11 सितंबर, गुरुवार  पितृ पक्ष का पांचवां श्राद्ध  & ग्रहों के सेनापति मंगल का 13 सितंबर से भूचाल लाने का संयोग & आकाश में चलते हुए सितारे मानव जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं:

11 सितंबर 2025 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि होगी। इस तिथि पर अश्विनी नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 11:49 − 12:38 मिनट तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 13:46 − 15:18 मिनट तक रहेगा। 11 सितंबर, गुरुवार का दिन है. आज आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और पितृ पक्ष का पांचवां श्राद्ध

गुरुवार के दिन विष्णु जी के अलावा केले के पेड़ की पूजा करना चाहिए, कहते हैं इससे सौभाग्य जाग उठता है. व्यक्ति की नौकरी, संतान और वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानी दूर होती

बगला मुखी पीठ देहरादून से चंद्रशेखर — 13 सितंबर 2025 को रात 9 बजकर 34 मिनट पर मंगल ग्रह कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 26 अक्टूबर 2025 तक यहीं रहेंगे। मीन राशि वालों के लिए मंगल का गोचर आठवें भाव में होगा, जो रहस्य, परिवर्तन और अनिश्चितता से जुड़ा है

धर्म चक्र : आकाश में चलते हुए सितारे मानव जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं: चंद्रशेखर जोशी

13 सितंबर से 27 अक्टूबर 25 तक मंगल तुला राशि में रहेंगे ,मंगल जीवन की किन चीजों को नियंत्रित करते हैं , ऊर्जा, जिस ऊर्जा से हम जीवन में काम करते हैं दूसरा हमारे आसपास का सपोर्ट सिस्टम कैसा है? यह मंगल का अधिकार क्षेत्र है , मंगल आकाश में जिस पोजिशन में होगे, यह चीजे उसी के अनुसार परिवर्तित होगी, मंगल शनि के साथ कॉन्फ्लिक्ट कर रहे हैं जिससे आपको असुरक्षा की भावना आपके मन में आएगी, रिश्तों में कड़वाहट आएगी, और मंगल निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करेंगे , जिससे फैसला लेने में देरी होगी और नुकसान के योग बनेंगे

मंगल की यह पोजिशन कुंडली में जहां पर भी होगी, उसके नतीजे उसी के अनुरूप कम या ज्यादा परिवर्तन का योग बनाएंगे जिनके जन्म में दशा और अंतर्दशा मंगल की चल रही होगी या शनि की साढ़े साति या ढैया चल रही है उनको निर्णय लेने की क्षमता ठीक रखनी होगी , सबसे संपर्क रखना है, काम कारोबार में हो रहे परिवर्तन को नोट करना है जिससे काम कारोबार में दिक्कत नहीं आए, वैदिक ज्योतिष में मंगल को साहस, जोश, और कर्मठता के कारक और ग्रहों का सेनापति माना जाता है। यह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं, मकर में मंगल उच्च और कर्क में नीच के हो जाते हैं। तुला राशि के स्वामी शुक्र है। यह राशि मंगल के लिए शत्रु की राशि मानी जाती है। मंगल की उग्र और तेज प्रकृति तुला की शांत और संतुलित ऊर्जा के साथ टकराव पैदा कर सकती है। जिस कारण इस गोचर से कुछ राशियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

मंगलवार को लाल कपड़े में मूंगे का टुकड़ा बांधकर दान करें और ‘ॐ भौमाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।

हनुमान मंदिर में तेल का दीपक जलाएं। मंगलवार को लाल फूल हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। मंगलवार को गुड़ और गेहूं का दान करें। हनुमान चालीसा और लाल मसूर की दाल का दान करें।

इस दिन पितृ पक्ष की पंचमी तिथि यानी कुंवारा पंचमी का श्राद्ध किया जाएगा. इस दिन अविवाहित मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों का श्राद्ध करना चाहिए. कहते हैं इस दिन भोजन के लिए एक कुंवारे ब्राह्ण को जरुर बुलाना चाहिए. 11 सितंबर 2025) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि

शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक लगाएं. इससे पूर्वज की आत्मा प्रसन्न होती हैं.

वारगुरुवार
नक्षत्रअश्विनी
योगध्रुव, सर्वार्थ सिद्धि योग
सूर्योदयसुबह 5.57
सूर्यास्तसुबह 6.48
चंद्रोदयरात  8.06
चंद्रोस्तसुबह 8.35
चंद्र राशिमेष

 

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