16 अक्टूबर 2025 दिन गुरुवार कार्तिक माह, कृष्ण पक्ष की दशमी (सुबह 10.36 के बाद एकादशी ) & अत्यंत दुर्लभ योग अंग्रेजी में ‘क्विनटाइल ऐस्पेक्ट’ (Quintile Aspect) कहा जाता है. अत्यंत दुर्लभ योग है, जो व्यक्ति के जीवन को सूक्ष्मता और गहरी बारीकी से संवारता भी है और बिगाड़ता भी है, जो इसमें भागीदार ग्रहों की शुभता या शुभता पर निर्भर करता & क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। & बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI MOB., 9412932030,, Whatsupp & CALL ME OR MSG ME..,.. OKK
आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरूवै नम:। आज का उपाय-किसी विप्र को केसर भेंट करें। वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

दीपावली पर्व पांच दिनों का उत्सव & दीपावली पर्व की शुरूआत 18 अक्टूबर को धनतेरस के साथ होगी। & भाई दूज के साथ इसका समापन & धनतेरस 18 अक्टूबर 2025, शनिवार & छोटी दिवाली 19 अक्टूबर 2025, रविवार & बड़ी दिवाली 20 अक्टूबर 2025, सोमवार & गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025, बुधवार & भाई दूज 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार & गुरुवार को ग्रहों के राजकुमार ‘बुध’ नक्षत्र गोचर करेंगे, जिसका सीधा प्रभाव 12 राशियों के प्रेम जीवन पर पड़ेगा. & 17 अक्टूबर को शुक्र ग्रह हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं में बदलाव आएगा
16 अक्टूबर 2025 को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और एकादशी तिथि रहेगी. साथ ही अश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, शुभ योग, शुक्ल योग, विष्टि करण, बव करण और बालव करण का निर्माण हो रहा है. इसके अलावा ग्रहों के राजकुमार ‘बुध’ विशाखा नक्षत्र में कदम रखेंगे. बुध के इस गोचर का प्रभाव गुरुवार को सभी राशियों के प्रेम जीवन पर भी पड़ेगा. जहां कुछ लोगों का साथी संग रिश्ता मजबूत होगा, वहीं कई जातक अपने रिश्ते को लेकर परेशान रहेंगे.
शुक्रवार 17 अक्टूबर, 2025 को 12:55 बजे शुक्र ग्रह उत्तरफाल्गुनी से निकलकर हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य 17 अक्टूबर को हस्त नक्षत्र में शुक्र गोचर से 3 राशियों के रिश्तों और सुख-सुविधाओं में होगा बड़ा बदलाव आएगा।
धनतेरस 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:39 बजे से रात 8:25 बजे तक रहेगा।
इस योग को अंग्रेजी में ‘क्विनटाइल ऐस्पेक्ट’ (Quintile Aspect) कहा जाता है. यह एक अत्यंत दुर्लभ योग है, जो व्यक्ति के जीवन को सूक्ष्मता और गहरी बारीकी से संवारता भी है और बिगाड़ता भी है, जो इसमें भागीदार ग्रहों की शुभता या शुभता पर निर्भर करता है. 19 अक्टूबर से बनने वाले इस योग का असर यूं तो सभी राशियों पर पड़ेगा, 3 राशियों के जातकों के लिए यह योग अपार धन के साथ सफलता दिलाने वाला सिद्ध होगा
दीपावली उत्सव का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था। इसलिए, इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अपने घरों की सफाई और शुद्धि करते हैं। भगवान हनुमान की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। कई लोग इस दिन यम के नाम पर दीपक जलाते हैं।
दीपावली उत्सव का तीसरा दिन बड़ी दीपावली के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन लक्ष्मी और गणेश की पूजा की जाती है। इस वर्ष, बड़ी दीपावली 20 अक्टूबर, 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा।
गोवर्धन पूजा दीपावली उत्सव के चौथे दिन मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। यह त्योहार प्रकृति और अन्न के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025 को है। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:26 से 8:42 बजे तक और शाम का शुभ मुहूर्त दोपहर 3:29 से 5:44 बजे तक है।
भाई दूज दीपावली के पांचवें दिन मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं। इस वर्ष भाई दूज का त्योहार 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा और इस दिन भाई को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:13 बजे से 03:28 बजे तक रहेगा।