21 नवंबर 25, शुक्रवार;मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि & 2 दिसंबर गन्ने की जड़ का अदभुत ज्योतिषीय उपाय

21 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। इस तिथि पर अनुराधा नक्षत्र और अतिगंदा योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त 11:42 − 12:24 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 10:44 − 12:03 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय का समय : 06: 49 ए एम सूर्यास्त का समय : 05: 25 पी एम & शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें। BY HIMALAYA GAURAV UTTRAKHAND (Leading Newsportal & youtube Channel & Daily Newspaper) by Chandra Shekhar Joshi Mob. 9412932030

आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:। आज का उपाय-लक्ष्मी मन्दिर में चांदी चढ़ाएं।  वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

अभिजित मुहूर्त 11:46 ए एम से 12:28 पी एम तक रहेगा. विजय मुहूर्त 01:53 पी एम से 02:35 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 05:01 ए एम से 05:55 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 11:40 पी एम से 12:34 ए एम, नवम्बर 22 तक रहेगा.

ज्योतिषी लोगों को सुझाव देते हैं कि वे अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें & महत्वपूर्ण हिंदू तिथि जो शुभ हैं, उन्हें जानकर, आप अपने हर काम में सफलता और खुशी को प्राप्त करने के लिए सबसे अच्छा समय निर्धारित कर सकते हैं।

 मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 नवंबर को रात 9 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी और 1 दिसंबर को शाम 7 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में मोक्षदा एकादशी 1 दिसंबर को मनाई जाएगी और इसी दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है. गीता जयंती के दिन भगवान विष्णु और उनके श्रीकृष्ण स्वरूप का पूजन किया जाता है. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से लेकर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा और यह अभिजीत मुहूर्त है. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 8 मिनट से सुबह 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा. ता जयंती के दिन भद्रा काल और पंचक दोनों रहेंगे. पंचांग के अनुसार सुबह 8 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा. इस दिन भद्रा धरती पर रहेगी और भद्रा काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता. वहीं सुबह 6 बजकर 56 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 18 मिनट तक पंचक रहेगा. कुरुक्षेत्र के मैदान पर कौरवों और पांडवों के बीच हुए महाभारत युद्ध में परिजन और सगे-संबंधी ही एक-दूसरे के सामने थे. ऐसे में अर्जुन अपने ही परिवारजनों पर शस्त्र उठाने से पीछे हट रहे थे कि आखिर अपने ही भाई, गुरु और परिजनों को कैसे मारेंगे. जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ​अपना विराट रूप दिखाया और गीता का ज्ञान​ दिया. इस ज्ञान के जरिए उन्होंने अर्जुन को धर्म का रास्ता दिखाया और सही-गलत का भेद समझाया. यह गीता आज भी लोगों को कर्म का रास्त दिखाती है.

21 नवंबर दिन शुक्रवार 2025 मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष प्रथमा तिथि दोपहर 02:47 तक रहेगी इसके उपरांत द्वितीया शुरू हो जाएगी | सूर्य वृश्चिक राशि पर है और चन्द्रमा भी पूरा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा ।नक्षत्र अनुराधा 01:55 PM तक उपरांत ज्येष्ठा | अतिगण्ड योग 10:43 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग | करण बव 02:47 PM तक, बाद बालव 04:00 AM तक, बाद कौलव | | चन्द्रमा वृश्चिक राशि पर संचार करेगा | यम गण्ड – 2:54 PM – 4:15 PM,, कुलिक – 8:09 AM – 9:30 AM दुर्मुहूर्त – 08:58 AM – 09:41 AM, 12:34 PM – 01:17 PM, वर्ज्यम् – 08:11 PM – 09:58 PM, योग : अतिगण्ड – Nov 20 09:52 AM – Nov 21 10:43 AM तक, सुकर्मा – Nov 21 10:43 AM – Nov 22 11:29 AM तक, सूर्योदय – 6:48 AM, सूर्यास्त – 5:36 PM, चन्द्रोदय – Nov 21 7:35 AM, चन्द्रास्त – Nov 21 6:16 PM,अभिजीत मुहूर्त – 11:51 AM – 12:34 PM आज अमृतकाल नहीं है । ब्रह्म मुहूर्त – 05:13 AM – 06:01 AM, सर्वार्थसिद्धि योग – Nov 20 10:58 AM – Nov 21 01:55 PM (Anuradha and Thursday)

2 दिसंबर 2025 का दिन खगोलीय घटनाओं के कारण ज्योतिष में विशेष महत्व रखता है

राहु का नक्षत्र परिवर्तन: इस दिन छाया ग्रह राहु शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है क्योंकि शतभिषा नक्षत्र के स्वामी स्वयं राहु ही हैं, जिसका अर्थ है कि राहु अपने ही “घर” में प्रवेश करेंगे। इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, कुछ के लिए यह आर्थिक लाभ, प्रसिद्धि और करियर में उन्नति ला सकता है। अन्य ग्रह स्थिति: 2 दिसंबर 2025 को चंद्रमा मेष राशि में होगा, और सूर्य धनु राशि में रहेगा। महीने की शुरुआत में बुध ग्रह भी अपनी चाल बदल रहा है।

इस बार का ग्रह परिवर्तन बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि करीब 500 साल बाद नवंबर के अंत में बुध और शनि दोनों एक साथ मार्गी होंगे। ज्योतिष के अनुसार दो महत्वपूर्ण ग्रहों की यह सीधी चाल कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ फल दे सकती है। यह दुर्लभ संयोग करियर, वित्त, और जीवन की स्थिरता में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

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