4 दिसंबर,पूर्णिमा और दत्तात्रेय जयंती & सुपरमून सामान्य पूर्णिमा से कहीं अधिक प्रभावशाली और तीव्र ऊर्जा लेकर आएगा & पूर्णिमा पर घटने वाली इस खगोलीय घटना का असर सभी 12 राशियों पर 

4 दिसंबर को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। चतुर्दशी तिथि गुरुवार सुबह 8 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी। 4 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक शिव योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा। & 4 दिसंबर 2025 को गुरुवार के दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। दिसंबर 2025 की पूरनमासी भी आज ही है। यह साल की आखिरी पूर्णिमा होगी और इसी तारीख पर ही 2025 का आखिरी सुपरमून भी दिखाई देगा। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR (HIMALAYAUK NEWS & DAILY NEWSPAPER & YOUTUBE CHANNEL) & FOUNDER; MAHAMAI PEETAMBARA SHREE BAGULA MUKHI SHKATI PEETH, PLACE BANJARA WALA, DEHRADUN M0B 9412932030; CALL US;

सुपरमून सामान्य पूर्णिमा से कहीं अधिक प्रभावशाली और तीव्र ऊर्जा लेकर आएगा & ग्रहों की ज्यादातर चाल इस समय मार्गी होगी, यानी रुकावटों का दौर खत्म होकर अब विकास और निष्कर्ष का समय शुरू हो रहा है। 2025 का यह आखिरी सुपरमून हमें 2026 की तैयारी करवाएगा। इसके प्रभाव से पुराने अध्यायों को बंद करने, मन के बोझ को उतारने और नई स्पष्टता पाने की ऊर्जा मिलेगी। 

4 दिसंबर 2025 को गुरुवार के दिन दिसंबर 2025 का सत्यनारायण व्रत रखा जाएगा। यह व्रत हर पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। गुरुवार को भगवान विष्णु का दिन भी माना जाता है जो कि भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसे में पूर्णिमा तिथि और गुरुवार के संयोग से यह दिन भगवान विष्णु और उनके सत्यनारायण रूप की पूजा के लिए यह एक शुभ दिन बन रहा है। 

गुरुवार और इसी के साथ ही 4 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष पूर्णिमा भी रहेगी। यह योग भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। सबसे शुभ माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से लेकर दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। रवि योग सुबह 06:59 AM से दोपहर 02:54 PM तक रहेगा। वहीं राहुकाल का समय दोपहर 01:29 बजे से 02:48 बजे तक रहेगा।

4 दिसंबर को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। चतुर्दशी तिथि गुरुवार सुबह 8 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी। 4 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक शिव योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा स्नान दान व्रतादि की पूर्णिमा और दत्तात्रेय जयंती है। 

मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की इस पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, मार्गशीर्ष महीने को अगहन भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ ही उनके स्वरूप भगवान श्री कृष्ण की भी पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव की उपासना का भी महत्व है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान का विधान है। पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। मार्गशीर्ष माह में आने वाली पूर्णिमा का खास महत्व होता है। यह साल की आखिरी पूर्णिमा होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा 4 दिसंबर को मनाई जाएगी। 

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि का आर्भ 4 दिसंबर 2025 को सुबह 8 बजकर 37 मिनट से होगा। वहीं 5 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 43 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी। उदयातिथि के अनुसार पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर को ही रहेगी। ऐसे में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 4 दिसंबर को ही किया जाएगा। पूर्णिमा के दिन स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 19 मिनट से सुबह 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।

यह मुहूर्त पूजा-पाठ और स्नान-दान के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इसके बाद स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 10 मिनट से सुबह 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। पूर्णिमा के दिन इन शुभ मुहूर्त में स्नान-दान करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

वृश्चिक राशि रिश्तों, पार्टनरशिप और कमिटमेंट से जुड़े फैसले सामने आएंगे। किसी पुरानी गलतफहमी का अंत होगा। भावनाएं मजबूत होंगी, लेकिन थोड़ी भारी भी लग सकती हैं। & मीन राशि आपके दिमाग में बहुत विचार चलेंगे। कोई महत्वपूर्ण बातचीत, मीटिंग या फैसला होना तय है। भाई-बहन, रिश्तेदार या किसी दोस्त से जुड़ा मामला भी सुलझेगा।

  • सूर्योदय का समय- सुबह 06:58 बजे
  • सूर्यास्त का समय- शाम 5:23 बजे
  • मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि-  4 दिसंबर 2025, गुरुवार सुबह 8 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी।
  • दिन- गुरुवार
  • शिव योग- 4 दिसंबर 2025 को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक
  • कृत्तिका नक्षत्र- 4 दिसंबर 2025 को दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक
  • 4 दिसंबर 2025 व्रत-त्यौहार- मार्गशीर्ष पूर्णिमा, दत्तात्रेय जयंती
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अन्न, धन, वस्त्र और तिल-गुड़ का दान करें। 
  • पूर्णिमा के दिन संभव हो तो गंगा स्नान करें। वरना घर पर नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। 
  • पूर्णिमा के दिन सफेद चीजों (दूध, चावल, चीनी, चांदी आदि) का दान करें। 
  • पूर्णिमा के दिन सफेद चीजों का दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है। साथ ही चंद्र दोष से भी छुटकारा मिलता है। 
  • पूर्णिमा के दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
  • पूर्णिमा के दिन तामसिक चीजों से दूरी बनाकर रखें। प्याज, लहसुन, मांस-मंदिर इत्यादि चीजों का सेवन न करें।

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