राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा था कि ; EXECLUSIVE STORY; HIMALAYAUK LEADING NEWSPORTAL & YOUTUBE CHANNEL & DAILY NEWSPAPER. BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR Mob. 9412932030 & GUJRAT STATE CHIEG HARISH
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा था कि क्या वे कनाडा से लौटते समय अमेरिका में थोड़ी देर के लिए रुक सकते हैं। हालांकि, पहले से तय कार्यक्रमों के चलते प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संभव न होने की बात कही। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि वे जल्द ही मिलने का प्रयास करेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मालदीव जो कि अलग देश केवल नाम के लिए था भारत के साथ सदा से अच्छा व्यवहार था, लेकिन वो भी अब भारत को आंखें दिखाने लगा है। साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति और ऑपपरेशन सिंदूर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, “भारत की विदेश नीति पूरी तरह विफल रही है। आज कोई भी देश हमारे साथ नहीं खड़ा दिखाई देता, जो दर्शाता है कि हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध सही नहीं रहे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सेना चीफ आसिम मुनीर को लंच पर आमंत्रित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने केन्द्र की बीजेपी सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को व्हाइट हाउस में लंच पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस द्वारा बुधवार को जारी राष्ट्रपति ट्रंप के आधिकारिक कार्यक्रम की सूची में इस मुलाकात का जिक्र किया गया है। यह ख़बर सामने आते ही कांग्रेस पार्टी केन्द्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि भारत की विदेश नीति और डिप्लोमेसी के लिए अत्यंत चिंताजनक, पीड़ाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण ख़बर है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार हमारी विदेश नीति को कहां से कहां तक ले आई है, कि उनके दोस्त जिसके लिए वो चुनाव जिताने की बात करते थे, वो अमेरिका का राष्ट्रपति हो करके हमारे दुश्मन देश के आर्मी जनरल जो आतंकवाद के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है उसके साथ लंच कर रहे हैं। इस दौरान सुरेन्द्र राजपूत ने और भी कई बड़ी बातें कही हैं, जिन्हें आप ऊपर दिए गए वीडियो में सुन सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर यह कहा कि मई माह में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित सैन्य टकराव को उन्होंने टालने में अहम भूमिका निभाई थी। वाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को होने से रोका। मैं पाकिस्तान से बेहद लगाव रखता हूं।” साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, “मोदी एक बेहतरीन व्यक्ति हैं। मेरी कल रात उनसे बातचीत हुई थी।”
ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब कुछ घंटे पहले ही उनकी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हुई थी। इस बातचीत में यह स्पष्ट किया गया कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिविधियों को रोकने का निर्णय दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी बातचीत के जरिए लिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। यह संवाद करीब 35 मिनट तक चला। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी और यह स्पष्ट कर दिया कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत ने न कभी ऐसी मध्यस्थता को स्वीकार किया है और न ही भविष्य में करेगा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को ‘क्वाड’ की अगली बैठक के लिए भारत आमंत्रित किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह निमंत्रण स्वीकार करते हुए भारत आने की उत्सुकता जताई। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी, और यह पूरी तरह से द्विपक्षीय प्रक्रिया का हिस्सा था।
विक्रम मिस्री ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा था कि क्या वे कनाडा से लौटते समय अमेरिका में थोड़ी देर के लिए रुक सकते हैं। हालांकि, पहले से तय कार्यक्रमों के चलते प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संभव न होने की बात कही। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि वे जल्द ही मिलने का प्रयास करेंगे।
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर सभी की निगाहें अमेरिका पर टिकी हुई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीधे तौर पर ईरान को धमकी दे रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तथा पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर की हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई मीटिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मुनीर को बाकायदा लंच के लिए बुलाया गया था।
इस बीच अब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के पूर्व अधिकारी तथा अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टिट्यूट के वरिष्ठ विश्लेषक माइकल रूबिन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नजर पाकिस्तान पर केवल इसलिए है क्योंकि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य कार्रवाई के बाद उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सामान को पाकिस्तान में शिफ्ट किया जा सकता है।
माइकल रूबिन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप तथा अमेरिकी सेनाओं की केंद्रीय कमान के अधिकारी पाकिस्तान के साथ मीठी-मीठी बातें केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनको ईरान के खिलाफ रणनीतिक सहयोग चाहिए। रूबिन ने साफ तौर पर कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को अमेरिका का दोस्त इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनको इस दोस्ती से कुछ हासिल करना है। वो चाहते हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरे तरीके से खत्म कर दिया जाए। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका को उन परमाणु सामान को कहीं न कहीं ले जाना होगा, और हो सकता है कि इसके लिए वो पाकिस्तान को चुनें। माइकल रूबिन ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान अब स्वतंत्र देश नहीं रहा। वो चीन का ‘प्रॉक्सी’ बन गया है। ऐसे में ये भी संभव है कि जब जनरल मुनीर ट्रंप से मिले, तो उन्होंने चीन की तरफ से भी कुछ गुप्त संदेश अमेरिका को पहुंचाए हों। रूबिन ने आगे कहा कि चीन की सबसे बड़ी चिंता तेल है, जो फारस की खाड़ी तथा होरमुज की खाड़ी से होकर आता है। अगर ईरान-इजरायल के बीच युद्ध लंबा चला, तो सबसे ज्यादा नुकसान चीन को होगा।