उत्तराखंड में पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। हल्द्वानी में प्रतियोगी छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है, जबकि देहरादून में भी आंदोलन हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि पकड़े गए आरोपी सिर्फ प्यादे हैं और असली मास्टरमाइंड अभी भी आजाद हैं। : वहीं युवाओं ने युवा विरोधी सरकार मुर्दाबाद, पेपर माफिया हाय-हाय और मुख्यमंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लगाकर आक्रोश जताया. कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा.

वहीं उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन गणेश शंकर मर्तोलिया ने पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आए हैं. हालांकि, शुरुआती जांच में यह पन्ने पढ़ने योग्य नहीं पाए गए हैं. चेयरमैन ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे. ऐसे में यह बड़ा सवाल बनकर उभरा है कि फिर भी ये पन्ने बाहर कैसे आए? इस पूरे मामले पर आयोग स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है. जिसमें विभिन्न पहलुओं की गहनता से समीक्षा की जा रही है.
बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ; राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल का पहले से बोलबाला रहा
मनवीर चौहान ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल का पहले से बोलबाला रहा है. जिसे धामी सरकार ने ही पकड़ा है. आज तमाम राजनीतिक दल दलीलें दे रहे हैं, लेकिन राजनीतिज्ञ तब जानबूझकर चुप्पी साधे रहे. यह सिलसिला जारी रहा, लेकिन जब इस पर कार्रवाई की गई तो सब इस पर विवेचना करने के लिए बाहर निकल आए. कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि बीजेपी साफतौर से कह रही है कि धामी सरकार के आने से पहले ही पेपर लीक माफिया प्रदेश में सक्रिय थे. यानी कि यह सीधा-सीधा आरोप बीजेपी की पिछली सरकार चलाने वाले त्रिवेंद्र रावत पर है. उन्होंने कहा कि आज बीजेपी ने खुद यह मान लिया है कि त्रिवेंद्र रावत सरकार की छत्रछाया में पेपर लीक करवाया जाता था. पेपर लीक माफिया हाकम सिंह बाहर घूम रहा था तो पुलिस क्या कर रही थी? उसने दोबारा से पेपर लीक को अंजाम दिया.

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ अल्मोड़ा में बेरोजगारों ने प्रदर्शन किया. बाजार में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए रैली निकाली. परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की. रैली में सैकड़ों बेरोजगार, छात्र और विभिन्न राजनैतिक संगठनों के लोग मौजूद रहे.
छात्रों ने CBI जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को अपनी सरकार के खिलाफ साजिश बताया है और कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का जिक्र करते हुए कहा, “किसी भी कीमत पर युवाओं के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। चाहे कोई भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ़ कार्रवाई होगी।”
सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है। मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद हकमसे और पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया गया है और कई कर्मचारी भी सस्पेंड किए गए हैं। सरकार ने जांच पूरी होने तक परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी है, जिससे ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्र मायूस हैं।
उत्तराखंड में रविवार 21 सितंबर 2025 को UKSSSC द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है. दूसरी ओर सीएम धामी सख्त कार्रवाई का आदेश दे चुके हैं. इसके बावजूद राजनीतिक दलों और युवाओं का गुस्सा कम नहीं हो रहा है. प्रदेश भर में पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन और जुलूस निकाले जा रहे हैं. बुधवार को उत्तरकाशी में यूकेडी ने तो अल्मोड़ा में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने प्रदर्शन किया

