वक्त न लगा वक्त बदलने में

हालात कभी भी स्थायी नहीं होते है। सुख और दुख दोनों ही अस्थायी हैं। । जो इंसान बुरे समय में भी मुस्कुराना जानता है, वही सच्चे अर्थों में जीवन जीना जानता है।   वक्त किसी के भी नियंत्रण में नहीं होता। सभी की जिन्दगी समय के छोटे छोटे हिस्से में बंटी हैं। सभी हिस्सों का अपना अपना विशेष महत्व है।जब वह हिस्सा पूरा हो जाता है तो उस हिस्से की जिन्दगी भी वहीं पर रुक जाती है। इसलिए हमें अपने समय का बहुत ही समझदारी से प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि जो समय बीत गया वो वापस नहीं आताए वक़्त केवल कड़े प्रयास और सकरात्मक सोच से ही बदलता है| 

वक़्त सबको मिलता है ज़िन्दगी बदलने के लिए
पर ज़िन्दगी नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए;;;;;;; चन्द्रशेखर जोशी

जिस राजा के पास कभी असीम वैभव था, वह एक दिन भूखा बैठा था, लेकिन उसने परिस्थिति को मुस्कान के साथ स्वीकार कर लिया। जीवन में सुखी और शांत रहना चाहते हैं तो ये बातें हमेशा ध्यान रखें-

एक राजा जब भी युद्ध के लिए निकलता तो साथ में इतना खाना-पीना और सामान ले जाता कि उसे ले जाने के लिए 300 से ज्यादा हाथियों की जरूरत पड़ती थी। उसकी शान-शौकत, ऐश्वर्य और वैभव देखने लायक होता था। एक बार वो राजा एक युद्ध बुरी तरह हार गया। शत्रु राजा ने न केवल उसे कैद कर लिया, बल्कि उसके सारे हाथी और सामान भी जब्त कर लिए।

अब वही राजा, जो कभी बड़ी सेना और भव्यता के साथ चलता था, एक कैदी बन गया था – वह अकेला, लाचार और भूखा था।

एक दिन उसका पुराना रसोइया किसी तरह उसे देखने पहुंच गया। राजा ने अपने रसोइए से कहा कि मुझे बहुत भूख लगी है, क्या तुम मेरे लिए कुछ बनाकर ला सकते हो?

रसोइया किसी तरह थोड़ी सी सब्जी और रोटी का इंतजाम करके राजा के पास लौट आया। रसोइए ने राजा के एक छोटे से बर्तन में रोटी और सब्जी सामने रख दी, लेकिन जैसे ही राजा ने खाने के लिए हाथ बढ़ाया, एक कुत्ता वहां आ गया और उस कुत्ते ने बर्तन में मुंह डाल दिया। बर्तन का मुंह छोटा था, इस कारण कुत्ते का मुंह उस बर्तन में फंस गया। कुत्ता डर गया और वह बर्तन लेकर वहां से भाग गया।

ये दृश्य देखकर राजा जोर-जोर से हंसने लगा। रसोइया हैरान हो गया और बोला कि महाराज, मैं बहुत मुश्किल से आपके लिए खाना लाया और वह भी एक कुत्ता ले गया है और आप हंस रहे हैं, ऐसा क्यों?

राजा ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं इस बात पर हंस रहा हूं कि एक समय था जब मेरे भोजन को ढोने के लिए सैकड़ों हाथियों की जरूरत पड़ती थी और आज एक कुत्ता मेरा खाना लेकर चला गया। ये बात सच है कि समय कभी भी बदल सकता है।

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