सौभाग्य, आरोग्य और आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति ; by Cha9412932030ndra Shekhar Joshi – Mob. 9412932030
22 जून का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास गुरु अस्त हैं दुर्लभ संयोग & सौभाग्य, आरोग्य और आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति
जब मासिक कार्तिगाई, गौण योगिनी एकादशी और वैष्णव योगिनी एकादशी एक ही दिन पड़ते हैं, तो वह तिथि अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ मानी जाती है। इन तीनों का संयोग आध्यात्मिक उन्नति, पापक्षय और दिव्य फल की प्राप्ति के लिए अत्यंत शक्तिशाली योग बनाता है। मासिक कार्तिगाई दक्षिण भारत में विशेष रूप से पूजन योग्य होती है, यह दिन भगवान शिव और कार्तिकेय को समर्पित होता है। दीप प्रज्वलन और उपवास से दोषों की शांति और शुभता बढ़ती है।
गौण योगिनी एकादशी भले ही द्वितीय श्रेणी की मानी जाती हो, लेकिन इसका व्रत रखने पर भी व्यक्ति को पापों से मुक्ति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से यह व्रत रोग, दरिद्रता और मानसिक क्लेशों को हरता है। वैष्णव योगिनी एकादशी श्रीविष्णु भक्ति का पर्व है। इसका व्रत मोक्षदायी और समस्त पापों का नाशक माना गया है। यह व्रत विष्णु भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, और उनके जीवन में शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य लाता है।
इन तीनों का एक साथ आना एक दुर्लभ संयोग होता है, जिसमें उपवास, दान, दीपदान, विष्णु-स्मरण और शिव पूजन विशेष फलदायक सिद्ध होते हैं। इस दिन एकाग्रता से पूजा, व्रत और मंत्र जाप करने से सौभाग्य, आरोग्य और आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति होती है।

22 जून 2025 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस दिन भरणी नक्षत्र और सुकर्माण योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो रविवार को अभिजीत मुहूर्त 11:55 − 12:50 मिनट तक रहेगा। राहुकाल शाम 17:33 − 19:17 मिनट तक रहेगा। सुकर्मा, त्रिपुष्कर और भरणी नक्षत्र बन रहा है, जो शुभ माना गया है. श्रीकृष्ण की पूजा, तर्पण, दान करना शुभ
22 जून 2025 को आषाढ़ माह का चौथा दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष तिथि द्वादशी है। आज रविवार का दिन है। सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा मेष से वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। आपको बता दें, आज रविवार के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:55 ए एम से 12:51 पी एम तक रहेगा। इस दिन राहुकाल 05:38 पी एम से 07:22 पी एम तक रहेगा। आज वार के हिसाब से आप रविवार का व्रत रख सकते हैं, जो ग्रहों के राजा सूर्य देव को समर्पित होता है। आज मासिक कार्तिगाई, गौण योगनी एकादशी, वैष्णव योगिनी एकादशी का योग है।
रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। इस दिन सूर्य देव को जल चढ़ाने, तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें लाल फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देने से विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने, सूर्य देव के मंत्र “ऊं सूर्याय नमः” या “ऊं घृणि सूर्याय नमः” का जप करने से भी विशेष लाभ मिलता है। रविवार के दिन गुड़ और तांबे के दान का भी विशेष महत्व है। इन उपायों को करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है।
रविवार को नहाते समय पानी में नमक मिला लेना चाहिए. इससे जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. साथ ही दोष समाप्त होते हैं. मंदिर में गेहूं व गुड़ का दान, लाल रंग सूर्य देव को प्रिय है, इसलिए रविवार को लाल वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. पूजा में लाल वस्त्र पहनकर शामिल हों तो विशेष फल मिलता है.