हाई कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया- मंत्री की ‘गटर की भाषा’ करार दिया

14 MAY 2025 (Himalayauk Leading Newsportal & youtube Channel) मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य के मंत्री विजय शाह को फटकार लगाई और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता और घृणा को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित टिप्पणी को ‘गटर की भाषा’ करार दिया. 

कर्नल सोफिया ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया

कोर्ट ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल ‘शायद इस देश में आखिरी संस्थान’ हैं जो ईमानदारी, अनुशासन, बलिदान, नि:स्वार्थ भाव, चरित्र, सम्मान और अदम्य साहस को दर्शाते हैं.’ कर्नल सोफिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत के पक्ष को मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया के सामने रखने वाली टीम का हिस्सा थीं.

12 मई को रामकुंडा गांव में की विवादित टिप्पणी

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और आदिम जाति कल्याण मंत्री शाह ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. उन्होंने कर्नल सोफिया को ‘आतंकवादियों की बहन’ के रूप में पेश करने की कोशिश की थी. उन्होंने सोमवार (12 मई) को इंदौर के पास रामकुंडा गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए ये अपमानजनक टिप्पणियां की थीं.

कोर्ट ने मंत्री के बयानों का स्वत: लिया संज्ञान

मंत्री के बयानों का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने पुलिस को मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने पुलिस विभाग को बुधवार शाम छह बजे तक प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया और इस बारे में सूचित करने का भी निर्देश दिया.

बीएनएस की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज करने के निर्देश

खंडपीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य), 196 (1) (बी) (धर्म, जाति, भाषा या अन्य समान विशेषताओं के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 197 (1) (सी) (बयान या कार्रवाई जो शत्रुता, या विभिन्न समूहों के बीच घृणा पैदा करता है) के तहत अपराधों के लिए शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया.

कोर्ट ने अपने आदेश में कही ये बड़ी बात

कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि यह आज शाम तक किया जाना चाहिए और ऐसा नहीं होने पर कल (15 मई) जब मामले की सुनवाई होगी तो कोर्ट राज्य के पुलिस महानिदेशक के खिलाफ इस आदेश की अवमानना के लिए कार्यवाही पर विचार कर सकती है. कोर्ट ने कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि यह आदेश तत्काल डीजीपी कार्यालय को भेजा जाए और सुनिश्चित किया जाए कि इसका पालन हो.

‘अदालत स्वत: संज्ञान लेने को मजबूर हुई’

हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया, “विभिन्न अखबारों और डिजिटल मीडिया में सोमवार को महू के अंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई घटना के कारण इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेने के लिए यह अदालत मजबूर हुई है.”

आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार के एक मौजूदा मंत्री, जिनका नाम विजय शाह है, ने भारतीय सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ ‘अभद्र भाषा’ का इस्तेमाल किया है.

अदालत ने कहा, “सशस्त्र बल, शायद इस देश में मौजूद आखिरी संस्थान है, जो ईमानदारी, उद्योग, अनुशासन, बलिदान, नि:स्वार्थ भाव, चरित्र, सम्मान और अदम्य साहस को दर्शाता है और जिसे इस देश का हर नागरिक अपनी पहचान समझता है, उसे विजय शाह ने निशाना बनाया है. उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ गटर की भाषा का इस्तेमाल किया है.”

मैं दस बार माफी मांगने को तैयार- विजय शाह ने दी सफाई

अपनी टिप्पणियों को लेकर चौतरफा आलोचनाओं में घिरने के बाद विजय शाह ने सफाई देते हुए कहा था कि अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शाह को मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है

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