30 जून स्कन्द षष्ठी ; गुप्त नवरात्रि पर कर लें ये टोटके; अद्भुत सिद्धियां, मानसिक शक्ति से लेकर जीवन में रुके कामों के पूरा होने का कारक

30 जून स्कन्द षष्ठी व्रत  6 जुलाई   भगवान विष्णु योग निद्रा में & सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में  जीवन में लगातार समस्याएं बनी रहती हैं और सूझ नहीं रहा है कि क्या करें, घर में नकारात्मकता का माहौल है तो ऐसी स्थिति में गुप्त नवरात्रि के समय कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय करने से सभी परेशानियों का का अंत हो सकता है.

पीछा नहीं छोड़ रहा बुरा समय, गुप्त नवरात्रि पर चुपके से कर लें ये टोटके

नौ दिनों में शक्ति की महाविद्याओं की आराधना की जाती है. जो अद्भुत सिद्धियां, मानसिक शक्ति से लेकर जीवन में रुके कामों के पूरा होने का कारक बनती हैं.  काली हल्दी से जुड़े उपाय हनुमानजी से जुड़े उपाय  ग्रह दोष और वास्तु दोष के लिए उपाय

सोमवार है जो मन और माता के कारक ग्रह चंद्रमा से शुरू होता है. जीवन में सकारात्मकता, समृद्धि व सुख समृद्धि की प्राप्ति के लिए सोमवार को महादेव की पूजा आराधना कर सकते हैं. इससे जीवन के सभी संकट और कष्ट भी दूर होते रहेंगे. 

  • 30 जून का पंचांग: 30 जून 2025 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन सिद्धि नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग रहेगा     सूर्योदय का समय- सुबह 05:26 बजे
  • सूर्यास्त का समय- शाम 07:23 बजे

30 जून 2025 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन सिद्धि नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो सोमवार को अभिजीत मुहूर्त 11:56 − 12:51 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 07:13 − 08:57 मिनट तक रहेगा। 

30 जून को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और सोमवार का दिन है। पंचमी तिथि 30 जून को सुबह 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, उसके बाद षष्ठी तिथि लग जायेगी। शाम 5 बजकर 21 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। साथ ही पूरा दिन पूरी रात पार कर के 1 जुलाई की सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा आज स्कन्द षष्ठी व्रत है।

प्रदोष काल-06:31 PM से लेकर 07:41 PM बजे तक.
प्रदोष काल-06:31 PM से 07:41 PM बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त-12:03 PM से लेकर 12:56 PM बजे तक.
अमृत का मुहूर्त- 04:51 AM से लेकर  06:30 AM, 02:04 AM – 03:47 AM बजे तक.
ब्रह्म मुहूर्त- 04:12 AM से लेकर  05:00 AM बजे तक.
विजय मुहूर्त-02:10 AM से लेकर  03:03 AM बजे तक.
गोधूलि मुहूर्त 12:01:02 से लेकर  13:37:51 बजे तक.
निशिता काल-11:17 PM से 12:09 AM, 1 जुलाई तक.

6 जुलाई   भगवान विष्णु योग निद्रा में & सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में

हर साल आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को देवशयनी एकादशी के रूप में  मनाया जाता है। इस साल यह एकादशी तिथि 6 जुलाई दिन रविवार को है। इसी दिन से भगवान विष्णु 4 माह की योग निद्रा के लिए क्षीरसागर में आराम करने चले जाते हैं। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होता है, जो व्रत, तप, साधना और भक्ति के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। भगवान विष्णु 4 माह की योग निद्रा में जाते हैं। जब भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं तो सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में चली जाती है। भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन भी इसी समय के दौरान आता है। इस बार चातुर्मास 6 जुलाई से शुरू होकर 2 नवंबर 2025 तक रहेगा।

देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक सृष्टि के पालनहार योग निद्रा में होते हैं और उनकी अनुपस्थिति में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। यह वजह से मांगलिक कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य टाल दिए जाते हैं। इस दौरान मांस, मदिरा और तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। हो सके तो चातुर्मास में भूमि पर शयन करें।

चातुर्मास में भगवान विष्णु के शयन काल के दौरान सात्विक भोजन करें, दान-पुण्य करें। यानी चातुर्मास में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद के बीच अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वहीं, विष्णु भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए।

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