सावन 500 साल बाद दुर्लभ संयोग & 1 जुलाई धार्मिक दृष्टि से बेहद खास

 सावन 500 साल बाद दुर्लभ संयोग & सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहा है. सावन में ग्रहों का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है  11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में इस बार सूर्य, मंगल और शुक्र का राशि परिवर्तन होगा. साथ 500 साल बाद सावन में बुध और शनि वक्री होने जा रहे हैं. सावन में बन रहा ये महासंयोग कुछ राशियों के भाग्य खोल देगा. ज्योतिष सावन की शुरुआत इस साल 11 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। ऐसे में सावन में कई दुर्लभ संयोग बनते जा रहे हैं। जिसमें 
7 जुलाई को देवताओं के गुरु बृहस्पति उदय होंगे और कर्मफल दाता शनि देव 13 जुलाई को वक्री होने जा रहे हैं सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहा है.

सावन में ग्रहों का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है  11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में इस बार सूर्य, मंगल और शुक्र का राशि परिवर्तन होगा. साथ 500 साल बाद सावन में बुध और शनि वक्री होने जा रहे हैं. सावन में बन रहा ये महासंयोग कुछ राशियों के भाग्य खोल देगा.

ज्योतिष सावन की शुरुआत इस साल 11 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। ऐसे में सावन में कई दुर्लभ संयोग बनते जा रहे हैं। जिसमें  7 जुलाई को देवताओं के गुरु बृहस्पति उदय होंगे और कर्मफल दाता शनि देव 13 जुलाई को वक्री होने जा रहे हैं

 1 जुलाई का शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग, राहुकाल, ग्रहों की स्थिति

 1 जुलाई 2025: 1 जुलाई 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। इस दिन आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है । इस तिथि के स्वामी कार्तिकेय भगवान होते हैं।  01 जुलाई 2025 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और व्यतिपाता योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त 11:56 − 12:51 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 15:51 − 17:34 मिनट तक रहेगा।  इस दिन किनके लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय   

01 जुलाई 2025 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और व्यतिपाता योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त 11:56 − 12:51 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 15:51 − 17:34 मिनट तक रहेगा। 

शुभ संयोग   त्रिपुष्कर योग में किए गए शुभ कार्यों का फल तीन गुना मिलता है, जिससे धन, संपत्ति, और समृद्धि में वृद्धि होती है.

  • सावन 11 जुलाई से शुरू हो रहा है.
  • सावन में ग्रहों का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है  11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में इस बार सूर्य, मंगल और शुक्र का राशि परिवर्तन होगा. साथ 500 साल बाद सावन में बुध और शनि वक्री होने जा रहे हैं. सावन में बन रहा ये महासंयोग कुछ राशियों के भाग्य खोल देगा.
  • ज्योतिष सावन की शुरुआत इस साल 11 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। ऐसे में सावन में कई दुर्लभ संयोग बनते जा रहे हैं। जिसमें 
    7 जुलाई को देवताओं के गुरु बृहस्पति उदय होंगे और कर्मफल दाता शनि देव 13 जुलाई को वक्री होने जा रहे हैं

मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं साथ ही मसूर की दाल का दान करें.

  • अभिजित मुहूर्त – सुबह 11.57 – दोपहर 12.53
  • गोधूलि मुहूर्त – रात 7.22 – रात 7.42

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