उत्तराखंड ; केदारनाथ रुद्रप्रयाग ; हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा टूटकर कार पर गिर गया

 उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में तकनीकी खराबी के चलते एक हेलीकॉप्टर को सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इस दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा टूटकर कार पर गिर गया। इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हेलीकॉप्टर बडासू हेलीपैड से केदारनाथ जा रहा था। इसमें पायलट समेत 6 लोग सवार थे।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के तहत श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर ने बड़ासू हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी। इसमें पायलट सहित 6 लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार उड़ान भरते ही तकनीकी दिक्कत आने की वजह से सड़क पर ही हेलिकॉप्टर उतारना पड़ा। पायलट ने सेफ स्थान पर उतारने की कोशिश की।

रुद्रप्रयाग में एक हेलीकॉप्टर को सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। लैंडिंग के वक्त हेलीकॉप्टर में 6 लोग भी सवार थे। जिसमें पायलट को मामूली चोटें आई हैं। अन्य लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हेलीकॉप्टर श्रद्धालुओं को लेकर केदारनाथ जा रहा था।

कार पर गिरा पिछला हिस्सा

सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा कार पर गिर गया जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, कार में कोई सवार नहीं था जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। तकनीकी खराबी के चलते पायलट को यह लैंडिंग करनी पड़ी। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।

उत्तराखंड: तकनीकी दिक्कत के कारण हेलीकॉप्टर को सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 6 लोग सवार थे। हादसे में पायलट को मामूली चोट आई। एक कार भी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात है कि जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

मामले की जानकारी देते हुए उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण एक निजी हेलीकॉप्टर को रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

हरियाणा नंबर प्लेट की एक टैक्सी कार भी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि रनिंग कंडीशन में हेलिकॉप्टर का पिछला हिस्सा कार पर गिरता है और लगातार चोट से कार डैमेज हो जाती है। हालांकि तसल्ली वाली बात यही रही कि इमरजेंसी लैंडिंग में सभी सवार सुरक्षित हैं। इसके पीछे तकनीकी खामी बताई जा रही है।

17 मई को हुई थी ऐसी ही घटना

इससे पहले 17 मई को एम्स ऋषिकेश के हेलीकॉप्टर एंबुलेंस को केदारनाथ में क्रैश लैंडिंग करनी पड़ी थी। हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से में तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ था। हेलीकॉप्टर में तीन लोग सवार थे- एक डॉक्टर, एक पायलट और एक मेडिकल स्टाफ। तीनों सुरक्षित बच गए।

इस साल केदारनाथ धाम की यात्रा 2 मई से शुरू हुई थी। अब तक देशभर से 22 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री भगवान केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। पिछले 37 दिनों में 26 हजार से ज्यादा यात्री हेलीकॉप्टर सेवा से केदारनाथ धाम पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के एक महीने के भीतर ही 200 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हो चुका है। ‘इस प्रभावशाली राशि में अकेले होटल संचालकों का योगदान 100 करोड़ रुपये से अधिक है।’

उत्तराखंड सरकार के सूचना महानिदेशक बंसीधर तिवारी ने बताया, हेलीकॉप्टर सेवाएं केदारनाथ धाम यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

जीएमवीएन के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरवर रावत ने विस्तार से बताया, “केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जीएमवीएन के 15 प्रतिष्ठान हैं, जिनमें ध्यान गुफा भी शामिल है। सामूहिक रूप से इनसे एक महीने के भीतर 3.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।”

उन्होंने व्यापक आर्थिक प्रभाव का अनुमान लगाते हुए कहा, “एक औसत तीर्थयात्री आवास और भोजन पर न्यूनतम 1,500 से 2,000 रुपये खर्च करता है, जिससे अकेले होटल और रेस्तरां ने सामूहिक रूप से 100 करोड़ रुपये का कारोबार अर्जित किया है।”

रुद्रप्रयाग के सहायक परिवहन अधिकारी कुलवंत सिंह चौहान ने बताया:  टैक्सी ऑपरेटरों ने इन शटल सेवाओं के जरिए अब तक करीब 7 करोड़ रुपये कमाए हैं।”

गौरीकुंड व्यापार संघ के नेता और बजरंग सेना के प्रदेश अध्यक्ष माया राम गोस्वामी ने   बताया , “श्री केदारनाथ धाम यात्रा का दायरा हर साल बढ़ता जा रहा है। इस साल भी तीर्थयात्रा ऐतिहासिक रूप से आगे बढ़ रही है और अकेले गौरीकुंड में लगभग 350 प्रतिष्ठान हैं जो तीर्थयात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था करते हैं।”

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