16 मार्च 2026, सोमवार सोम प्रदोष व्रत, शाम 6:14 बजे से पंचक प्रारंभ, दुर्लभ और बेहद शक्तिशाली संयोग ;मंगल, बुध और राहु की तिकड़ी 

पापमोचनी एकादशी व्रत पारण का समय- 16 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 46 मिनट से सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक सूर्योदय-सुबह 6:29 am सूर्यास्त- शाम 6:29 pm

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब राहु (भ्रम का कारक), मंगल (क्रोध और ऊर्जा का प्रतीक) और बुध (बुद्धि के देवता) एक साथ मिलते हैं, तो इंसान की सोचने-समझने की शक्ति पर धुंध छाने लगती है। ग्रह अपना काम करेंगे, लेकिन आपकी सावधानी और संयम ही इस ज्योतिषीय तूफान से आपको सुरक्षित बाहर निकाल सकता है। 11 अप्रैल तक पहले तोलो फिर बोलो की नीति अपनाएं।

चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी, सिद्धार्थि संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), फाल्गुन | द्वादशी तिथि 09:41 AM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र धनिष्ठा 06:22 AM तक उपरांत शतभिषा | शिव योग 09:36 AM तक, उसके बाद सिद्ध योग | करण तैतिल 09:41 AM तक, बाद गर 09:37 PM तक, बाद वणिज | राहु 08:07 AM से 09:37 AM तक है | अभिजीत मुहूर्त – 12:11 PM – 12:59 PM अमृत काल – 07:46 PM – 09:23 PM ब्रह्म मुहूर्त – 05:01 AM – 05:49 AM

आज शिव योग प्रातः 9:37 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग बनेगा। आज का दिन विशेष रूप से सोम प्रदोष व्रत, कैला देवी मेला (करौली, राजस्थान) का शुभारंभ और शाम 6:14 बजे से पंचक प्रारंभ होने के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। 

: 15 मार्च से शुरू होगा मंगल-बुध-राहु का शक्तिशाली संयोग

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