1 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रविवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि रविवार को शाम 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। 1 मार्च 2026, रविवार को प्रदोष व्रत किया जायेगा। रविवार के दिन दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक शोभन योग रहेगा। रविवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि BY Chandra Shekhar Joshi Chief Editor . Call us 9412932030

1 मार्च 2026, रविवार का दिन रहेगा। इस दिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ लगभग 28 फरवरी 2026 की रात 08:45 बजे से होगा और इसका समापन 1 मार्च 2026 की रात 10:18 बजे के आसपास होगा।
रवि प्रदोष व्रत से होगी महीने के पहले दिन की शुरुआत ^ एक मार्च का दिन भोलेनाथ का सबसे प्रिय दिन रवि प्रदोष का दिन है. मार्च, वार रविवार का दिन शुभ रहने वाला है क्योंकि ये दिन भद्रा से मुक्त है.
1 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रविवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि रविवार को शाम 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। 1 मार्च 2026, रविवार को प्रदोष व्रत किया जायेगा। रविवार के दिन दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक शोभन योग रहेगा। साथ ही सुबह 8 बजकर 35 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, उसके बाद आश्लेषा नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा 1 मार्च की रात 12 बजकर 56 मिनट पर शुक्र मीन राशि में गोचर करेंगे।
रविवार, 1 मार्च 2026 का पंचांग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आज रविपुष्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग और प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र प्रातः 8:34 तक प्रभावी रहेगा, वहीं चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन कर्क राशि में स्थित रहेंगे। राहु काल सायं 4:30 से 6:00 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय में शुभ कार्यों से परहेज करें। साथ ही शुक्र का मीन राशि में प्रवेश भी आज के दिन को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष बना रहा है।
पुराणों में प्रदोष व्रत की बड़ी महिमा बताई गई है। कहते हैं इस व्रत को करने से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। ये व्रत हर महीने में दो बार आता है। इसे त्रयोदशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में किए जाने का विधान है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो कोई इस व्रत को सच्चे मन से करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यह व्रत विशेषतः उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जो लोग आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहे हों।
नए महीने मार्च की शुरुआत बाबा भोलेनाथ के सबसे प्रिय दिन रवि प्रदोष व्रत के साथ हो रही है. माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने से पिछले पापों से भी छुटकारा मिल जाता है. महीने में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है, ऐसे में यह तिथि हर शिव भक्त के लिए प्रिय है. आज की तिथि और मुहूर्त की बात करें तो 1 मार्च, वार रविवार का दिन शुभ रहने वाला है क्योंकि ये दिन भद्रा से मुक्त है और किसी भी नए काम की शुरुआत अच्छा मुहूर्त देखकर की जा सकती है. 1 मार्च को त्रयोदशी शाम 7 बजकर 09 मिनट तक रहेगी और उसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी.
शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 19 मिनट से लेकर 6 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. अमृत काल मुहूर्त सुबह 6 बजकर 18 मिनट से लेकर अगली सुबह 7 बजकर 51 मिनट (2 मार्च) तक रहेगा. 1 मार्च के दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 8 मिनट से लेकर 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जबकि विजय मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 1 मार्च को शाम 7 बजकर 10 मिनट तक
शोभन योग- 1 मार्च को दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक
पुष्य नक्षत्र – 1 मार्च को सुबह 8 बजकर 35 मिनट तक, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र लग जाएगा।
1 मार्च 2026 विशेष- रवि प्रदोष व्रत, शुक्र का मीन राशि में गोचर
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 20 मिनट से सुबह 06 बजकर 09 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 01 बजकर 14 मिनट तक
- गोधुलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 42 मिनट से शाम 07 बजकर 06 मिनट तक