गन्‍ना आयुक्‍त उत्‍तराखण्‍ड का न्‍याय- भ्रष्‍टाचारी को पदोन्‍नति- लिपििक को दण्‍ड

lipikदुर्घटना बीमा योजना में 30 लाख, 77 हजार का फर्जीवाडा- उत्‍तराखण्‍ड के गन्‍ना आयुक्‍त का न्‍याय- भ्रष्‍टाचारी को पदोन्‍नति-  लिपििक को दण्‍ड 

गन्‍ना आयुक्‍त लिपिक को न्‍याय नही देना चाहते, कैम्‍प कार्यालय छोडकर भाग रहे हैं, लेकिन लिपिक ने ऐलान किया है जब तक उनको न्‍याय नही मिलता, वह उनके कैम्‍प कार्यालय पर धरने पर पत्‍नी सहित बैठे रहेगें, एेसे में यह सवाल उठता है कि क्‍या उनको न्‍याय देने हेतु शासन प्रशासन कदम उठायेगा, बडी खबर- हिमालयायूके न्‍यूज पोर्टल (www.himalayauk.org) LeadingDigital Newsportal 

सहकारी गन्‍ना विकास सिमित लि0 इकबालपुर रूडकीी जनपद हरिद्वार में वर्ष 2007-08 से 2010-11 तक समिति के तत्‍कालीन सचिव प्रभारियों श्री राम बदल वर्मा एवं श्री अशोक कुमार तथा लेखाकर रमेश चन्‍द्र ने दुर्घटना बीमा योजना में 30 लााख 77 हजार रू0 की हानि बीमा कम्‍पनियों से सांठगांठ कर पहुचाई गई, जिसकी जोच गन्‍ना आयुक्‍त उत्‍तराखड द्वारा सहायक गन्‍नाा आयुक्‍त उधम सिंह नगर से कराई, जांच में उपरोक्‍त धनराशि की पुष्‍टि हुई, जाच रिपोर्ट में जांच आिकारी सहायक गन्‍ना आयुक्‍त ने स्‍पष्‍ट किया है कि सचिव प्रभारी तथा लेखाकार नेे बीमा कम्‍पनियों से साठगांठ कर गन्‍ना समिति को आर्थिक हानि 30 लाख 77 हजार रू0 की पहुचाई, परन्‍तु गन्‍ना आयुक्‍त द्वारा उक्‍त जाच रिपोर्ट जो अप्रैल 2015 को उनके संज्ञान में आ गयी थी, को पैडिंग कर दिया गया, तथा दोषी अधिकारियों सचिव प्रभरी एवं लेखाकार के विरूद्व कार्यवाही नही की, बल्‍कि दोषी को ही पदोन्‍नति देकर संयुक्‍त गन्‍ना आयुक्‍त उत्‍तराखण्‍ड के पद पर नियुक्‍ति दे दी गयी,
गन्‍ना समिति इकबालपुर में हुई हानि की भरपाई हेतु अशोक कुमार द्वारा 20 लाख की वसूली के आदेश एक अन्‍य कर्मचारी क़ष्‍ण भोग सामयिक लिपिक से करने के आदेश पारित कर दिये गये, जबकि प्रार्थी का जांच में नाम भी नही है,
इस संबंध में प्रार्थी ने गन्‍ना आयुक्‍त से व्‍यक्‍तिगत तौर पर मिलकर न्‍याय की मांग की, न्‍याय न मिलने पर मजबूर होकर क़़ष्‍ण भोग साामयिक लिपिक 19 सितम्‍बर 2016 से गन्‍ना आयुक्‍त के कैम्‍प कार्यालय, सुभाष रोड देहरादून में अनिश्‍चित कालीन धरने पर अपनी पत्‍नी केे साथ बैठे हैं, परन्‍तु गन्‍ना आयुक्‍त ने उस दिन से ही कैम्‍प कार्यालय आना ही बंद कर दिया तथा अपने स्‍टाफ को भी वहां से हटा लिया तथा कार्यालय में ताला लगा दिया,
ज्ञात हुआ है कि गन्‍ना आयुक्‍त अब हल्‍द्वानी कार्यालय में बैठ रहे हैं, जबकि उनका मुख्‍यालय काशीपुर हैं, परन्‍तु जब से वह गन्‍ना आयुक्‍त उत्‍तराखण्‍ड हैं, सभी कार्य कैम्‍प कार्यालय सुभाष रोड, देहरादून से ही कर रहे हैं, मुख्‍यालय काशीपुर में अपनी अवधि में वह 20 बार भी नही आये हैं, इनकी जानकारी उनकी सरकारी गाडी की लागबुक से प्राप्‍त की जा सकती है,
वही उन्‍होंने क़़ष्‍ण भोग सामयिक लिपिक जो अब सहकारी गन्‍ना विकास समिति लि0 लिब्‍बरहेडी, हरिद्वार से रिटायर भी हो चुके हैं, के समस्‍त देयकों का भुगतान रोक दिया गया है, तथा उनकोो न्‍याय देने को भी तैयार नही है गन्‍ना आयुक्‍त, उनसे बच कर क्‍यों भाग रहे हैं, गन्‍ना आयुक्‍त, यह सबसे बडा सवाल हे, ऐसे में सामयिक लिपिक ने हिमालयायूके न्‍यूज पोर्टल के सम्‍पादक चन्‍द्रशेखर जोशी को बताया कि गन्‍ना आयुक्‍त उनको न्‍याय नही देना चाहते, कैम्‍प कार्यालय छोडकर भाग रहे हैं, लेकिन वह भी जब तक उनको न्‍याय नही मिलता, वह उनके कैम्‍प कार्यालय पर धरने पर पत्‍नी सहित बैठे रहेगें,
एेसे में यह सवाल उठता है कि क्‍या उनको न्‍याय देने हेतु शासन प्रशासन कदम उठायेगा,
वही हिमालयायूके न्‍यूज पोर्टल के सम्‍पादक चन्‍द्रशेखर जोशी ने मा0 सुरेन्‍द्र सिंह नेगी गन्‍ना मंत्री के कार्यालय में इस संबंध में शीघ्र उचित कदम उठाये जाने पर ज्ञापन देकर रिटायर लिपिक को न्‍याय देने की मांग की है, वही सरकारी कार्यालय में अगर रिटायर लिपिक ने घातक कदम उठा लिया तो कौन जिम्‍मेदार होगा, यह सबसे बडा सवाल है, जिस ओर राजधानी में संबंधित अधिकारियों को कदम उठाना चाहिए-*

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