होलिका दहन 2 मार्च को और रंगभरी होली 4 मार्च 2026 को ;
खुशियों से भरा आपका हो संसार ,
जिंदगी में हमेशा रहे प्यार और बहार,
आपके संसार में हो रंगों की भरमार,
मुबारक हो आपको होली का त्योहार

चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और बुधवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि आज शाम 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। आज सुबह 8 बजकर 53 मिनट तक धृति योग रहेगा। साथ ही आज सुबह 7 बजकर 39 मिनट तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा आज होली का पर्व मनाया जायेगा। राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 तक रहेगा। गणेश पूजन का उपाय करना शुभ & लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर बांटें & सुपारी, पान या इलायची आदि का सेवन
होली, जिसे रंगावली होली या धुलंडी के नाम से भी जाना जाता है, 4 मार्च होली पर ग्रहों का महायोग ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव हो रहा है. कल दोपहर बाद चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों के लिए ‘धन वर्षा’ के द्वार खुलेंगे, तो कुछ को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
मंदिरों में सूतक काल के दौरान कपाट बंद रहते हैं। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर की धुलाई होती है। गर्भगृह की विशेष सफाई की जाती है। भगवान का भव्य श्रृंगार किया जाता है। फिर से विधि-विधान के साथ आरती और पूजा प्रारंभ होती है। लड्डू गोपाल की सेवा करने वाले भक्तों को भी इसी मर्यादा का पालन करना चाहिए।

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि – होली का त्योहार & पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और धृति योग का संयोग & 4 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विक्रम संवत 2082 के चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ बसंत ऋतु का शुभ प्रभाव बना हुआ है। आज पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग रहेगा, साथ ही धृति और शूल योग का प्रभाव भी रहेगा।
हनुमान जी के चरणों में गुलाल अर्पित कर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करें. & मां लक्ष्मी को मिश्री और सफेद गुलाल अर्पित करें. & भगवान गणेश को दूर्वा और हरा गुलाल चढ़ाएं. भगवान शिव का अभिषेक करें और उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित करें. सूर्य देव को जल दें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जाप करें. पक्षियों को दाना डालें और किसी जरूरतमंद को मिठाई खिलाएं. देवी लक्ष्मी को गुलाबी गुलाल और इत्र भेंट करें. भगवान विष्णु को पीले फूल और पीला गुलाल अर्पित करें. शनि देव के सामने दीपक जलाएं और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें. जरूरतमंद बच्चों को मिठाई और फल बांटें.
हर महीने, चंद्रमा आकाश में एक चक्कर पूरा करता है, और लगभग उन्हीं 12
नक्षत्रों से होकर गुजरता है जिनसे सूर्य एक वर्ष के दौरान गुजरता है। चंद्रमा की शक्ति किंवदंतियों और विज्ञान दोनों का विषय & चंद्रमा में परिवर्तन से पागलपन के दौरे पड़ते हैं । चंद्रमा की शक्ति के बारे में कुछ काल्पनिक धारणाएं अभी भी व्यापक रूप से मानी जाती हैं, लेकिन हाल के अध्ययनों से चंद्रमा के मनुष्यों पर वास्तविक प्रभाव के बारे में ठोस आंकड़े सामने आने लगे हैं। हमारे जीवन पर चंद्रमा के प्रभाव के बारे में हमें अभी और भी बहुत कुछ सीखना बाकी है। पूर्णिमा के दौरान लोगों को गहरी नींद कम आती है और आरईएम नींद में प्रवेश करने में अधिक देरी होती है। एक अध्ययन में पाया गया कि पूर्णिमा के दौरान लोगों को सोने में औसतन पांच मिनट अधिक समय लगता है और वे 20 मिनट कम सोते हैं। क्सपियर ने अपने नाटक ओथेलो में बखूबी व्यक्त किया है: “यह चंद्रमा की ही गलती है। वह पहले की तुलना में पृथ्वी के अधिक निकट आ जाती है, और मनुष्यों को पागल कर देती है।” 18वीं शताब्दी के इंग्लैंड में हत्या के आरोपी व्यक्ति पागलपन के आधार पर हल्की सजा की मांग कर सकते थे यदि अपराध पूर्णिमा की रात को किया गया हो ।
2019 में, टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक गलत स्थानीय धारणा पर रिपोर्ट की थी कि ” चंद्र ग्रहण के दौरान खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, …क्योंकि ग्रहण से तीव्र पराबैंगनी किरणें निकलती हैं, जो पानी से तैयार किए गए पके हुए भोजन को प्रभावित करती हैं, …जिससे पका हुआ भोजन जहर में बदल जाता है ।”
वृश्चिक राशि हनुमान मंदिर में लाल चोला और गुलाल चढ़ाएं. मीन राशि केसर का तिलक लगाएं और मंदिर में चने की दाल का दान करें.
- सूर्योदय- सुबह 6:43 am
- सूर्यास्त- शाम 6:22 pm
- ब्रह्म मुहूर्त: 05:18 AM से 06:07 AM तक
- प्रातः सन्ध्या : 05:43 AM से 06:56 AM तक
- गोधूलि मुहूर्त: 06:43 PM से 07:07 PM तक
- सायाह्न सन्ध्या: 06:45 PM से 07:58 PM तक
- by Chandra Shekhar Joshi Editor; Daily Newspaper & youtube Channel & Leading Newsportal. Mob. 9412932030