सावन 11 जुलाई से शुरू & 4 महीने संसार की बागडोर शिव हाथों; बगलामुखी पीठ देदून के संस्थापक अध्यक्ष सिक्किम में साधनारत

सावन मास 11 जुलाई से आरंभ & 11 जुलाई 2025 का शुभ मुहूर्त & 11 जुलाई 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन से शिव जी का प्रिय महीना सावन शुरू हो रहा है. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सावन के हर दिन खासकर सोमवार को जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करें & शिव के पावन महीने में भोलेनाथ को जल चढ़ाएं और फिर बेलपत्र अर्पित करें. कहते हैं इससे सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. & सावन की शुरुआत 11 जुलाई 2025 से हो रही है. इस साल सावन में जलाभिषेक कब-कब किया जाएगा, BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI EDITOR IN CHIEF MOB. 9412932030 (Call us)

सावन शुरू 11 जुलाई से आरंभ & ‘एक लौटा जल सारी समस्याओं का हल’  खड़े होकर जल नहीं चढ़ाना & शिवलिंग का जलाभिषेक 11 बजे तक & महाशिवरात्रि के बाद पूरे वर्ष में यह दूसरा अवसर होता है जब भग्वान शिव की पूजा बडे़ ही धूमधाम से मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि जो सावन में महादेव का सच्चे मन से पूजन करता है उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं,मनोकामनाएं जल्द सिद्ध होती है. सावन में अपनों को ये शुभकामनाएं भेजकर इस पावन पर्व के आगमन की बधाई दे सकते हैं. 

व्रत और पर्व-  आज से पवित्र सावन माह की शुरुआत होगी और शिव पूजन किया जाएगा, श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि- देर रात 2 बजकर 9 मिनट तक रहेगी

दिन- शुक्रवार वैधृति योग- रात 8 बजकर 44 मिनट तक & वैधृति योग बन रहा है हालांकि ये शुभ नहीं माना जाता है. खड़े होकर जल नहीं चढ़ाना चाहिए सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर 11 बजे तक कर लेना चाहिए. प्रदोष काल में पूजन सामग्री अर्पित कर दीपक जलाएं और मंत्रों का जाप करें.

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र- पूरा दिन पूरी रात पार कर के सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक

शिव जी के जलाभिषेक के लिए सावन में इस बार 4 सोमवार का संयोग बन रहा है. पहला सावन सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई और चौथा सावन सोमवार 4 अगस्त 2025 को है.

सावन वो महीना है जब शिव जी ने माता पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था, इसलिए ये महीना भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है.इस माह को शिवभक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं. तांबे के लौटे से जल की पतली धारा शिवलिंग पर धीरे-धीरे गिराएं.

सावन में समुद्र मंथन से निकले विष को पीने के बाद भोलेनाथ पर जल चढ़ाया गया था, इससे उनकी पीड़ा कम हुई थी. यही वजह है कि सावन में हर दिन खासकर कुछ प्रमुख तिथियों और हर सोमवार को जलाभिषेक का विशेष महत्व है. भगवान शिव की आरती करें और भोग लगाएं.

जब सावन में शिव जी पृथ्वी पर आते हैं तो भक्तों के दुख भाग जाते हैं. भोलेनाथ की आराधना करने वालों की हर मुरादें पूरी होती है. आज के दौर में एक वाक्य बहुत प्रसिद्ध है ‘एक लौटा जल सारी समस्याओं का हल’ यही वजह है कि सावन में शिवालय में जलाभिषेक के लिए लंबी-लंबी कतारे लगती है.

सावन का महीना शिव भक्ति का सबसे शुभ महीना & सावन में कांसे के बर्तन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इन्हें स्टोर रूप में रख दें. सावन में स्टील के बर्तन में खाना खाएं.  सावन की शुरुआत 11 जुलाई से होगी और समाप्त 9 अगस्त को होगी. ये पूरा एक महीना शिव पूजन के लिए समर्पित है

दरअसल शिवलिंग पर जल अर्पित करने को जलाभिषेक कहा जाता है. जलाभिषेक के दौरान, भक्त आमतौर पर साफ पानी, गंगाजल या किसी पवित्र नदी के जल का उपयोग करते हैं. मान्यता है कि सावन में जो जलाभिषेक करता है उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. परेशानियों का अंत होता है.

न्यता है कि सावन में जो जलाभिषेक करता है उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. परेशानियों का अंत होता है. जलाभिषेक के समय क्या मंत्र बोलें ?

ॐ विश्वरूपिणे नम:। · ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् & ॐ नमः शिवाय। & ॐ शर्वाय नम:। & ॐ पार्वतीपतये नमः। & ॐ विरूपाक्षाय नम:।

आदि है, अंत है, शिव ही अनंत है
समय है, काल है
शिव ही महाकाल है
शुभ सावन

शिव चरित्र से उर्जित ,यदि मनुष्य आचार।
मंगलमय जीवन बने,अंत मोक्ष आधार.
सावन की शुभकामनाएं

शिव की भक्ति मन को शांति देती है और महादेव का 
नाम संसार के सभी बंधनों से मुक्ति देता है.
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं

है हाथ में डमरू जिनके और काला नाग है साथ, 
है जिसकी लीला अपरंपार, वो हैं भोले नाथ. 
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं

सारे दुख सारे कष्ट सारे रोग भाग जाते हैं
जब सावन में बाबा भोलेनाथ पृथ्वी पर आते हैं
सावन की हार्दिक शुभकामनाएं

भक्तों पे कृपा बरसाते शंकर का प्यारा नाम है
ऊं नम: शिवाय जप लो भर लो झोली
भोलेनाथ की कृपा पाना बहुत आसान है
सावन की ढेरों शुभकामनाएं 

बाबा ने जिस पर भी डाली छाया
रातों रात उसकी किस्मत की पलट गई काया
सब मिला उसे बिन मांगे ही
जो कभी किसी ने ना पाया
सावन की शुभकामनाएं 

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