1 जून 2025 9.36 मिनट ;चंद्रमा अपनी चाल बदल रहे- आसमानी सितारों की ग्रह चाल; चंद्रशेखर जोशी संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ ; आसमानी सितारों की ग्रह चाल पर सतत निगाह

आसमानी सितारों की ग्रह चाल का असर: 1 जून की रात्रि पर चंद्रमा अपनी चाल बदलेंगे और 3 जून को तिहरा धार्मिक संयोग विशेष और दुर्लभ दिवस :; मां दशम विद्या साधकों हेतु विशेष दिवस:

चंद्रशेखर जोशी संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ

1 जून 2025 से जून माह की शुरुआत एक खास ज्योतिषीय घटना के साथ हुई है। रविवार की रात 9 बजकर 36 मिनट पर चंद्रमा अपनी चाल बदलते हुए कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा भावनाओं, मन और मानसिक स्थिरता के कारक माने जाते हैं, इसलिए इनका राशि परिवर्तन जीवन पर असर डालता है।

3 जून 2025 को ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी पर चौथे बड़े मंगल का पर्व पूरे भक्तिभाव से मनाया जाएगा। यह दिन न केवल संकटमोचक भगवान हनुमान जी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ है, बल्कि इसी दिन धूमावती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी जैसे दो और शक्तिशाली पर्व भी मनाए जाएंगे। यह तिहरा धार्मिक संयोग इसे विशेष और दुर्लभ बना देता है। । साधक इस दिन विशेष रूप से तंत्र साधनाओं और ध्यान के माध्यम से मां दशम विद्या धूमावती का आह्वान करते हैं।

ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा हर दो दिन में राशि बदलते हैं, लेकिन जब भी वे सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य की ऊर्जा के प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलता है। जून प्रथम दिवस चंद्र के गोचर से कुछ राशियों को बड़ा फायदा होने जा रहा है।

वृषभ राशि,

और दूसरा वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह राशि परिवर्तन काफी सकारात्मक रहेगा। पारिवारिक रिश्तों में पहले जो टकराव या दूरी थी, वह अब कम होगी और तीसरा मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा का सिंह राशि में प्रवेश बेहद लाभकारी साबित होगा। घरेलू जीवन में जो तनाव और उलझनें चल रही थीं, वे धीरे-धीरे समाप्त होंगी।Bपरिवार में खुशी का माहौल बनेगा। युवा वर्ग के लिए यह समय रचनात्मक क्षेत्रों में सफल होने का है। धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है।

3 जून 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोगों वाला दिन है। बड़ा मंगल, धूमावती जयंती और दुर्गाष्टमी का एक साथ आना साधना, सेवा और श्रद्धा का महान अवसर प्रदान करता है।

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