24 जनवरी 2026, शनिवार है. आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है और इस दिन स्कंद षष्ठी मनाई जाती है जो कि भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. आज शिव योग, सिद्ध योग और रवि योग का निर्माण हो रहा है. आज दिनभर पंचक का साया रहेगा और हिंदू धर्म में पंचक का अशुभ मुहूर्त & हनुमान जी और शनि देव को समर्पित शनिवार के दिन माघ गुप्त नवरात्रि का छठा दिन & 24 जनवरी 2026 के दिन के पहले 40 मिनट माघ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी, जिसके बाद से दिन के अंत तक सप्तमी तिथि रहने वाली है.
BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR & G.S.; STATE PRESS CLUB, UTTRAKHAND & BAGULA MUKHI PEETH DEHRADUN Mob. 9412932030

मां त्रिपुर भैरवी को समर्पित माघ गुप्त नवरात्रि का छठा दिन & शिव जी और मां पार्वती के सबसे बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित स्कंद षष्ठी भी है. दस महाविद्याओं की देवी की पूजा और उपासना (10 Mahavidya Sadhana) करने से साधक को सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। साथ ही साधक पर जगत जननी की असीम कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में मंगल ही मंगल होता है। अगर आप भी जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो गुप्त नवरात्र के दौरान राशि अनुसार देवी मां दुर्गा के रूपों की पूजा करें। धार्मिक दृष्टि से 24 जनवरी 2026 का दिन महत्वपूर्ण है. इस दिन न सिर्फ मां त्रिपुर भैरवी को समर्पित माघ गुप्त नवरात्रि का छठा दिन है, बल्कि शिव जी और मां पार्वती के सबसे बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित स्कंद षष्ठी भी है. ऐसे में इस दिन देवी और देवता दोनों की पूजा करने से साधक को विशेष लाभ हो सकता है.
माघ के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 को सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और 2 फरवरी को सुबह 3 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार इस साल माघ पूर्णिमा का व्रत 1 फरवरी 2026 को रखा जाएगा और इसी दिन स्नान व दान भी किया जाएगा.
माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और शनिवार का दिन है। षष्ठी तिथि आज पूरा दिन पार करके देर रात 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। आज के दिन शीतला षष्ठी व्रत भी है और मां शीतला की पूजा की जाएगी। आज दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक शिव योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। सूर्योदय – सुबह 7:14 AM सूर्यास्त – शाम 6:27 PM & षष्ठी (सायं 06:36 तक), उसके बाद सप्तमी प्रारंभ। सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 07:58 से अगले दिन सुबह 07:12 तक & माघ मास का 21वां दिन और शनि देव की कृपा
विश्वेश्वरानंद जयंती, पंचक, राष्ट्रीय बालिका दिवस, शीतला षष्ठी (बंगाल) में, गंडमूल प्रारंभ & शनिवार होने के कारण शनि देव की विशेष कृपा का संयोग
माघ शुक्ल पक्ष की षष्ठी को शीतला षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। व्रत रखने से संतान पक्ष की ओर से खुशखबरी और अनंत सौभाग्य की प्राप्ति होती है। जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति कि इच्छा है उन्हें यह व्रत अवश्य रखना चहिए। शास्त्रों के अनुसार, शीतला माता को ठंडी चीजों से लगाव है। इसलिए उन्हें ठंडी चीजों का भोग लगता है। शीतला षष्ठी से एक दिन पहले पकवान बनाए जाते हैं और अगले दिन जल्दी उठकर पूजा के बाद देवी मां को बांसी और ठंडा खाने का भोग अर्पित किया जाता है और व्रती भी वही खाना खाते हैं। एक दिन पहले भोग बनाना सम्भव ना हो तो सुबह जल्दी उठकर पकवान बनाकर शाम को पूजा की जा सकती है।
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 32 से 6 बजकर 23 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से दोपहर 1 बजकर 13 मिनट तक
उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र – 24 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक
शिव योग – 24 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक
24 जनवरी 2026 व्रत-त्यौहार- शीतला षष्ठी व्रत.

25 जनवरी 2026 : ज्योतिषशास्त्र में केतु को आध्यात्म, मोह माया से मुक्त और वैराग्य का कारक माना गया है। यूं तो राहु और केतु छाया ग्रह हैं लेकिन इनका प्रभाव जातकों पर सटीक तौर से पड़ता है। जिस प्रकार सभी ग्रह 12 राशियों में गोचर करते हैं और 27 नक्षत्रों में गोचर करते हैं, ठीक इसी प्रकार ग्रह नक्षत्र पद में भी गोचर करते हैं। आपको बता दें कि हर नक्षत्र के चार पद होते हैं, जिन्हें चरण भी कहा जाता है। इस समय केतु सिंह राशि, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे पद में गोचर हैं और 25 जनवरी 2026 को पूर्वाफाल्गुनी के पहले पद में गोचर करेंगे। ये नक्षत्र शुक्र का है। माना जा रहा है कि केतु के नक्षत्र पद से कुछ राशियों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि अधिक सोचने वाला ही डिप्रेशन में पहुंचता है. इस लिए लगातार नाम-जप करिए और मन को सोचने का समय ही मत दीजिए . नेगेटिव थिंकिग और ओवर थिंकिंग को नाम-जप के द्वारा ही रोका जा सकता है. जब हमारे पाप नष्ट हो जाएंगे तो मन पाप, निर्मल और स्थिर हो जाता है. जैसे-जैसे पाप बढ़ते हैं वैसे-वैसे मन चंचल अशांत और खिन्न रहता है. हमें नाम-जप के द्वारा अपने पापों का नाश करना है. नाम-जप के द्वारा ओवर थिंकिंग को रोकना है और नाम-जप के द्वारा ही नकारात्मक विचारों से दूर रहकर आनंदित रहना है. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि नाम-जप हर मर्ज की दवा है. उन्होंने कहा कि आपको जो नाम प्रिय हो उसे ही पकड़ लो. जब भी मन उल्टा-सीधा सोचना शुरू करे आप नाम-जप करना शुरू कर दो. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप ऐसा कर के देख लो क्योंकि इसमें पैसा तो लगता नहीं है.
एक अन्य श्रद्धालु ने पूछा कि सूक्ष्म अहंकार पर कैसे विजय प्राप्त कर सकते हैं. सबको भगवत भाव से प्रणाम करने से अहंकार समाप्त हो जाता है. जब हम अपने को तिनके से भी नीचा मानेंगे तो अहंकार की भावना समाप्त हो जाएगी. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम सेवक हैं और भगवान स्वामी ये मानकर नाम-जप करें. दूसरा उपाय बताते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अपने गुरू को परम ब्रह्म मानते हुए उनकी आज्ञा के अनुसार साधना करने से भी अहंकार नष्ट हो जाएगा.