26 दिसंबर 2025 के दिन की शुरुआत सिद्धि योग से होगी, & बगला मुखी पीठ के संस्थापक का आध्यात्मिक भ्रमण

26 दिसंबर 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस तिथि पर शतभिषा नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त 12:01 − 12:42 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 11:05 − 12:21 मिनट तक रहेगा। दोपहर में करीब 2 बजे तक सिद्धि योग रहने वाला है. सिद्धि योग के बाद व्यातीपात योग का आरंभ होगा, जो 27 दिसंबर 2025 की सुबह तक रहेगा. हालांकि, इस बीच सुबह 7 बजे के आसपास रवि योग और आडल योग का आरंभ होगा, जो सुबह 9 बजे तक रहने वाला है. BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI M0b 9412932030

पंचांग के अनुसार, आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो कि 01:43 पीएम तक जारी रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। आपको बता दें, आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 12:01 पीएम से 12:42 पीएम तक है। इस दिन राहुकाल 11:04 एएम से 12:22 पीएम तक रहेगा।

शुक्रवार के उपाय – मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें सफेद और लाल रंग के फूल जैसे कमल या गुलाब अर्पित करना लाभदायक होता है। कुंडली में शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को श्वेत वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके अलावा चावल, आटा, दूध जैसी सफेद चीजों का दान करना मददगार होता है। आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने के लिए मां लक्ष्मी की पूजा में चावल की खीर और श्रीफल अर्पित करना चाहिए। कमलगट्टे की माला से उनके नामों का जप करना भी लाभकारी होता है। लक्ष्मी वैभव व्रत करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और सभी दुख दूर हो जाते हैं।

3 जनवरी को सूर्य और शनि का दुर्लभ पंचांक योग बन रहा है, जिसे 2026 का पहला विशेष ज्योतिषीय संयोग 3 जनवरी को बनने वाला सूर्य-शनि पंचांक योग 2026 का पहला विशेष ज्योतिषीय योग हैं, जो विशेष रूप से 2 राशियों के जातकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है. इस दौरान इन राशियों को करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में शुभ समाचार मिलने के योग बन रहे हैं

26 दिसंबर 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और सप्तमी तिथि का संयोग बन रहा है. कल प्रातः काल से लेकर दोपहर में करीब 2 बजे तक षष्ठी तिथि रहेगी. षष्ठी तिथि के बाद पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का आरंभ होगा, जो अगले दिन की सुबह तक रहने वाली है. इसके अलावा प्रातः काल में शतभिषा नक्षत्र रहेगा.

शतभिषा नक्षत्र के बाद पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का आरंभ होगा, जो 27 दिसंबर 2025 की सुबह तक रहने वाला है 26 दिसंबर 2025 के दिन की शुरुआत सिद्धि योग से होगी. कल दोपहर में करीब 2 बजे तक सिद्धि योग रहने वाला है. सिद्धि योग के बाद व्यातीपात योग का आरंभ होगा, जो 27 दिसंबर 2025 की सुबह तक रहेगा. हालांकि, इस बीच सुबह 7 बजे के आसपास रवि योग और आडल योग का आरंभ होगा, जो सुबह 9 बजे तक रहने वाला है.

नवग्रहों की स्थिति

  • केतु ग्रह: सिंह राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.
  • शनि ग्रह: मीन राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.
  • बुध ग्रह: वृश्चिक राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.
  • चंद्र ग्रह और राहु ग्रह: कुंभ राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.
  • देवगुरु बृहस्पति ग्रह: मिथुन राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.
  • सूर्य ग्रह, शुक्र ग्रह और मंगल ग्रह: धनु राशि में 26 दिसंबर 2025 को रहने वाले हैं.

पंचांग: 26 दिसंबर, 2025, शुक्रवार 

शुभ विक्रम संवत्-2082, 

शक संवत्-1947, 

ईस्वी सन्-2025

संवत्सर नाम-सिद्धार्थ

अयन-दक्षिणायण

मास-पौष

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की विशेष युति और दृष्टि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 3 जनवरी 2025 को सुबह 07:38 बजे सूर्य और शनि के बीच एक शुभ कोणीय संबंध स्थापित होगा, जिसे पंचांक योग कहा जाता है. यह योग उस समय बनता है जब दो ग्रह आपस में 72 डिग्री के कोण पर स्थित होते हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष कोणीय स्थिति में ग्रह एक-दूसरे के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन में उन्नति, स्थिरता और मानसिक स्पष्टता जैसे प्रभाव देखने को मिलते हैं.

क्यों खास है सूर्य-शनि का यह योग?

सूर्य आत्मबल, नेतृत्व और सम्मान का प्रतीक है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन और धैर्य का प्रतिनिधित्व करता है. जब ये दोनों ग्रह पंचांक योग के माध्यम से जुड़ते हैं, तो व्यक्ति को अपने प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है. यह सूर्य-शनि का एक दुर्लभ ज्योतिषीय योग माना जाता है, जो सामान्य योगों की तुलना में कम बार बनता है. इस योग का संबंध व्यक्ति की प्रतिभा, निर्णय क्षमता और कर्मफल से जोड़ा जाता है.

 26 दिसंबर 2025 को पौष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और सप्तमी तिथि का संयोग बन रहा है. कल प्रातः काल से लेकर दोपहर में करीब 2 बजे तक षष्ठी तिथि रहेगी. षष्ठी तिथि के बाद पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का आरंभ होगा, जो अगले दिन की सुबह तक रहने वाली है. इसके अलावा प्रातः काल में शतभिषा नक्षत्र रहेगा.

शतभिषा नक्षत्र के बाद पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का आरंभ होगा, जो 27 दिसंबर 2025 की सुबह तक रहने वाला है.

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