15 जनवरी श्री शीतलनाथ जयंती, थल सेना दिवस ,गंडमूल योग संयोग & कृष्ण कूर्म द्वादशी, मट्टू पोंगल और माघ बिहु त्योहार &पावन पर्व 15 जनवरी ज्यादा से ज्यादा लोगों को खिचड़ी खिलाना बेहद शुभ -ग्रहों की स्थिति मजबूत

खिचड़ी का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी 2026 की सुबह 5 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक &  खिचड़ी बनाकर सूर्य देव और अन्य देवी-देवताओं को उसका भोग लगाएं। फिर खुद भी इसका सेवन करें। अगर आप 14 तारीख को मकर संक्रांति मना रहे हैं तो दोपहर 3 बजकर 13 मिनट के बाद आप खिचड़ी का सेवन और दान कर सकते हैं।

खिचड़ी खाने और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं दरिद्रता भी दूर हो जाती है। साथ ही सूर्य देव और शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। धन-धान्य में वृद्धि और घर में सुख-शांति का वास रहता है।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने का शुभ मुहूर्त 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से लेकर 15 जनवरी की दोपहर 1 बजे तक रहेगा। कहते हैं परिवार के साथ बैठकर खिचड़ी खाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। 

15 जनवरी 2026 विक्रम संवत 2082 के माघ मास कृष्ण पक्ष द्वादशी का है। आज श्री शीतलनाथ जयंती, थल सेना दिवस और गंडमूल योग का विशेष संयोग  & माघ कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगी और इसके बाद त्रयोदशी लग जाएगी। नक्षत्र ज्येष्ठा रहेगा तो योग वृद्धि। चंद्र देव वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे तो सूर्य देव मकर में रहेंगे। अगर इस दिन के व्रत त्योहार की बात करें तो इस दिन मकर संक्रांति, कूर्म द्वादशी, पोंगल और बिहु का त्योहार रहेगा। 

15 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस तिथि पर ज्येष्ठा नक्षत्र और वृद्धि योग का संयोग बन रहा है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त 12:06 − 12:47 रहेगा। राहुकाल दोपहर13:45 − 15:03 मिनट तक रहेगा।

आज यात्रा प्रारंभ करने से पहले थोड़ा फलाहार करके या दही सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें। राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, साहसी, उत्साही, व्यवहार-कुशल, स्पष्टवादी, परिश्रमी, कर्तव्यनिष्ट, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं। ये केमिस्ट, इंजिनियर, वकील, पुलिस, सेना-विभाग, अध्यापन, ज्योतिष, अनुसंधानकर्ता के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं।

मकर संक्रांति पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से लेकर दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इस समय पर आप स्नान करके सूर्य देव को जल चढ़ाएं। साथ ही खिचड़ी का दान और सेवन भी करें।

15 जनवरी को षटतिला एकादशी का पारण समय सुबह 07:15 से 09:21 बजे तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 08:16 बजे का है। राहुकाल समय दोपहर 01:50 से 03:08 बजे तक रहेगा।

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