यूकेएसएसएससी पेपर लीक के खिलाफ उत्तरकाशी में प्रदर्शन: प्रदेश में यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में उत्तरकाशी में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. जनपद मुख्यालय में युवाओं की भारी भीड़ ने उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं और बेरोजगार संघ के पधिकारियों के नेतृत्व में काली कमली धर्मशाला से मुख्य बाजार सहित विश्वनाथ चौक से कलक्ट्रेट परिसर तक जमकर नारेबाजी की.
झूठ बुलवाने का आरोप: युवाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार कह रही है कि पेपर लीक नहीं हुआ, तो आरोपी के कमरे में जैमर नहीं था. वहीं दूसरी ओर बच्चों को बस में बिठाकर उनसे झूठ बुलवाया जा रहा है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए. कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा. युवाओं ने कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
बुधवार को काली कमली धर्मशाला में बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता और बेरोजगार युवा एकत्रित हुए. वहां से उन्होंने मेन बाजार सहित विश्वनाथ चौक, भैरव चौक होते हुए कलक्ट्रेट परिसर तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. इस दौरान यूकेडी के वरिष्ठ नेता विष्णुपाल रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार नकल विरोधी कानून लागू कर बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर हकीकत एक बार फिर सबके सामने आ गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. बार-बार हो रही परीक्षाओं में गड़बड़ी से बेरोजगार युवाओं का मनोबल टूट रहा है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है.
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र कोरंगा ने कहा कि पूर्व में हमने मांग की थी कि इस परीक्षा की तिथि आगे बढ़े और परीक्षा न हो. क्योंकि पहाड़ों में जगह जगह आपदा के कारण सड़कें टूटी हुई थी. उसके बाद जब परीक्षा तिथि नहीं बदली को 20 सितंबर को ही दूर दूर से बच्चे टूटी सड़कों को पार कर परीक्षा केंद्रों में पहुंचे. परीक्षा से एक दिन पहले हाकम सिंह पकड़ा गया. हाकम की गिरफ्तारी के अगले ही दिन परीक्षा कराना संदेह पैदा कर रहा है.
उन्होंने कहा कि जब हाकम सिंह पकड़ा गया तो उस समय जो ऑडियो लीक हुआ वह बेरोजगार संघ के संज्ञान में आया. उसी को सोर्स बनाते हुई एसटीएफ ने हाकम सिंह को पकड़ा. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि हाकम सिंह के हाकमों को पकड़ा जाए. वहीं आयोग में बदलाव कर यह पेपर दोबारा से कराया जाये. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कैसे युवा सरकार और आयोग पर भरोसा कर पाएगा. कोरंगा ने कहा कि जिस तरह पूरे प्रदेश में हजारों युवा अपने हक हकूकों के लिए आगे आ रहे हैं, इससे साफ है कि सरकार को हमारी मांगें माननी पड़ेंगी.
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले बेरोजगार युवाओं के सपने नकल माफिया चूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. पिछले कुछ सालों में लगातार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं और लगातार भर्ती परीक्षा सवालों के कटघरे खड़ी रही है. ऐसा ही आज 21 सितंबर को आयोजित हुई उत्तराखंड अधिनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की पेपर को लेकर हुआ है. उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को लेकर दावा किया है.
दरअसल, यूकेएसएसएससी का एग्जाम रविवार सुबह 11 बजे प्रदेश के 445 केंद्रों में आयोजित हुआ. लेकिन बेरोजगार संघ का दावा है कि परीक्षा शुरू होने के करीब आंधे घंटे बाद ही 11:35 बजे पेपर का एक सेट लिक हो गया.
बेरोजगार संघ का मानना है कि हरिद्वार के एक सेंटर से पेपर लिक हुआ है. जिसके बाद बाद बेरोजगार संघ दावा कर रहा है कि पेपर की गोपनीयता भंग हुई है. बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल का कहना है कि जो पेपर बाहर आया था, और परीक्षा में अभ्यर्थियों के मिले पेपर का मिलान किया गया तो कई प्रश्न मिल रहे हैं.
इससे पहले 20 सितंबर को देहरादून पुलिस और एसटीएफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यूकेएसएसएससी एग्जाम से पहले अभ्यर्थियों के साथ ठगी करने वाले दो आरोपी पंकज गौड़ और हाकम सिंह की गिरफ्तारी की थी. हालांकि, इस मामले पर बेरोजार संघ का कहना है कि उन्होंने इस खुलासे से पहले 9 सितंबर को एसटीएफ को एक ऑडियो दिया था, जिसमें पंकज गौड़ यूकेएसएसएससी पेपर देने वाले किसी अभ्यर्थी को अपने जाल फंसा रहा है और 15 लाख रुपए की डिमांड के साथ देहरादून बुला रहा है. बेरोजगार संघ द्वारा दी गई ऑडियो के बाद ही एसटीएफ अलर्ट मोड पर आई थी और उसके बाद ही शनिवार को पंकज गौड़ और हाकम सिंह की गिरफ्तारी की गई है.