महामाई दशम विद्या ; महामाई को साक्षात जाग्रत किया ; तपस्वी संत श्रीश्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस महाराज : मनोकामनाएं पूर्ण हुई

गुरुदेव का सबसे पुराना आश्रम आसाम तिनसुकिया में है, जो भी आता है उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है, श्री शिव शक्ति धाम में महामाई दशम विद्या के घोर साधक है गुरुदेव, जो दिव्य संत है जिन्होंने महामाई को साक्षात जाग्रत किया है

तपस्वी संत श्रीश्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस महाराज : जो भी दर्शन को आया मनोकामनाएं पूर्ण हुई

चंद्रशेखर जोशी मुख्य संपादक हिमालयायूके न्यूज

महान तपस्वी ने साल 1984 से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया. वो केवल नारियल पानी पीकर जीवन जीते हैं. क्योंकि वह नारियल को सबसे पवित्र मानते हैं.

श्री 1008 कालिदास महाराज का पूरा नाम श्री श्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस जी महाराज है, जो एक सिद्ध आध्यात्मिक गुरु और मानवतावादी हैं. उन्हें आश्रमों और धर्मार्थ संस्थानों की स्थापना के माध्यम से आध्यात्मिक उत्थान और मानवीय सेवा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है. बाबा कालिदास महाराज अपने आश्रमों के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करते हैं और संत सम्मेलनों में भाग लेते हैं.

बाबा कालिदास ने बताया कि उन्होंने 1984 में अन्न जल का त्याग कर दिया था. उन्हें लगा कि नारियल का जो फल है वो शिव रूप में है. बाहर जटा, अंदर कठोर उसके अंदर फल और उसके अंदर जल होता है. नारियल पानी में सभी तत्व विटामिंस मिल जाते हैं. इसलिए वो आज तक नारियल पानी पीकर जीवन जीते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि वो कई साल तक लता, पत्ता, फल फूल खाकर रहे थे. इस दौरान उन्होंने सोचा कि धरती की सबसे पवित्र चीज क्या होगी. उसे खाकर क्यों न जिंदा रहा जाए. नारियल सबसे पवित्र होता है. इसलिए उसी का सेवन करके जीवित हूं.

श्री श्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस जी महाराज
: यह उनका पूरा नाम है, और उन्हें “गुरुदेव” के नाम से भी जाना जाता है.

श्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस जी महाराज का आश्रम मुख्य रूप से असम के तिनसुकिया में स्थित है और इसे श्री शिव शक्ति धाम के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा, उनके अन्य आश्रम भी हैं, जैसे श्री शिव शक्ति बाबा श्री कालीदास धाम सांपला।

उन्होंने कई आश्रमों की स्थापना की है, जैसे कि आसाम तिनसुकिया में श्री शिव शक्ति धाम. वे जरूरतमंद लोगों को कंबल, मौजे और टोपी बांटते हैं और अन्य मानवीय सेवा कार्य भी करते हैं.

श्री श्री 1008 बाबा कालिदास कृष्णानंद परमहंस जी महाराज गुरुदेव का दूसरा आश्रम सबसे पुराना आसाम तिनसुकिया में है आश्रम का नाम है श्री शिव शक्ति धाम जो भी आता है उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है,

उन्होंने रूद्र चंडी अखंड महायज्ञ जैसे आयोजनों में भाग लिया है. वे युवाओं को राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं और शिक्षा को जीवन का प्रकाश बताते हैं.

बाबा कालिदास महाराज का स्वागत भव्य रूप से किया जाता है और वे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं.

2018 मे हुई थी भविष्यवाणी

काठमांडू , यहां के राजाधिराज साक्षात पशुपतिनाथ है, यह उनकी राजधानी है
विश्व में जितनी विसंगति है किसी भी देश के शासन तंत्र मै पुरी के शंकराचार्य के पद से दोष नहीं देता,
सभी राजनेता कान खोलकर सुन ले
विश्व में स्वस्थ्य क्रांति की शुरुआत उदभावना नेपाल से होगी , नेपाल भव्य रूप धारण करेगा
हर हर महादेव

प्रस्तुति चन्द्रशेखर जोशी

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