राजोआना को इस मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। एसजीपीसी ने कानून विशेषज्ञों के साथ बैठक के बाद इस संबंध में फैसला किया। राजोआना ने पहले एसजीपीसी से अपनी याचिका वापस लेने की अपील की थी।
एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि सभी कानूनी विशेषज्ञों का मत है कि दया याचिका को वापस नहीं लिया जाना चाहिए और इस कानूनी लड़ाई को आगे जारी रखा जाना चाहिए।