1 जनवरी 2026 दिन को गुरुवार का दिन है। 01 जनवरी को पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि & रोहिणी नक्षत्र और शुभा योग का संयोग & -ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम: & विप्र को पीले वस्त्र भेंट करें & पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। सुबह 05:25 से 06:19 तक साल के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठना और ध्यान करना पूरे वर्ष की मानसिक स्पष्टता के लिए उत्तम है। BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR Mob 9412932030

इस दिन सूर्य के वर्ष 2026 की शुरुआत होगी। इस दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगी, फिर चतुर्दशी लग जाएगी। प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि रहने के कारण साल 2026 का पहला प्रदोष व्रत भी 1 जनवरी के दिन ही रखा जाएगा। सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 35 मिनट पर अस्त & गुरुवार होने से गुरु जी को पीले वस्त्र-चने की दाल चढ़ाएं, विष्णु सहस्रनाम पढ़ें और पीले फल दान करें, सारे कार्य सिद्ध होंगे।
01 जनवरी, गुरुवार का दिन है. आज पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और इस दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आज नए साल का पहला दिन है जिसकी शुरुआत प्रदोष व्रत के साथ हो रही है. यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ रहा है इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत नाम दिया गया है. इस दिन देवो के देव महादेव का पूजन किया जाता है. यह पूजन प्रदोष काल यानि सूर्यास्त के बाद होता है. पंचांग के अनुसार आज प्रदोष काल शाम 5 बजकर 35 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा.
1 जनवरी 2026 से नववर्ष की शुरुआत हो रही है। इस दिन ही साल 2026 का पहला प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। 1 जनवरी 2026 दिन को गुरुवार का दिन है। इस दिन सूर्य के वर्ष 2026 की शुरुआत होगी। इस दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगी, फिर चतुर्दशी लग जाएगी। प्रदोष काल के समय त्रयोदशी तिथि रहने के कारण साल 2026 का पहला प्रदोष व्रत भी 1 जनवरी के दिन ही रखा जाएगा। आप शुभ समय पर प्रदोष व्रत का पूजन कर सकते हैं। नक्षत्र रोहिणी रात 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, फिर मृगशिरा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में रहेगा। योग शुभ शाम 5 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। करण तैतिल रात 10 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग रात 10 बजकर 48 मिनट से 2 जनवरी सुबह 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह शुभ योग है।
सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 35 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और 2 जनवरी सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 21 मिनट 29 सेकंड और रात की 13 घंटे 38 मिनट 44 सेकंड रहेगी।
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र व्रतों में शामिल है. इस व्रत को करने से जीवन में मानसिक शांति की प्राप्ति होती है. नववर्ष 2026 के पहले दिन पड़ने वाला यह व्रत विशेष है, जो नए आरंभ और शुभ संकेत की ओर इशारा करता है.
1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन शाम 5 बजकर 35 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 19 मिनट तक है. इस शुभ समय में पूजा-अर्चना करना बेहद शुभ माना जाता है. वही प्रदोष व्रत पारण के लिए 02 जनवरी 2026 शुक्रवार की सुबह 06 बजकर 41 मिनट का समय बेहद सही है.
1 जनवरी 2026 नए साल का सबसे श्रेष्ठ समय अभिजीत मुहूर्त करीब 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 12 बजकर 51 मिनट तक है. इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने के लिए सही समय है. वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 36 मिनट से लेकर 6 बजकर 24 मिनट तक है. यह समय आध्यात्मिक गतिविधियों, समय, ध्यान और साधना के लिए सही माना जाता है.
1 जनवरी 2026 का दिन केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं है बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह एक अत्यंत ऊर्जावान और सकारात्मक दिन होने जा रहा है। नए साल की शुरुआत कई ऐसे शुभ योगों में हो रही है, जो पूरे वर्ष के लिए सफलता, समृद्धि और नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 का पहला दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर पड़ रहा है।
आज के व्रत, त्योहार और विशेष घटनाएं-
प्रदोष व्रत/रवियोग, नववर्ष 2026 प्रांरभ
यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
1 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:25 से 6:19 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:52 से 7:14 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:45 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से 2:50 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:33 से 6:00 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:35 से 6:57 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:57 से 9:23 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:58 बजे से 2 जनवरी सुबह 12:52 तक
- रवि योग: रात 10:48 से 2 जनवरी सुबह 7:14 बजे तक