हरिमोहन ऐठानी ; भारत के महान गणितज्ञ कपकोट और जिला बागेश्वर (उत्तराखंड) के रहने वाले ; EXECLUSIVE REPORT BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR Mob. 94129320; Leading Newsportal & youtube Channel & Daily Newspaper
हरिमोहन ऐठानी सोशल मीडिया के माध्यम से हर रोज गणित से जुड़े सूत्र, नए नए इनोवेशन, रीजनिंग , आदि चीजें साझा करते रहते हैं जो कि प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, वह खुद इनको तैयार करते हैं,,नए नए सूत्रों को ज्ञात करते हैं, शॉर्ट ट्रिक निकालते है,, जिनसे प्रश्न कम से कम समय में हल किए जा सकते हैं क्योंकि समय प्रतियोगी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है । समय समय पर उनको डायट, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और राजकीय विद्यालयों में गणित विशेषज्ञ/ गणितज्ञ/ रिसोर्स पर्सन / मोटिवेट के तौर पर आमंत्रित किया जाता है, भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को वह अपना आदर्श मानते हैं।
हरिमोहन सिंह ऐठानी पुत्र स्वर्गीय गुमान सिंह ऐठानी ( पूर्व शिक्षक) ऐठान, तहसील कपकोट और जिला बागेश्वर (उत्तराखंड) के रहने वाले हैं, यह स्नातक हैं। गणित में नए नए सूत्र, ट्रिक खोजना, मनोरंजक गणित खोजना, जटिल सिद्धांतों को हल करने का प्रयास करना इनकी हॉबी है।

—-इनकी अब तक की मुख्य उपलब्धियां—

लिम्का बुक ऑफ नेशनल रिकॉर्ड

लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

एवरेस्ट बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
मैथ जीनियस वर्ल्ड रिकॉर्ड
असम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
इनफिनिटी बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

यूनिवर्सल रिकॉर्ड फोरम
कल्कि बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
एक्सक्लूसिव बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

कलाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर क्लब अवार्ड
नेशनल जूरी अवार्ड
प्राइड ऑफ़ इंडिया अवार्ड

इंडिया स्टार आइकन अवार्ड
उत्तराखंड आइकन अवार्ड
इंटरनेशनल बेस्ट टीचर अवार्ड
इंटरनेशनल आइकन अवार्ड
आदि कई रिकॉर्ड और अवार्ड हैं। अब तक इनको विभिन्न संस्थाओं से 40+ वर्ल्ड रिकॉर्ड और अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं , इनको ये प्रमाणपत्र 13 किलोग्राम भार वाली मैजिक स्क्वायर बुक को बिना किसी गणना यंत्र के सहारे में लिखने ,पुराने और नए नए गणितीय सिद्धांतों को कम से कम समय में सत्यापित करने में मिले हैं। हाल ही में उन्होंने मात्र 15 दिनों में एक अंतर्राष्ट्रीय जटिल गणित की थ्योरी का हल दिया था, जिनके अब तक इनके 2 अंतराष्ट्रीय ओपन रिव्यू जर्नल प्रकाशित हो चुके हैं, यह गणित की थ्योरी दुनिया के टॉप 10 थ्योरी के अंदर आता है। इनकी उपलब्धियों को देखते हुए उत्तराखंड के सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स में भी कई ब्लॉगर ने इनका नाम अंकित कर दिया है तथा प्रतियोगी परीक्षा में भी इनकी उपलब्धियों को पूछा जा चुका है।

गणित का नाम सुनते ही अच्छों अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, मन और मस्तिष्क में भय बैठ जाता है। आज के समय में पहले की अपेक्षा गणित विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों का स्तर घटते जा रहा है, जिससे भविष्य में गणित का क्रेज घट सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कई पदों पर गणित हटा दिया है वजह बच्चे गणित विषय से दूर भाग रहे हैं।
सामान्य रूप से देखा जाए तो गणित के प्रति यह भय मनोवैज्ञानिक है, दूसरी वजह बेसिक स्तर पर गणित विषय का कॉन्सेप्ट कमजोर होना और तीसरी वजह रटने रटाने वाली पद्धति पर मात्र परीक्षा पास करना । गणित एकमात्र ऐसा विषय है जो किसी न किसी रूप में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मानव और प्राकृतिक जीवन से अछूता नहीं है, यह आदिकाल से चला आ रहा है। दैनिक जीवन में इसके बिना कोई कार्य नहीं होता है।यह एक मात्र ऐसा विषय है जो मनुष्य की तार्किक और बौद्धिक क्षमता का विकास करता है।
गणित एक सच्चा मित्र बन सकता है, यदि मन से भय को दूर किया जाय तो, इसको हम कई तरीके से समझ सकते हैं, जैसे खेल विधि, कहानी विधि, संगीत विधि या खुद से समझने का प्रयास किया जाय तो बेहतर रहेगा।दैनिक जीवन में हर क्षण हर पल कहीं न कहीं यह मानवीय क्रिया कलापों से जुड़ा है और प्रकृति का प्रारूप और क्रिया कलाप भी इसी के पैटर्न पर आधारित हैं।
—आज के युवाओं के लिए इनका संदेश–
किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिज्ञासा, लगन, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, प्रेरणा, समर्पण का होना आवश्यक है।
महापुरुषों का जीवन , कार्य और संघर्ष भी प्रेरणा के प्रभावी और अच्छे स्रोत हैं।
नैतिक ज्ञान ही जीवन का मूल आधार है।