पूरा देश पानी-पानी! बारिश अब आपदा, उत्तराखंड में कई हाईवे बंद। अभी तो सावन चौमास बाकी

भारी बारिश से तबाही  कहर बनकर बरसी बारिश, पूरा देश पानी-पानी! कहीं बादल फटे तो कहीं नदियां उफान पर  मानसूनी बारिश अब आपदा का रूप ले चुकी है। HIMALAYAUK NEWS ( Leading newsportal & youtube channel & Daily Newspaper) by Chandra Shekhar Joshi Chief Editor Mob. 9412932030

देश के कई राज्यों में मानसूनी आपदा की स्थिति है,अलवर में सड़कें जलमग्न तो प्रयागराज में गंगा-यमुना में बाढ़ जैसे हालात वहीं हिमाचल 24 घंटे से बारिश व बादल फटने से 4 मौतें व उत्तराखंड में कई हाईवे बंद।

देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश अब आपदा का रूप ले चुकी है। राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हालात बेकाबू हैं। कहीं सड़कों पर पानी बह रहा है तो कहीं नदियां उफान पर हैं। मंडी में बादल फटने से 4 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 16 लोग लापता हैं। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा-यमुना खतरे के निशान पर हैं। वहीं, बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की जान चली गई।

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी से घाट जलमग्न हो चुके हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने बताया कि 88 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और फ्लड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय है। वाराणसी में भी गंगा घाटों की ऊपरी सीढ़ियों तक पहुंच गई है। वहीं, बिहार में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में तीन बच्चे गागर नदी में फंस गए थे, जिन्हें तीन घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया। हरियाणा के करनाल में यमुना में अचानक बाढ़ आ जाने से डंपर और जेसीबी डूब गए, लेकिन ड्राइवरों ने समय रहते जान बचा ली।

राजस्थान के अलवर में सोमवार को भारी बारिश के कारण सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया। राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल और महिला पुलिस थाने में भी पानी घुस गया। धौलपुर में नेशनल हाईवे-123 की सड़क दो हिस्सों में कट गई। वहीं, उत्तराखंड के कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग और यमुनोत्री हाईवे पर लैंडस्लाइड से यातायात पूरी तरह बाधित है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी से मंदिर डूब गए हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 4 जगह बादल फटने से बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाएं हुईं। DIG सौम्या सांबशिवन ने बताया कि गोहर इलाके में SDRF और NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। कुकलाह में कई घर और एक मंदिर बाढ़ में बह गए हैं। मंडी के बिजनी में निर्माणाधीन टनल का हिस्सा ढहने से मलबे में मशीनें दब गईं। हमीरपुर में 20 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।

हिमाचल में हाहाकार! मंडी में 5 जगह फटा बादल, व्यास नदी ने लिया रौद्र रूप

करसोग इलाके में 2 जगह बादल फटा। 1 व्यक्ति की मौत हुई, 7 लोग लापता हैं। कुछ गाड़ियां बह गईं। बाखलीखड्ड पर 16 मेगावाट का पॉवर प्रोजेक्ट तबाह हुआ। ब्यास नदी में भयंकर बाढ़ है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। पूरे राज्य में अलर्ट है।

कुल्लू में बीती रात से हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भूस्खलन और कई सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। आनी उपमंडल के लूहरी क्षेत्र के समीप करशा गांव में नाले में अचानक बाढ़ आने से एक वाहन के मलबे में दबने की खबर है।

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर औट-लूहरी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-305) पर देखने को मिल रहा है। यह प्रमुख मार्ग कई स्थानों पर मलबा और पानी से बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण जिले की अधिकतर नदियां और नाले उफान पर बह रहे हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार भारी बारिश के कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के कारण मंडी में 129 और सिरमौर जिले में 92 सहित राज्य में 259 सड़कें बंद हो गईं और 614 ट्रांसफार्मर और 130 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 20 जून को मानसून के आगमन के बाद से राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। मंडी जिले का हाल बेहद बुरा है। पिछले 15 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते जिले में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चंडीगढ़ मनाली हाईवे भी बंद कर दिया गया है। यहां कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। मंडी के करसोग इलाके में कई जगहों पर बादल फटे हैं, जिसके चलते 7 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि एक शव बरामद किया गया है।

इसके अलावा शिमला में एक पांच मंजिला इमारत 5 सेकंड में ढह गई। यहां चल रहे फोरलेन सड़क के निर्माण के चलते इस इमारत में पहले ही गहरी दरारें आ गई थीं। प्रशासन ने इमारत को खाली करा लिया था, ताकि जान-माल का नुकसान न हो। कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

भारी बारिश और बादल फटने की वजह से मंडी के अलग-अलग इलाकों में तबाही जारी है। गांव सयाठी में बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। पंडोह बांध से 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण पंडोह बाजार में जलभराव के कारण बीती रात भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। आज भी मंडी में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिले में आज स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

मंडी में लगातार हो रही भीषण बारिश और बादल फटने की वजह से व्यास नदी ने ख़तरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। नदी का जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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