26-1-26, भीष्माष्टमी, दुर्गाष्टमी और 77वां गणतंत्र दिवस  & माघ गुप्त नवरात्रि अष्टमी तिथि  तिल द्वादशी

26 जनवरी 2026 को धार्मिक, ज्योतिषीय और राष्ट्रीय दृष्टि से विशेष महत्व & भीष्माष्टमी, दुर्गाष्टमी और भारतीय गणतंत्र दिवस  & अष्ठमी तिथि रात्रि 9.18 तक होगी तदुपरान्त नवमी तिथि होगी । दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।  माघ गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि का विशेष संयोग  & मां दुर्गा की कृपा से व्यक्ति के रोग, दोष, दुख आदि दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.  दुर्गाष्टमी व्रत 26 जनवरी को रखना उत्तम & दुर्गाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 6 बजकर 19 मिनट तक & अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:12 बजे से लेकर 12:55 बजे तक है. दुर्गा पूजा आप अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 07:12 ए एम से 08:33 ए एम के बीच कर सकते हैं. इस दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:07 ए एम से लेकर 01:00 ए एम तक है.

देशभक्तों से ही देश की शान है देशभक्तों से ही देश का मान है

हम उस देश के फूल हैं यारों जिस देश का नाम हिंदुस्तान है; CHANDRA SHEKHAR JOSHI 9412932030

26 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन अश्विनी नक्षत्र और साध्य योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो सोमवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 − 12:54 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 08:35 − 09:54 मिनट तक रहेगा। अष्टमी – 09:17 सायं तक है, आज सोमवार है।   राहुकाल 08:33 प्रात: से 09:53 प्रात: तक रहेगा। सूर्योदय 07:12 प्रात: और सूर्यास्त 05:55 सायं बजे होगा। राहु काल – (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक

षष्ठी तिथि सायं 4 बजकर 20 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ, हस्त नक्षत्र अपराह्न 3 बजकर 4 मिनट तक उपरांत चित्रा नक्षत्र का आरंभ, सुकर्मा योग पूर्वाह्न 11 बजकर 51 मिनट तक उपरांत धृतिमान योग का आरंभ, वणिज करण सायं 4 बजकर 20 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ।

चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 39 मिनट तक कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा सायं 4 बजकर 20 मिनट से अर्धरात्रोत्तर 3 बजकर 42 मिनट तक, भारत गणतन्त्र दिवस (70वाँ), बुध श्रवणा नक्षत्र में रात्रि 10 बजकर 35 मिनट, शीतला षष्ठी। 

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