बुधवार -गणेश जी की पूजा के साथ ही कुछ उपाय भी जरूर अपनाएं. दूर्वा, लाल फूल व मोदक अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न; 03 दिसंबर 2025,मूंग के लड्डू भेंट करें

03 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर भरणी नक्षत्र और परिघा योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:07 − 13:25 मिनट तक रहेगा। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI Mob. 9412932030;

 बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा के साथ ही कुछ उपाय भी जरूर अपनाएं. : हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है और बुधवार के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की उपासना की जाती है. कहते हैं कि गणेश जी कार्यों में आ रही अड़चनों को दूर करते हैं और अपने भक्त को सफलता दिलाते हैं. इसलिए गणेश जी का पूजन अति महत्वपूर्ण माना गया है. भगवान गणेश को बुद्धि का देवता भी कहा जाता है और मान्यता है कि इनकी पूजा करने से शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि नौकरी के क्षेत्र में भी सफलता हासिल होती है. अगर आप भी नौकरी में परेशानियों का सामना कर रहे हैं बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा के साथ ही कुछ उपाय भी जरूर अपनाएं.

ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताया गया है जिन्हें यदि बुधवार के दिन अपनाया जाए तो जीवन में आ रहे सभी विघ्न दूर होते हैं. यदि किसी को बहुत कोशिशों के बाद भी किसी कार्य में सफलता हासिल नहीं हो रही तो निराश न हों, बल्कि बुधवार के दिन भगवान गणेश जी के मंदिर में जाएं और उन्हें दूर्वा, लाल फूल व मोदक अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और जातकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

  • यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से व्यापार व नौकरी नुकसान झेल रहा है या उन्नति नहीं मिल रही है तो बुधवार का दिन उसके लिए बेहद ही खास है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन व्रत करें और बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें. कहते हैं कि यदि बुध मजबूत हो तो तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं.
  • आर्थिक और शारीरिक कष्टों से छुटकारा पाने के लिए बुधवार के दिन भगवान गणेश जी के साथ ही मां दुर्गा का भी पूजन करना चाहिए. यह काफी लाभदायक होता है. इसके अलावा गाय को हरा चारा खिलाने से मनुष्य को शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है.
  • जो व्यक्ति मानसिक तनाव का सामना कर रहा है उसे बुधवार के दिन गणेश जी का पूजन करते समय शमी के पत्ते अर्पित करने चाहिए. इससे व्यक्ति के सभी दुख दूर होंगे.

सूर्योदय का समय : 06: 58 ए एम
सूर्यास्त का समय : 05: 24 पी एम
चंद्रोदय का समय: 03:43 पी एम
चंद्रास्त का समय : 06:07 ए एम, दिसम्बर 04

आज अभिजित मुहूर्त कोई नहीं. विजय मुहूर्त 01:55 पी एम से 02:37 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 05:09 ए एम से 06:04 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 11:44 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 04 तक रहेगा.

आज का अशुभ मुहूर्त

दुर्मुहूर्त 11:50 ए एम से 12:32 पी एम तक रहेगा. राहुकाल 12:11 पी एम से 01:29 पी एम तक रहेगा. यमगण्ड 08:16 ए एम से 09:34 ए एम तक रहेगा.

आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।

आज का उपाय- सवाकिलो मूंग के लड्डू भेंट करें।

वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

सर्वार्थ सिद्धि योग/पिशाचमोचन श्राद्ध/रवियोग

यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकले।

शनि साढ़े साती या केवल 
साढ़े साती व्यक्ति के जीवन में लगभग साढ़े सात वर्षों की अवधि होती है, जो संदिग्ध रूप से कठिनाइयों और चुनौतियों से जुड़ी होती है। साढ़े साती शनि ग्रह के जन्म राशि (जातक की जन्म कुंडली के अनुसार चंद्रमा की राशि) से ठीक पहले वाली राशि में प्रवेश करने से शुरू होती है। यह अवधि चंद्रमा की राशि के ठीक बाद वाली राशि से शनि के प्रस्थान के साथ समाप्त होती है। शनि प्रत्येक राशि में गोचर करने में ढाई वर्ष का समय लेता है और इस प्रकार तीसरी राशि से प्रस्थान करने में कुल साढ़े सात वर्ष का समय लेता है।

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