षष्ठी तिथि सुबह 10:15 बजे तक, उसके बाद सप्तमी तिथि & मृगशिरा नक्षत्र (अगली सुबह 02:55 AM तक), उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र & सूर्योदय: सुबह 06:14 AM सूर्यास्त: शाम 06:06 PM & राहुकाल: सुबह 10:41 AM से दोपहर 12:10 PM तक & अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 AM से दोपहर 12:34 PM तक By Chandra Shekhar Joshi Chief Editor & President Baglula Mukhi Peeth Dehradun

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को, अश्विन माह, विक्रम संवत 2083 में सूर्योदय के समय कृष्ण षष्ठी तिथि है। नक्षत्र मृगशिरा है जो 02:55 तक रहेगा।
पितृ पक्ष में दान-पु्ण्य का भी विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में श्रद्धा भाव के साथ करने से पितरों की आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही पूर्वजों के आशीर्वाद से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इस साल पितृ पक्ष का समापन 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।
शुक्रवार को षष्ठी तिथि सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि & 2 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शुक्रवार का दिन है। षष्ठी तिथि शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। इसके अलावा 2 अक्टूबर को सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। शुक्रवार को शाम 6 बजकर 18 मिनट तक व्यतिपात योग रहेगा। इस योग के दौरान कोई भी नया काम शुरू करना अच्छा नहीं मान जाता है। साथ ही इस योग के दौरान अगर आप किसी का भला करना भी चाहेंगे तो उसकी नजर में आप-ही बुरा बनते हैं। साथ ही 2 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा।
शुक्रवार के दिन दोपहर के समय सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। इस दिन उन लोगों को श्राद्ध किया जायेगा, जिनका स्वर्गवास किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ हो। इस दिन श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को महान यज्ञों के बराबर पुण्यफल मिलता है और वह श्रेष्ठ विचारों का धनी होता है। बता दें कि पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- सूर्योदय- सुबह 06:14 बजे सूर्यास्त- शाम 06:05 बजे
- आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि – 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी
- व्यतिपात योग- 2 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 18 मिनट तक
- मृगशिरा नक्षत्र- 2 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक
- 2 अक्टूबर 2026 विशेष- सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 ए एम से 05:41 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:17 ए एम से 06:29 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:26 पी एम से 06:50 पी एम
- सायाह्न संध्या- 06:26 पी एम से 07:38 पी एम
- अमृत काल- 06:40 पी एम से 08:10 पी एम

पितृ पक्ष में काला तिल का दान करना सबसे उत्तम & पितृ पक्ष में चांदी की चीजों का भी दान कर सकते हैं। & पितृ पक्ष में ब्राह्मण को भोजन कराएं। & पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को वस्त्रों का दान करें। & पितृ पक्ष में पुस्तकें चावल, नमक, घी , अन्य खाद्य सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं का भी दान कर सकते हैं। इन चीजों का दान करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। & धार्मिक कार्यों में दान हमेशा दाहिने हाथ से ही देना चाहिए। दान देने के बाद कभी भी बार-बार दूसरों के सामने इस बात को न बोलें।