7 JAN 26;देश का एकमात्र नवग्रह मंदिर : भगवान सूर्य के साथ मां बगलामुखी  & 8 ग्रह ; देवी बगलामुखी नौ ग्रहों को नियंत्रित करती हैं

हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है. यह तिथि सुबह 06:52 बजे से प्रारंभ होकर 8 जनवरी 2026 को सुबह 06:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि लग जाएगी. बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन इनका पूजन करने से जीवन में आ रहे सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं & 07 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। इस तिथि पर मघा नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:23 − 13:41 मिनट तक रहेगा। आज के विशेष उपाय: आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:। आज का उपाय-गणेश मन्दिर में दूर्वा की माला और मूंग के लड्डू चढ़ाएं। वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

हिंदू पौराणिक कथाओं और तंत्र शास्त्र में, उन्हें विशेष रूप से उन शक्तियों के प्रतीक के रूप में देखा जाता है जो शत्रुओं को शांत कर सकती हैं और जीवन में प्रतिकूल शक्तियों पर प्रभुत्व स्थापित कर सकती हैं। इन शक्तियों में ज्योतिषीय प्रभाव भी शामिल हैं, जिससे उन्हें ग्रहों के हानिकारक प्रभावों को बेअसर करने में सक्षम माना जाता है, भक्त अपने जीवन में ग्रहों के प्रतिकूल गोचर या दशा के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने और उनसे सुरक्षा पाने के लिए मां बगलामुखी की पूजा करते हैं

& मकर संक्रांति के दिन सूर्य की पहली किरण इस मंदिर पर & देश का एकमात्र सूर्य प्रधान नवग्रह मंदिर है. इस मंदिर की संरचना ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है, जहां सूर्य देव नवग्रहों के साथ विराजमान हैं. मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने मात्र से कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है. साथ ही इस मंदिर में मकर संक्रांति के पर्व पर सूर्य की पहली किरण पड़ती है. मकर संक्रांति का सीधा संबंध सूर्य भगवान से होता है, क्योंकि इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में परिवर्तन करते हैं. इस लिहाज से खरगोन के सूर्य प्रधान नवग्रह मंदिर में भक्तों का तांता लगता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति के पहले दिन इसी मंदिर पर सूरज की पहली किरण पड़ती है. 300 साल पुराने इस मंदिर में त्रिदेव, 12 राशि और बारह ग्रहों की पूजा की जाती है. अगर ग्रह असंतुलित है और किसी भी प्रकार के कष्ट दे रहे हैं तो इस मंदिर में दान और पूजा करने से मुश्किलों का हल मिलता है. मंदिर में हर ग्रह के नाम पर एक पोटली दान की जाती है. पोटली में ग्रह से जुड़ी चीजें होती हैं, जो कष्टों के निवारण में सहायक हैं. सूर्य प्रधान मंदिर होने की वजह से ही मकर संक्रांति के दिन मंदिर में लाखों भक्तों की भीड़ सूर्य भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए आती है. दिर के तीन शिखर भी इसे अद्भुत बनाते हैं. तीन शिखर ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक हैं.

7 जनवरी 2026 यानी बुधवार के पंचांग की बात करें तो हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है. यह तिथि सुबह 06:52 बजे से प्रारंभ होकर 8 जनवरी 2026 को सुबह 06:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि लग जाएगी. 

7 जनवरी 2026 का शुभ योग – पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार, यह मास माघ है, जबकि अमांत पंचांग में इसे पौष मास माना गया है. इस दिन सूर्य धनु राशि में रहेंगे तो वहीं चंद्रमा सिंह राशि में संचार करने वाले हैं. नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत मघा नक्षत्र में होगी, जो सुबह 11:56 बजे तक रहेगा. इसके बाद पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र आरंभ हो जाएगा, जो अगले दिन दोपहर तक प्रभावी रहेगा. योग के अनुसार, दिन में आयुष्मान योग रहेगा, जो शाम 6:33 बजे तक मान्य है. इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.

7 जनवरी 2026 का अशुभ मुहूर्त – अब बात करते हैं शुभ और अशुभ समय की. बुधवार के दिन राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 1:43 बजे तक रहेगा. इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए. इसके अतिरिक्त यम गण्ड काल सुबह 8:35 से 9:52 बजे तक और कुलिक काल 11:09 से 12:26 बजे तक माना गया है. दुर्मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:47 बजे तक रहेगा, वहीं वर्ज्य काल रात 8:05 से 9:43 बजे तक अशुभ माना गया है.

7 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त – शुभ समय की बात करें तो दिन में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:42 से 6:30 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. अमृत काल सुबह 9:33 से 11:08 बजे तक तथा एक अन्य अमृत काल सुबह 5:52 से 7:30 बजे तक है. हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है.

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