31 दिसंबर 2025 बुधवार, रात को माँ बगलामुखी का जाप & सर्वार्थ सिद्धि योग & पौष पुत्रदा एकादशी पारण, कूर्म द्वादशी, मासिक कार्तिगाई, वैकुण्ठ एकादशी, गौण पौष पुत्रदा एकादशी और वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी &

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिहवां कीलय, बुद्धिं विनाशय, ह्लीं ॐ स्वाहा” का जाप

31 दिसंबर 2025 की रात को माँ बगलामुखी का जाप & माँ बगलामुखी के मंत्रों का जाप रात 10 PM से सुबह 4 AM के बीच & जाप शुरू करने से पहले अपनी मनोकामना या उद्देश्य के लिए संकल्प & यह जाप शत्रुओं पर विजय, कानूनी मामलों में सफलता और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगा

बगलामुखी देवी ज्ञान, शक्ति और बुरी शक्तियों को नष्ट करने के लिए प्रसिद्ध हैं। इस मंत्र के माध्यम से भक्त देवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

सकल कार्य सफल होइ” देवी कृपा से सभी कार्य सफल होंगे। , “ना करे तो मृत्युंजय भैरव की आन” का मतलब है कि अगर देवी कृपा नहीं करें, तो मृत्युंजय भैरव की कसम है।

ॐ ह्ल्रीं भयनाशिनी बगलामुखी” देवी बगलामुखी भयानक परिस्थितियों और बुरी शक्तियों को नष्ट करने वाली हैं। “मम सदा कृपा करहि” से भक्त देवी से निरंतर कृपा की प्रार्थना करता है।

बुधवार के उपाय – बुधवार के दिन गणेश मंदिर जाकर गणेशजी को गुड़ का भोग लगाने और 21 दूर्वा चढ़ाने से भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में धन और अन्न की कमी नहीं होती। इस दिन गाय को हरी घास खिलाने से आर्थिक उन्नति और समस्याओं से मुक्ति मिलती है। बुध दोष से मुक्ति के लिए ‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का 108 बार जाप और श्री गणेश को सिंदूर अर्पित करना भी लाभकारी है। इसके अलावा, पन्ना धारण करना चाहिए। ‘ऊं गं गणपतये नम:’ या ‘श्री गणेशाय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। जरूरतमंद को हरी मूंग या हरा कपड़ा दान करना भी बुध ग्रह की कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।

31 दिसंबर, बुधवार का दिन है. आज पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है और आज पौष पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण & बुधवार का दिन है जो कि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन यदि उनका विधि—विधान से पूजन किया जाए तो कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के भी मार्ग खुलते हैं.

पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), पौष | द्वादशी तिथि 01:48 AM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र कृत्तिका 01:30 AM तक उपरांत रोहिणी | साध्य योग 09:13 PM तक, उसके बाद शुभ योग | करण बव 03:27 PM तक, बाद बालव 01:48 AM तक, बाद कौलव | & दिसम्बर 31 बुधवार को राहु 12:29 PM से 01:49 PM तक है |  तिथि – 01:47 ए एम, जनवरी 01 तक पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि। इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। 

 31 दिसंबर 2025 से पौष मास का 27वां दिन है। आज बुधवार का दिन है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा मेष राशि से वृषभ राशि में गोचर करेंगे। आज पौष पुत्रदा एकादशी पारण, कूर्म द्वादशी, मासिक कार्तिगाई, वैकुण्ठ एकादशी, गौण पौष पुत्रदा एकादशी और वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी है।

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