30 मई का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है. विनायक चतुर्थी पर गणेश जी को जल अर्पित करें और फिर दूर्वा से हल्दी लेप लगाएं. मान्यता है इससे शुभ कार्य में विघ्न नहीं आते और सफलता मिलती है. BY CHANDRA SHEKHAR JOSHI CHIEF EDITOR
भोग के रूप में मोदक और लड्डुओं का भोग लगाएं. पूजा के दौरान “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जप करते रहें.
अन्न, वस्त्र या धन का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं.नन्हें बालक-बालिका को कुछ दे
आज चतुर्थी है, आज शुक्रवार है। अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। आज राहुकाल 10:35 प्रात: से12:19 अपराह्न तक रहेगा। नक्षत्रों की बात करें तो आज पुनर्वसु का योग है। चन्द्रमा आज मिथुन में संचार करेंगे। आज सूर्योदय 5:24 प्रात: और सूर्यास्त 19:14 सायं बजे होगा।
30 मई 2025 को ज्येष्ठ माह का चौथा दिन है। सपंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष तिथि चतुर्थी है। शुक्रवार का दिन है। इस तिथि पर सर्वार्थसिद्धि योग के साथ रवि योग भी रहेगा। सूर्य वृषभ राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। न शुक्रवार के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:51 ए एम से 12:46 पी एम तक रहेगा। इस दिन राहुकाल 10:35 ए एम से 12:19 पी एम तक रहेगा। आज वार के हिसाब से आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं, जो माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। आज विनायक चतुर्थी है, जो भगवान गणेश को समर्पित है
30 मई 2025 पर्व/त्योहार/व्रत
शुक्रवार का व्रत – आज आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं, जो माता लक्ष्मी को समर्पित है।
मासिक विनायक चतुर्थी – मासिक विनायक चतुर्थी हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है और यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु गणपति की पूजा करके विघ्नों की शांति, बुद्धि, ज्ञान और सौभाग्य की कामना करते हैं। मासिक चतुर्थी विशेष रूप से उन भक्तों के लिए फलदायी मानी जाती है जो जीवन में रुकावटें, निर्णय में भ्रम या मानसिक अशांति का अनुभव कर रहे हों। व्रत रखने, गणेश मंत्रों के जाप और लड्डू या दूर्वा अर्पण करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
शुक्रवार के उपाय – शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है। इस दिन कुछ उपाय करके आप अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं। शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें कमल के फूल, सफेद चंदन, और मिठाई अर्पित करें। शुक्रवार के दिन गरीबों को सफेद वस्त्र और दूध दान करना भी लाभदायक होता है। इसके अलावा, शुक्र ग्रह की शांति के लिए शुक्रवार के दिन व्रत रखें और शुक्र ग्रह के मंत्र “ॐ शुक्राय नमः” का जाप करें। इन उपायों को करने से आपको जीवन में सुख-समृद्धि और आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।
विनायक चतुर्थी के उपाय – मासिक विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें, लाल फूल, सिंदूर और मोदक का भोग अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। इस दिन “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से बुद्धि, निर्णय क्षमता और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। संतान सुख, व्यवसाय में बाधा, और पारिवारिक अशांति जैसे कष्टों के निवारण हेतु इस दिन व्रत रखकर गणेश जी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजन के पश्चात गरीबों को भोजन या लड्डू दान करने से पुण्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा को द्रुत गति से बढ़ाएगा 31 मई का यह उपाय: संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ देहरादून
Pushya Nakshatra promotes spiritual intelligence in individuals. It attracts positive energy and enlightenment
31 May 25: शनिवार : बड़ा ही विशेष पुष्य नक्षत्र: इस नक्षत्र की ऊर्जा मानव को प्रभावित करेगी, जिससे उसकी तरक्की, व्यापार में प्रगति, प्रमोशन आदि के योग बनेंगे, करना होगा प्रातः 9,30 पर , खास उपाय:
चंद्रशेखर जोशी संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ ने बताया कि पीठ में भगवान कृष्ण का उपाय कीजिए, उनको यथासंभव प्रसाद, फल फूल, मिष्ठान, वस्त्र, द्रव्य भेट कर
मोर का पंख पीले कपड़े से ढक कर भगवान कृष्ण के चरणों में रख कर प्रार्थना कीजिए “हे कृष्ण मुरारी, मेरे जीवन की बाधाएं हट जाए और मैं जीवन में तरक्की करु”
पीले कपड़े में लपेट कर मोर पंख को वापस प्राप्त कर इसे घर में सुरक्षित पवित्र स्थान पर रख दीजिए
इस दिन किया गया यह उपाय तरक्की के सारे रास्ते खोल देगा:
पुष्य नक्षत्र में पीठ में ग्रह शांति भी कराए, यह दिन श्रेष्ठ है. पुष्य नक्षत्र नक्षत्रों के राजा है. अत शुभ ही शुभ होगा, पुष्य नक्षत्र का शाब्दिक अर्थ होता है उर्जा व शक्ति देने वाला.
पुष्य नक्षत्र को अमरेज्य भी कहा जाता था यानी देवताओं के द्वारा पूजे जाने वाला नक्षत्र
संस्थापक अध्यक्ष बगलामुखी पीठ देहरादून ने बताया कि 31 मई 2025 को पुष्य नक्षत्र रहेगा और यह 30 मई को रात 9:29 बजे शुरू होकर 31 मई को रात 9:07 बजे तक रहेगा. यह नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है और इस दौरान सोना-चांदी खरीदना, नए कार्य शुरू करना आदि शुभ है.
इसके अलावा शीतल षष्ठी भी है, इस दिन को भगवान शिव और पार्वती के ‘मानसून विवाह’ के रूप में भी मनाया जाता है क्योंकि यह मानसून के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। भगवान शिव की कठोर तपस्या गर्मी के मौसम में तीव्र गर्मी की लहर का प्रतीक है। लोग, विशेष रूप से किसान शीतल षष्ठी