22 मई 2026 (शुक्रवार) को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से आरोग्य और स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभ माना जाता है। सूर्योदय सुबह 05:27 बजे और सूर्यास्त शाम 07:09 बजे होगा। शुक्रवार, 22 मई को ज्येष्ठ माह के अधिक मास की षष्ठी तिथि और अश्लेषा नक्षत्र का संयोग रहेगा। इस दिन चंद्रमा का गोचर कर्क राशि में रहेगा। ऐसे में दूसरी ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 22 मई को… 22 मई 2026, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। यह दिन सुख, समृद्धि, प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतीक

आध्यात्मिक भजन कीर्तन: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि मोहिनी एकादशी का अदभुत संयोग : इस दिन श्री हरि भगवान विष्णु के सुंदर स्त्री रूप की आराधना, कीर्तन, आरती करने से जीवन में सभी सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
26 May 26: Time 4pm,, महामाई पीतांबरा श्री बगलामुखी शक्ति पीठ स्थान बंजारा वाला धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र देहरादून
सपरिवार पधार कर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहे? एकादशी तिथि आरंभ – 26 MAY 2026 – शाम 06:06 बजे एकादशी तिथि समाप्त – 27 MAY, 2026 – शाम 06:15 बजे
मोहिनी एकादशी सबसे शुभ और पवित्र एकादशी में से एक है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन लोग अत्यंत प्रसन्न और आनंदित होते हैं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने मोहिनी एकादशी के इस शुभ दिन पर अप्सरा का रूप धारण किया था ताकि राक्षसों से अमृत कलश प्राप्त कर सकें। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु का मोहिनी अवतार इतना आकर्षक और सुंदर था कि सभी राक्षस इस अप्सरा की ओर आकर्षित हो गए और अपना होश खो बैठे। निर्जला एकादशी के बाद मोहिनी एकादशी सबसे प्रसिद्ध एकादशी में से एक है। इस दिन भगवान की आराधना करने वाले व्यक्ति को जीवन में सभी सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
पुष्य नक्षत्र और शुक्रवार का मेल “शुक्र-पुष्य” योग बना रहा है, जो सुख-समृद्धि के लिए उत्तम है। ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:00 एएम से 04:44 एएम अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:52 एएम से दोपहर 12:47 पीएम राहुकाल (अशुभ)- सुबह 10:37 एएम से दोपहर 12:19 पीएम यमगंड (अशुभ)- दोपहर 03:44 पीएम से शाम 05:27 पीएम गुलिक काल- सुबह 07:10 एएम से 08:54 एएम
शुक्र-पुष्य योग: आज 02:49 ए एम पुष्य नक्षत्र रहेगा। शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र होने से यह लक्ष्मी कृपा पाने के लिए विशेष है। गहने, वाहन या संपत्ति खरीदने के लिए आज का दिन साल के सबसे शुभ दिनों में से एक है।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:47 तक का समय किसी भी बड़े कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है।
शाम 05:54 के बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा, जो कि एक “गण्डमूल” नक्षत्र है। इसके बाद महत्वपूर्ण निर्णयों में सावधानी बरतें। साथ ही राहुकाल (10:37 एएम – 12:19 पीएम) के दौरान शुभ कार्य न करें।
शुक्रवार को सूर्योदय 5 बजकर 27 मिनट पर होगा व सूर्यास्त शाम 7 बजकर 9 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रोदय सुबह 11 बजकर 1 मिनट पर और चंद्रास्त देर रात 12 बजकर 32 मिनट (23 मई) पर होगा। षष्ठी तिथि की बात करें तो यह सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी, हालांकि उदयातिथि (सूर्योदय के समय जो तिथि हो, उसी का पूरे दिन मान होता है) के अनुसार पूरे दिन षष्ठी तिथि का ही मान होगा। अश्लेषा नक्षत्र, शुक्रवार को पूरे दिन रहने के साथ देर रात 2 बजकर 8 मिनट (23 मई) तक रहेगा। बाद में मघा नक्षत्र लग जाएगा। वृद्धि योग सुबह 8 बजकर 19 मिनट तक और तैतिल करण सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। शुक्रवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 4 मिनट से 4 बजकर 46 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। यह समय शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। अशुभ समय की बात करें तो 22 मई को राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक, यमगंड दोपहर 3 बजकर 43 मिनट से शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक फिर दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। वहीं, दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। साथ ही, पूरे दिन गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।