हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कमरुनाथ जी खाटू श्याम का अवतार

जून में कमरूनाग मंदिर में विशाल मेले का आयोजन, कामरुनाग महाभारत का राजा यक्ष है,

चंद्रशेखर जोशी संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ देहरादून

कमरूनाग, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित एक रहस्यमयी झील है। यह झील करसोग घाटी में समुद्र तल से 3,334 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसे देवताओं के नाम से भी जाना जाता है, और इसके आसपास कई मान्यताएं और कहानियां जुड़ी हुई हैं।

ऐसा कहा जाता है कि कमरुनाग बाबा अन्य देवताओं की तरह नहीं थे, क्योंकि माना जाता है कि महाभारत काल में वे रक्षक थे । ऐसा माना जाता है कि इस झील के पानी में पांडवों की वह संपत्ति छिपी हुई है जिसे उन्होंने युद्ध के बाद भक्ति के रूप में कमरुनाग बाबा को अर्पित किया था, ताकि इसे दुनिया की अराजकता से बचाया जा सके।

कुछ मान्यता है कि देवता कमरुनाथ जी को खाटू श्याम या बरबरी का भी अवतार मानते हैं। जब श्री कृष्ण ने बर्बरीक से उनका शीश कटवा लिया था और उन्होंने सारा का सारा महाभारत सर कटा होने के बावजूद देखा था।

खाटू श्याम बाबा के 11 प्रसिद्ध नाम ये 11 नाम लेने से आपके सारे काम पूरे होंगे बर्बरीक मोरवीनंदन लाखा-दतारी बाणधारी शीश के दानी कलियुग के अवतारी श्री श्याम हारे का सहारा खाटू नरेश लीला के अस्वर श्याम प्यारे

उन्हें तीन बाण धारी का उपनाम भी मिला, जिसका अर्थ है “तीन बाणों का वाहक”, जो उन्होंने भगवान शिव से प्राप्त किया था ।

कमरूनाग को महाभारत के राजा यक्ष के रूप में जाना जाता है, जिसकी पांडवों द्वारा पूजा की जाती थी. झील के अंदर अरबों-खरबों का खजाना छिपा होने की मान्यता है, जिसकी सुरक्षा दैविक शक्तियों द्वारा की जाती है.
झील के आसपास के लोग मानते हैं कि खजाने की रक्षा सामान्य सुरक्षा व्यवस्था से नहीं, बल्कि दैविक शक्तियों द्वारा की जाती है.
प्रकृति प्रेमियों के लिए कमरूनाग की यात्रा स्वर्ग की यात्रा है.
झील में सोना, चांदी और सिक्के चढ़ाने की परंपरा है, जो भक्तों द्वारा मनोकामना पूरी होने पर की जाती है.
हर साल जून में कमरूनाग मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं.
कमरूनाग झील मंडी जिले से 51 किलोमीटर दूर स्थित है.
झील के किनारे कमरूनाग बाबा की पत्थर से बनी प्रतिमा है.

“मेरी विनती सुने तो जानू, “परेशान और दुखी अनवर ने भगवान शिव से मन्नत मांगी कि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *