर्गा ने पीड़ा को कम करने के लिए शाकंभरी के रूप में अवतार लिया। उन्होंने जीविका और आराम प्रदान किया, जिससे उन्हें स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी देवी का दर्जा प्राप्त हुआ।
3 जनवरी 2026 का पंचांग
आज की तिथि- पूर्णिमा – 03:32 पी एम तक, फिर प्रतिपदा तिथि
आज का नक्षत्र- आर्द्रा – 05:27 पी एम तक, उसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र
आज का करण- बव – 03:32 पी एम तक, बालव – 01:58 ए एम, 4 जनवरी तक
आज का योग- ब्रह्म – 09:05 ए एम तक, इसके बाद इंद्र योग – 05:16 ए एम, 4 जनवरी तक
आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
आज का दिन- शनिवार
चंद्र राशि- मिथुन राशि
पौष पूर्णिमा पर स्नान-दान का मुहूर्त
पौष पूर्णिमा पर यानी 3 जनवरी को सुबह के समय 7 बजकर 30 मिनट तक स्नान, दान आदि कार्य करना सबसे उत्तम रहेगा. साथ ही इस दिन ब्रह्म योग और इंद्र योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. पौष पूर्णिमा का स्नान व दान ब्रह्म योग में किया जाएगा, जो बेहद लाभकारी माना जा रहा है.
शाकंभरी नवरात्रि जिसे बाणदा एकादशी के नाम से जाना जाता है, देवी दुर्गा के शाकंभरी अवतार को समर्पित एक प्रतिष्ठित उत्सव है, जो पोषण और स्वास्थ्य का प्रतीक है। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर के पौष महीने में मनाया जाता है। इसे पौष गुप्त नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। पौष शुक्ल अष्टमी से पौष पूर्णिमा तक मनाए जाने वाले इस त्योहार में देवी शाकंभरी के सम्मान में उपवास किया जाता है।
3 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
- पौष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि- 3 जनवरी को दोपहर बाद 3 बजकर 33 मिनट तक
- ब्रह्म योग- 3 जनवरी को सुबह 9 बजकर 5 मिनट तक
- आर्द्रा नक्षत्र- 3 जनवरी 2026 को शाम 5 बजकर 28 मिनट तक
- 3 जनवरी 2026 व्रत-त्यौहार- पौष पूर्णिमा, पौषी पूर्णिमा