UTTRAKHAND ; CM से मिलना आसान नही;  01 Jul 2025 09:15 PM; UK SUCHNA DEPARTMENT FAILUE?  गंगोत्री में तीर्थ पुरोहितों का प्रदर्शन

बादल फटने से यमुनोत्री मार्ग जगह-जगह बंद हो गया था। इस दौरान यहां की यात्री भी फंस गए थे। 

सिलाई बैंड के समीप बादल फटने के कारण जगह-जगह मार्ग बंद होने के कारण स्यानाचट्टी से लेकर जानकीचट्टी तक करीब 850 से अधिक यात्री फंस गए थे। मंगलवार को पैदल आवाजाही शुरू होने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने वहां से यात्रियों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है।मंगलवार शाम तक करीब 600 से 700 यात्रियों को सुरक्षित वाहनों से बड़कोट भेज दिया गया है। वहीं अब प्रशासन के अनुसार करीब 150 से 200 यात्रियों के सुरक्षित स्थानों पर होने की उम्मीद है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया कि पैदल मार्ग खुलने के बाद यात्रियों को भूस्खलन वाले क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला जा रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष के 12 जून को देहरादून दौरे के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने पर उत्तराखंड शासन के प्रोटोकॉल विभाग ने जिला अधिकारी, देहरादून से स्पष्टीकरण तलब किया है।

प्रोटोकॉल विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि लोकसभा सचिवालय ने शिकायत की है कि दौरे के दौरान लोकसभा अध्यक्ष को उचित सम्मान और निर्धारित शिष्टाचार नहीं दिया गया। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी 19 जून को पत्र जारी कर चिंता जताई थी। बताया गया कि डीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका उत्तर नहीं मिला। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए राज्य शासन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने मुखबा-जांगला मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर गंगा घाट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे इस छह किमी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक शासन-प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसलिए अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं होती है, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों और मुखबा गांव के ग्रामीण लंबे समय से मुखबा-जांगला मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं। तीन दिन पूर्व उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। वहीं मंगलवार को सभी तीर्थ पुरोहित गंगोत्री धाम में गंगा घाट पर एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मुखबा से जांगला तक उन्हें पगडंडी के खतरनाक रास्ते पर आवाजाही के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मां गंगा की डोली को गंगोत्री लाते और मुखबा ले जाते हुए पहाड़ी से गिरने का खतरा बना रहता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखबा दौरे के दौरान उन्हें भी ज्ञापन सौंपा गया।
वहीं कई बार डीएम से लेकर सीएम तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अब तीर्थ पुरोहितों ने निर्णय लिया है कि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों में संजीव सेमवाल, माधव सेमवाल, अंकित सेमवाल, महेश सेमवाल, अंशुमन, कपिल, मानेंद्र सेमवाल, रमेश, दुर्गा प्रसाद सेमवाल, आशीष, विमल, गौतम, प्रकाश, विंध्याचल सेमवाल, पवन, सुनील सेमवाल सहित कई शामिल थे।

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