7 मार्च का दिन ग्रहों की स्थिति कुछ खास असर और चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि & 7 मार्च 2026, को शनिवार का दिन है। इस दिन चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस तिथि पर वृद्धि योग और चित्रा नक्षत्र बन रहा है। 7 मार्च 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और दिन के पहले भाग में चित्रा नक्षत्र तथा उसके बाद स्वाती नक्षत्र रहेगा। साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
अगर आप कुछ शुभ कार्य करने की सोच रहे हैं, तो दिन आपके लिए बेहद शुभ
अनोखा मंदिर ईरान के बंदर अब्बास शहर में मौजूद है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत और ईरान के पुराने रिश्तों और हिंदू श्रद्धा का प्रतीक भी है। करीब 130 साल से ज्यादा पुराने इस मंदिर की दीवारें उस दौर की कहानी कहती हैं, जब भारतीय व्यापारी समुद्र पार कर यहां व्यापार करने आते थे और अपनी आस्था को भी साथ लेकर आए थे। आज भी यह मंदिर विदेश में बसे हिंदू विश्वास की एक भावनात्मक विरासत की तरह खड़ा है। बंदर अब्बास में स्थित यह हिंदू मंदिर करीब 19वीं सदी के आखिर और 20वीं सदी की शुरुआत में बनाया गया था। माना जाता है कि इसका निर्माण 1890 से 1900 के बीच हुआ था। इस तरह यह मंदिर आज करीब 130 साल से भी ज्यादा पुराना माना जाता है। इतने लंबे समय से यह मंदिर ईरान की धरती पर हिंदू आस्था की एक अनोखी पहचान बना हुआ है और यहां आने वाले लोगों को भारत की धार्मिक परंपराओं की याद दिलाता है। इस मंदिर के निर्माण के पीछे भारतीय व्यापारियों की कहानी जुड़ी है। माना जाता है कि उस समय भारत के कई व्यापारी व्यापार के सिलसिले में ईरान आते-जाते थे और कुछ यहीं बस गए थे। विदेश की धरती पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी धार्मिक परंपराओं को नहीं छोड़ा। इसी वजह से उन्होंने भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर का निर्माण कराया, ताकि वे अपनी पूजा और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।
इस मंदिर की बनावट देखने पर साफ महसूस होता है कि इसमें भारतीय वास्तुकला की झलक दिखाई देती है। मंदिर का गुंबद और उसका डिजाइन भारत के कई पारंपरिक मंदिरों की याद दिलाता है। हालांकि इसमें स्थानीय ईरानी वास्तुकला का भी हल्का प्रभाव नजर आता है। यही कारण है कि यह मंदिर भारतीय और ईरानी संस्कृति के खूबसूरत संगम का प्रतीक बन गया है। जब भारतीय व्यापारी यहां रहते थे, तब यह मंदिर उनके लिए सिर्फ पूजा की जगह नहीं था, बल्कि उनके घर और संस्कृति की याद दिलाने वाला स्थान भी था। यहां त्योहार मनाए जाते थे और धार्मिक अनुष्ठान भी होते थे। आज भले ही यहां पहले की तरह बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय न रहता हो, लेकिन यह मंदिर आज भी उस आस्था की गवाही देता है जो लोगों ने हजारों किलोमीटर दूर रहते हुए भी अपने दिल में संजोकर रखी। बंदर अब्बास का यह हिंदू मंदिर हमें यह याद दिलाता है कि धर्म और आस्था की कोई सीमा नहीं होती। चाहे इंसान किसी भी देश में चला जाए, उसकी संस्कृति और विश्वास उसके साथ ही चलते हैं। करीब एक सदी से ज्यादा समय से खड़ा यह मंदिर सिर्फ एक पुरानी इमारत नहीं है, बल्कि उन लोगों की भावनाओं, विश्वास और परंपराओं की अमूल्य विरासत है, जिन्होंने दूर देश में भी अपने भगवान और अपनी संस्कृति को कभी नहीं भुलाया।
ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने ओवल ऑफिस में की प्रार्थना
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पादरियों और अपने सहयोगियों के साथ प्रार्थना की। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रंप को धार्मिक अनुष्ठान करते देखा जा सकता है।