14 मार्च 2026 (शनिवार) को चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 08:10 बजे तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी शुरू होगी। इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और वरीयान् योग रहेगा। राहुकाल 09:31 AM से 11:01 AM तक है। सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे और चंद्रमा धनु राशि में रहेगा। +++शनिवार की रात ग्रहों के राजा करेंगे मीन राशि में प्रवेश & शनिवार को चैत्र पक्ष की उदया तिथि दशमी है। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR CALL ME; 9412932030
14 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज चैत्र मास (पूर्णिमांत) के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पूरे दिन और पूरी रात्रि तक रहेगी। आज के दिन दशा माता का व्रत भी रखा जाएगा, जिसे परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा के लिए किया जाता है। चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेंगे।
ज्योतिषियों के अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। ऐसे में 19 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का त्योहार प्रारंभ होगा।++
14 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की उदया तिथि दशमी और शनिवार का दिन है। दशमी तिथि 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। शनिवार सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक वरियान योग रहेगा, उसके बाद परिघ योग लग जायेगा। साथ ही 14 मार्च को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 49 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा आज देर रात 1 बजकर 1 मिनट पर सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। +
- चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि – 14 मार्च 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार करके कल सुबह 8 बजकर 11 मिनट तक
- वरियान योग- 14 मार्च को सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक, इसके बाद परिघ योग लग जाएगा।
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र – 14 मार्च को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 49 मिनट तक
- 14 मार्च 2026 विशेष – 14 मार्च को देर रात 1 बजकर 1 मिनट पर सूर्य मीन राशि में गोचर करें
चैत्र नवरात्रि का पावन त्योहार प्रारंभ होने जा रहा है। यह आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास होता है। मान्यता है कि, नवरात्रि के इन दिनों में मां दुर्गा अपनी विशेष कृपा भक्तों पर बरसाती हैं और साधक के दुखों का निवारण कर सुख-सौभाग्य को बढ़ाती हैं। इस दौरान देवी के नौ स्वरूपों की भव्य पूजा के साथ-साथ भजन-कीर्तन व पाठ का शुभ आयोजन भी किया जाता है। 2026 में 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा।
नवरात्रि के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है। इस दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

शनिवार, 14 मार्च को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। यह सुबह 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर वारीयन योग और उत्तराषाढा नक्षत्र का संयोग

29 मार्च को अपना नक्षत्र बदलने वाले हैं। 29 मार्च को प्रातः 4:49 बजे केतु मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे। छाया ग्रह केतु 5 दिसंबर तक मघा नक्षत्र में ही रहेंगे। : वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहु और केतु छाया ग्रह हैं। ये दोनों ग्रह प्रत्येक राशि में 18 महीने तक रहते हैं और हमेशा वक्री गति में चलते हैं। वर्तमान में, केतु सिंह राशि में स्थित है। सिंह राशि में रहते हुए, केतु आगामी 29 मार्च को अपना नक्षत्र बदलने वाले हैं। 29 मार्च को प्रातः 4:49 बजे, केतु मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे। छाया ग्रह केतु 5 दिसंबर तक मघा नक्षत्र में ही रहेंगे। इससे पांच राशियों के लोगों को बड़ी सफलता और तरक्की मिलेगी।
2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से होने जा रही है। इस तिथि पर हिंदू नववर्ष का प्रारंभ भी होगा, जिसे बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं 27 मार्च 2026 को रामनवमी के दिन नवरात्रि का समापन किया जाएगा। यह अवधि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और उनकी कृपा पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। मान्यता है कि, नवरात्रि में पूजा-अर्चना, उपवास, दान और भजन-कीर्तन जैसे कार्य करने से जीवन में सुख-सौभाग्य बढ़ता है। ज्योतिषियों के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि खास होने वाली है, क्योंकि मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर पृथ्वी पर आगमन करेंगी, जबकि उनकी विदाई का वाहन हाथी रहेगा। माना जा रहा है कि, देवी का यह आगमन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
कन्या राशि वालों के लिए यह नवरात्रि भाग्योदय का संकेत दे रही है। कोर्ट-कचहरी के मामले राहत देंगे। देवी की कृपा से आपका समय बदल सकता है और धन कमाने के नए अवसर आपको प्राप्त होंगे। व्यापार या नौकरी में आगे बढ़ने से प्रसन्न महसूस आप करेंगे। नौकरी, व्यापार और सभी स्थानों पर सम्मान बढ़ेगा। व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे।
19 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 1- अमावस्या, प्रतिपदा मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
20 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 2- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
21 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 3- मां चंद्रघंटा पूजा
22 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 4- मां कुष्मांडा पूजा
23 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 5- मां स्कंदमाता पूजा
24 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 6- मां कात्यायनी पूजा
25 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 7- मां कालरात्रि पूजा
26 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 8- मां महागौरी पूजा ( इस दिन अष्टमी होगी। आप कन्या पूजन कर सकते हैं। )
27 मार्च 2026- नवरात्रि दिन 9- मां सिद्धिदात्री पूजा ( इस दिन नवमी मनाई जाएगी। कन्या पूजन किया जाएगा )